विषय

Science & Technology करेंट अफेयर्स

Science & Technology के नवीनतम करेंट अफेयर्स और सामान्य ज्ञान — UPSC, SSC, बैंकिंग व राज्य PCS के लिए, मुख्य बिंदुओं और परीक्षा तथ्यों के साथ।

अप्रभावी लक्षण फिर से क्यों उभरते हैं?

पुरानी पीढ़ियों के अप्रभावी लक्षण आनुवंशिकी के सिद्धांतों के कारण अचानक एक व्यक्ति में फिर से उभर सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति अधिकांश genes की दो प्रतियाँ विरासत में प्राप्त करता है, एक प्रत्येक माता-पिता से। अप्रभावी alleles तभी व्यक्त होते हैं जब दो प्रतियाँ मौजूद हों। एक अप्रभावी और एक प्रभावी allele वाला व्यक्ति 'carrier' होता है और लक्षण प्रदर्शित नहीं करता है। यदि दो carriers का एक बच्चा होता है, तो संभावना है कि दोनों माता-पिता अपने अप्रभावी allele को पारित कर दें, जिससे बच्चे को दो प्रतियाँ विरासत में मिलें और इस प्रकार लक्षण व्यक्त हो। यह घटना अंडे और शुक्राणु के निर्माण के दौरान genes के यादृच्छिक फेरबदल और वितरण द्वारा नियंत्रित होती है।

  • अप्रभावी लक्षण तभी व्यक्त होते हैं जब कोई व्यक्ति अप्रभावी allele की दो प्रतियाँ विरासत में प्राप्त करता है।
  • एक 'carrier' में एक अप्रभावी और एक प्रभावी allele होता है, जो लक्षण का कोई संकेत नहीं दिखाता है।
  • अप्रभावी लक्षण तब फिर से उभरते हैं जब दो carrier माता-पिता अपने अप्रभावी alleles को अपने बच्चे को देते हैं।
21 जून 2026 और पढ़ें

खेती के उदय से पहले भी प्लेग घातक था

वैज्ञानिकों ने साइबेरिया में Lake Baikal के पास 5,500 साल पहले के शिकारी-संग्राहकों के बीच प्लेग के प्रकोप के सबूतों का पता लगाया है। यह खोज इस लंबे समय से चली आ रही धारणा को चुनौती देती है कि प्लेग केवल तभी एक बड़ा खतरा बन गया जब मनुष्य घनी, भीड़भाड़ वाली कृषि समुदायों में रहने लगे। टीम ने प्राचीन DNA का विश्लेषण किया, जिसमें 39% की संक्रमण दर का अनुमान लगाया गया। दिलचस्प बात यह है कि प्राचीन प्लेग स्ट्रेन में flea-borne transmission के लिए आवश्यक विशिष्ट genes की कमी थी, जिससे पता चलता है कि यह बीमारी इस प्रागैतिहासिक काल के दौरान सीधे व्यक्ति से व्यक्ति में फैली थी, जो बाद के प्रकोपों की तुलना में एक अलग संचरण तंत्र का संकेत देती है।

  • सबूत बताते हैं कि 5,500 साल पहले साइबेरिया में शिकारी-संग्राहकों के बीच प्लेग का प्रकोप हुआ था।
  • यह इस पारंपरिक दृष्टिकोण को चुनौती देता है कि प्लेग केवल घनी कृषि समुदायों के साथ एक बड़ा खतरा बन गया।
  • प्राचीन DNA विश्लेषण से प्रागैतिहासिक आबादी में 39% की अनुमानित संक्रमण दर का पता चला।
21 जून 2026 और पढ़ें

जापान के 2011 के भूकंप में नया भूकंपीय खतरा देखा गया

वैज्ञानिकों ने 2011 के जापान भूकंप के बाद एक नए भूकंपीय खतरे की पहचान की है। मुख्य झटके के पंद्रह मिनट बाद, पूरे जापान में जमीन 6 mm तक पूर्व की ओर खिसक गई। satellite डेटा का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि यह गति ScS waves द्वारा ट्रिगर की गई थी। ये भूकंपीय तरंगें भूकंप के स्रोत से नीचे की ओर यात्रा करती हैं, ग्रह के कोर से टकराकर वापस सतह पर आती हैं, और लगभग एक साथ जापान की tectonic plate boundaries से टकराती हैं। यह खोज भूकंप के प्रभावों और खतरों को समझने में एक नया आयाम जोड़ती है।

  • 2011 के जापान भूकंप के बाद जापान में एक नया भूकंपीय खतरा पहचाना गया।
  • मुख्य झटके के 15 मिनट बाद, पूरे जापान में जमीन 6 mm तक पूर्व की ओर खिसक गई।
  • यह गति ScS waves द्वारा ट्रिगर की गई थी, जो पृथ्वी के कोर से होकर यात्रा करती हैं।
21 जून 2026 और पढ़ें

Microsoft ने AI agents के लिए pay-as-you-go मॉडल पेश किया

Microsoft ने अपने AI agents के लिए pay-as-you-go मॉडल पेश किया है, जो पारंपरिक fixed software subscriptions से उपयोग-आधारित मूल्य निर्धारण की ओर बढ़ रहा है। यह कदम AI सेवाओं को cloud computing के अर्थशास्त्र के साथ संरेखित करता है, जहाँ ग्राहक संसाधनों का उपभोग करने के साथ-साथ उनके लिए भुगतान करते हैं। कंपनी का लक्ष्य कर्मचारियों के बीच अत्यधिक परिवर्तनशील AI उपयोग और flat monthly fees के बीच बेमेल को संबोधित करना है, जिससे ग्राहकों को बड़ी प्रतिबद्धताओं के बिना प्रयोग करने की अनुमति मिलती है। लचीलापन प्रदान करते हुए, यह मॉडल अप्रत्याशित लागतों को भी जन्म दे सकता है, जो cloud computing उपयोगकर्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली एक चुनौती है। Azure के metered consumption मॉडल के साथ Microsoft का अनुभव इस संक्रमण के लिए इसे अच्छी स्थिति में रखता है।

  • Microsoft अपने AI agent billing को fixed subscriptions से pay-as-you-go मॉडल में बदल रहा है।
  • नई मूल्य निर्धारण रणनीति cloud computing के उपभोग-आधारित अर्थशास्त्र के साथ संरेखित है।
  • यह मॉडल एक संगठन के भीतर विभिन्न उपयोगकर्ताओं के बीच AI उपयोग में परिवर्तनशीलता को संबोधित करता है।
21 जून 2026 और पढ़ें

IIT-दिल्ली के अध्ययन में पाया गया कि मानवीय गतिविधियाँ भारत के 'असामान्य' मौसम का कारण हैं

IIT-दिल्ली और KSMDB College Kollam द्वारा Environmental Research Letters में प्रकाशित एक नए अध्ययन में निर्णायक सबूत मिले हैं कि मानवीय गतिविधि भारत में लगातार बढ़ती केंद्रित वर्षा और हिंसक बाढ़ का प्राथमिक कारण है। शोधकर्ताओं ने मानवीय प्रभाव को प्राकृतिक विविधताओं से अलग करने के लिए 1905 से 2014 तक के वर्षा डेटा पर 'fingerprinting' तकनीक का उपयोग किया। अध्ययन में पाया गया कि greenhouse gas forcing भारत के मुख्य मानसून क्षेत्र, विशेष रूप से पश्चिम मध्य भारत में अत्यधिक वर्षा का एक प्रमुख चालक है। यह भी चेतावनी दी गई है कि जैसे-जैसे वायु प्रदूषण कम होगा, greenhouse gas warming की 'अनावृत' पूर्ण शक्ति से अत्यधिक वर्षा की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है।

  • मानवीय गतिविधि, विशेष रूप से greenhouse gas forcing, को भारत में अत्यधिक वर्षा का प्राथमिक चालक बताया गया है।
  • 'fingerprinting' तकनीक ने El Niño जैसे प्राकृतिक मौसम चक्रों से मानव-प्रेरित परिवर्तनों को अलग करने में मदद की।
  • गर्म करने वाली greenhouse gases और ठंडा करने वाले aerosols के बीच एक प्रतिस्पर्धा वर्षा के पैटर्न को प्रभावित करती है, खासकर पश्चिम मध्य भारत में।
21 जून 2026 और पढ़ें

रेफरी का कैम: नई कैमरा तकनीक के साथ फुटबॉल रेफरी में सुधार

यह लेख संभवतः वर्तमान विश्व कप में "रेफरी के कैम" तकनीक की शुरूआत और प्रभाव की पड़ताल करता है, जो फुटबॉल रेफरी और खेल पर एक नया दृष्टिकोण प्रदान करता है। यह संभवतः चर्चा करता है कि ये पहनने योग्य कैमरे रेफरी के दृष्टिकोण से वास्तविक समय, प्रथम-व्यक्ति दृश्य कैसे प्रदान करते हैं, पारदर्शिता बढ़ाते हैं, निर्णय लेने में सहायता करते हैं और दर्शकों को एक immersive अनुभव प्रदान करते हैं। यह लेख तकनीकी पहलुओं, जैसे कैमरा विनिर्देशों और डेटा ट्रांसमिशन, और संभावित लाभों और चुनौतियों, जिसमें गोपनीयता संबंधी चिंताएँ, डेटा अधिभार और मौजूदा VAR प्रणालियों के साथ एकीकरण शामिल हैं, पर गहराई से विचार कर सकता है। यह इस बात पर प्रकाश डालता है कि प्रौद्योगिकी लगातार खेलों को कैसे बदल रही है।

  • वर्तमान World Cup में पेश की गई "रेफरी का कैम" तकनीक, अधिकारी के दृष्टिकोण से खेल का एक अनूठा प्रथम-व्यक्ति परिप्रेक्ष्य प्रदान करती है।
  • इस नवाचार का उद्देश्य रेफरी में पारदर्शिता बढ़ाना और निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त दृश्य डेटा प्रदान करना है।
  • यह तकनीक प्रशंसकों के लिए एक immersive देखने का अनुभव प्रदान करती है, उन्हें ऑन-फील्ड कार्रवाई के करीब लाती है।
20 जून 2026 और पढ़ें

ड्रोन, तकनीक, यूरोपीय समर्थन: संघर्ष में यूक्रेन का लचीलापन

यह लेख संभवतः जाँच करता है कि यूक्रेन ने एक बड़े विरोधी के खिलाफ अपनी रक्षा को कैसे बनाए रखा है और यहां तक कि सामरिक लाभ भी प्राप्त किया है, इसके लचीलेपन को ड्रोन के अभिनव उपयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी और यूरोपीय राष्ट्रों से महत्वपूर्ण समर्थन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यह संभवतः यूक्रेन द्वारा ड्रोन युद्ध को तेजी से अपनाने, स्वदेशी तकनीकी समाधानों के विकास और पश्चिमी सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी के प्रभावी एकीकरण पर चर्चा करता है। यह लेख आधुनिक युद्ध में तकनीकी श्रेष्ठता के रणनीतिक महत्व, अंतर्राष्ट्रीय गठबंधनों के प्रभाव और दबाव में अनुकूलन और नवाचार करने की यूक्रेन की क्षमता पर प्रकाश डाल सकता है, जो संघर्ष की गतिशीलता में एक नया प्रतिमान प्रदर्शित करता है।

  • यूक्रेन की एक बड़े विरोधी का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने की क्षमता को ड्रोन और उन्नत प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है।
  • यूरोपीय राष्ट्रों से महत्वपूर्ण सैन्य और वित्तीय समर्थन यूक्रेन के रक्षा प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
  • संघर्ष आधुनिक सैन्य रणनीतियों में तकनीकी श्रेष्ठता, विशेष रूप से ड्रोन युद्ध में, के बढ़ते महत्व को उजागर करता है।
20 जून 2026 और पढ़ें

Accenture का पूर्वानुमान भारतीय IT क्षेत्र के लिए कठिन समय का संकेत देता है

यह लेख संभवतः Accenture के हालिया वित्तीय पूर्वानुमानों या प्रदर्शन रिपोर्टों के भारतीय IT सेवा क्षेत्र के लिए निहितार्थों का विश्लेषण करता है। यह संभवतः सुझाव देता है कि Accenture जैसे वैश्विक IT दिग्गज से एक सतर्क दृष्टिकोण भारतीय IT कंपनियों के लिए संभावित बाधाओं का संकेत देता है, जिसमें धीमी वृद्धि, कम ग्राहक खर्च और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा शामिल है। यह लेख वैश्विक आर्थिक मंदी, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और IT सेवाओं की मांग को प्रभावित करने वाले प्रौद्योगिकी अपनाने में बदलाव (जैसे AI एकीकरण) जैसे कारकों पर चर्चा कर सकता है। यह भारतीय IT फर्मों के लिए नवाचार करने, अपने कार्यबल को पुनः कुशल बनाने और इन चुनौतीपूर्ण समय से निपटने के लिए विशिष्ट, उच्च-मूल्य वाली सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाल सकता है।

  • Accenture का हालिया वित्तीय दृष्टिकोण भारतीय IT सेवा क्षेत्र के लिए धीमी वृद्धि और बढ़ी हुई चुनौतियों की अवधि का सुझाव देता है।
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ और कम ग्राहक खर्च सतर्क भावना में योगदान करने वाले प्रमुख कारक हैं।
  • भारतीय IT उद्योग को AI और स्वचालन के तेजी से एकीकरण सहित विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्यों के अनुकूल होने की आवश्यकता है।
20 जून 2026 और पढ़ें

जलवायु लक्ष्यों के लिए मुख्य बाधाएँ: भारत के लिए विद्युतीकरण की चुनौतियाँ

यह व्याख्यात्मक लेख संभवतः भारत द्वारा अपने जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों का विवरण देता है, विशेष रूप से विभिन्न क्षेत्रों में विद्युतीकरण की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करता है। यह संभवतः बताता है कि परिवहन, उद्योग और घरों में जीवाश्म ईंधन से बिजली में संक्रमण डीकार्बोनाइजेशन के लिए कैसे महत्वपूर्ण है, लेकिन इसमें immense hurdles हैं। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और चार्जिंग बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश की आवश्यकता शामिल है। यह लेख socio-economic implications पर भी बात कर सकता है, जैसे स्वच्छ ऊर्जा तक समान पहुँच सुनिश्चित करना और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्रों पर प्रभाव का प्रबंधन करना, इस ऊर्जा संक्रमण की जटिलता पर जोर देना।

  • परिवहन, उद्योग और घरों में विद्युतीकरण भारत के लिए अपने जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण लेकिन चुनौतीपूर्ण मार्ग है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विस्तार करने और बिजली ग्रिड का आधुनिकीकरण करने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता है।
  • विद्युतीकरण का समर्थन करने के लिए मजबूत ऊर्जा भंडारण समाधान और व्यापक चार्जिंग बुनियादी ढाँचा विकसित करना आवश्यक है।
20 जून 2026 और पढ़ें

भारत की ड्रोन रणनीति खरीद से हटकर रणनीतिक साझेदारी और स्वदेशी विकास की ओर बढ़ रही है

ड्रोन के लिए भारत की रक्षा और सुरक्षा रणनीति केवल तैयार प्रणालियों की खरीद से हटकर सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने की ओर विकसित हो रही है। इस बदलाव का उद्देश्य स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाना, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करना और विशिष्ट परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप ड्रोन प्रौद्योगिकी को तैयार करना है। यह लेख संभवतः प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, संयुक्त उद्यमों और एक मजबूत ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ सहयोग के महत्व पर जोर देता है। यह दृष्टिकोण सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, निगरानी क्षमताओं में सुधार और कृषि और रसद जैसे विभिन्न नागरिक अनुप्रयोगों के लिए ड्रोन का लाभ उठाने के लिए महत्वपूर्ण है।

  • भारत अपनी ड्रोन अधिग्रहण रणनीति को सीधी खरीद से हटाकर सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की ओर स्थानांतरित कर रहा है।
  • इस बदलाव का उद्देश्य स्वदेशी ड्रोन विनिर्माण को बढ़ावा देना, आयात निर्भरता को कम करना और विशिष्ट रक्षा आवश्यकताओं के लिए प्रौद्योगिकी को अनुकूलित करना है।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, संयुक्त उद्यमों और भारतीय तथा अंतर्राष्ट्रीय रक्षा फर्मों के बीच सहयोग पर जोर दिया गया है।
20 जून 2026 और पढ़ें

भारत का ऊर्जा क्षेत्र: उच्चतम मांग, नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियाँ

भारत आर्थिक विकास और औद्योगीकरण के कारण अभूतपूर्व बिजली की मांग का अनुभव कर रहा है। यह लेख संभवतः इस मांग को पूरा करने और जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर सरकार के आक्रामक जोर को उजागर करता है। यह संभवतः ग्रिड एकीकरण, पारेषण बुनियादी ढाँचे और सुचारु परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊर्जा भंडारण में चुनौतियों पर चर्चा करता है। ध्यान पारंपरिक बिजली उत्पादन को बढ़ती नवीकरणीय क्षमता के साथ संतुलित करने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने पर है, साथ ही डिस्कॉम के वित्तीय स्वास्थ्य को संबोधित करने और अंतिम-मील कनेक्टिविटी में सुधार करने पर भी है।

  • भारत रिकॉर्ड-उच्च बिजली की मांग देख रहा है, जिसके लिए उत्पादन और पारेषण क्षमताओं में महत्वपूर्ण विस्तार की आवश्यकता है।
  • देश ऊर्जा मांगों को पूरा करने और जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, विशेष रूप से सौर और पवन को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रहा है।
  • चुनौतियों में राष्ट्रीय ग्रिड में रुक-रुक कर चलने वाली नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करना और कुशल बिजली निकासी के लिए पारेषण बुनियादी ढाँचे को उन्नत करना शामिल है।
20 जून 2026 और पढ़ें

भारत की जनगणना के दबाव: जनगणना कर्मियों के सामने चुनौतियाँ

भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना, जो 2027 में निर्धारित है, अपने Houselisting and Housing Operations (HLO) चरण के दौरान महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रही है। जनगणना कर्मी, जिनमें अधिकतर सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं, अत्यधिक गर्मी, खराब मोबाइल कनेक्टिविटी, सुरक्षा संबंधी चिंताएँ और निवासियों से शत्रुता, विशेषकर ऊंची इमारतों में, जैसी समस्याओं की रिपोर्ट कर रहे हैं। डिजिटल डिवाइड डेटा संग्रह को प्रभावित करता है, कई लोग नेटवर्क समस्याओं के कारण कागज़ पर रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। पर्यवेक्षकों द्वारा डेटा को संपादित करने का दबाव भी है, विशेष रूप से स्वच्छता, बिजली और LPG कनेक्शन के संबंध में, ताकि सरकारी योजना के लक्ष्यों के साथ संरेखित किया जा सके। 2021 से विलंबित यह अभ्यास नीति नियोजन के लिए महत्वपूर्ण है, जिसका दूसरा चरण जाति डेटा एकत्र करने के लिए निर्धारित है।

  • भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना, Census 2027, अपने प्रारंभिक Houselisting and Housing Operations (HLO) चरण के दौरान महत्वपूर्ण परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है।
  • जनगणना कर्मियों को अत्यधिक मौसम की स्थिति, खराब मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी, सुरक्षा संबंधी चिंताएँ और शहरी तथा ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निवासियों से प्रतिरोध जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
  • डिजिटल डिवाइड डेटा संग्रह को प्रभावित करता है, क्योंकि जनगणना कर्मी अक्सर ऐप क्रैश और अविश्वसनीय नेटवर्क पहुँच के कारण, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, मैन्युअल रिकॉर्डिंग का सहारा लेते हैं।
20 जून 2026 और पढ़ें

केरल का निपाह जोखिम प्रोफाइल: आवर्ती स्पिलओवर और प्रभावी प्रतिक्रिया रणनीतियों को समझना

केरल को निपाह वायरस (NiV) से बार-बार खतरा होता है, जिसमें 2018 से कई स्पिलओवर घटनाएं हुई हैं। Indian flying fox bat को प्राकृतिक जलाशय के रूप में पहचाना गया है, और राज्य के अद्वितीय पारिस्थितिक, जनसांख्यिकीय और जलवायु कारक, मानव-वन्यजीव इंटरफेस में वृद्धि के साथ मिलकर, इसे विशेष रूप से कमजोर बनाते हैं। लेख केरल की मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया का विवरण देता है, जिसमें तेजी से पहचान, रोकथाम, मजबूत निदान और सामुदायिक जागरूकता अभियान शामिल हैं। आवर्ती जोखिम के बावजूद, केरल की स्वास्थ्य प्रणाली ने प्रकोपों ​​के प्रबंधन में लचीलापन दिखाया है, जिसमें मानव-से-मानव संचरण को रोकने और चमगादड़-मानव संपर्क को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

  • केरल में बार-बार Nipah virus spillovers होते हैं, जिसमें Indian flying fox bat को प्राकृतिक जलाशय के रूप में पहचाना गया है।
  • राज्य का उच्च जनसंख्या घनत्व, जैव विविधता और मानव-वन्यजीव इंटरफेस इसे जूनोटिक रोगों के प्रति संवेदनशील बनाता है।
  • Nipah spillover का जोखिम अप्रैल और सितंबर के बीच चरम पर होता है, जो चमगादड़ के चारागाह और प्रजनन के मौसम के साथ मेल खाता है।
19 जून 2026 और पढ़ें

भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और Viksit Bharat के लिए नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए

लेख भारत की अभूतपूर्व नवाचार क्षमता पर जोर देता है, जो भारतीय मूल के प्रौद्योगिकी नेताओं द्वारा प्रमाणित है, लेकिन "Bharat Innovates 2026" के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। यह तर्क देता है कि जबकि frontier AI या semiconductor प्रौद्योगिकी को बलपूर्वक विकसित करना चुनौतीपूर्ण है, भारत एक AI परिनियोजन महाशक्ति बन सकता है और अंतरिक्ष, रक्षा और सामग्री विज्ञान जैसे deep tech क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। इसे प्राप्त करने के लिए, भारत को पूंजी और प्रतिभा के लिए एक स्थिर और आकर्षक घर होना चाहिए। इसके लिए rent-seeking पर लगाम लगाने, पारदर्शी venture capital, स्पष्ट कर नीतियों और स्वच्छ हवा, शहरी हरे-भरे स्थानों और किफायती सार्वजनिक परिवहन जैसे सार्वजनिक वस्तुओं में निवेश की आवश्यकता है। राजनीतिक पूंजी के साथ इन "जिद्दी समस्याओं" को संबोधित करना वास्तव में एक अभिनव पारिस्थितिकी तंत्र बनाने और Viksit Bharat के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण है।

  • भारत में नवाचार के लिए महत्वपूर्ण क्षमता है, विशेष रूप से deep tech और AI परिनियोजन में, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए महत्वपूर्ण है।
  • एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए rent-seeking, अपारदर्शी venture capital और अस्पष्ट कर नीतियों जैसे प्रणालीगत मुद्दों को संबोधित करने की आवश्यकता है।
  • शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए स्वच्छ हवा, शहरी बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन जैसी सार्वजनिक वस्तुओं में निवेश की आवश्यकता है।
18 जून 2026 और पढ़ें

अमेरिका ने Elon Musk के AI टूल Grok के ईरान के खिलाफ हमलों में इस्तेमाल की पुष्टि की

संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार ने एक कानूनी ब्रीफिंग में खुलासा किया कि Elon Musk के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल, Grok, का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों में किया गया था। यह खुलासा Musk की कंपनी xAI से संबंधित एक विशाल डेटा सेंटर द्वारा उपयोग किए जाने वाले गैस टर्बाइनों के बचाव के दौरान हुआ, जो एक पर्यावरणीय मुकदमे का सामना कर रहा है। Department of Justice ने तर्क दिया कि डेटा सेंटर की बिजली बंद करने से सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाले AI नवाचार में बाधा डालकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होगा। पेंटागन के AI प्रमुख Cameron Stanley ने शपथ के तहत गवाही दी कि Grok को Project Maven, अमेरिकी सेना के AI-सहायता प्राप्त लक्ष्यीकरण कार्यक्रम में एकीकृत किया गया है, जिसने Operation Epic Fury के दौरान 96 घंटों के भीतर 2,000 से अधिक munitions को विशिष्ट लक्ष्यों पर तैनात करने में सक्षम बनाया।

  • Elon Musk के AI टूल, Grok, जिसे xAI द्वारा विकसित किया गया है, को अमेरिकी सरकार द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों में इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि की गई है।
  • अमेरिकी Department of Justice ने एक पर्यावरणीय मुकदमे के खिलाफ xAI के डेटा सेंटर का बचाव करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया।
  • Grok को Project Maven, अमेरिकी सेना के AI-सहायता प्राप्त लक्ष्यीकरण कार्यक्रम में एकीकृत किया गया है, जिससे परिचालन दक्षता बढ़ी है।
18 जून 2026 और पढ़ें

US-भारत संबंध तनावपूर्ण होने पर भारत अमेरिकी एकतरफावाद का सामना कर रहा है

लेख का तर्क है कि भारत "America First" नीति के तहत अमेरिकी एकतरफावाद का अनुभव कर रहा है, जहां अमेरिका बिना किसी समान लाभ के अधीनता की मांग करता है। ऐतिहासिक रूप से, देशों ने रणनीतिक स्वायत्तता के बदले सुरक्षा, बाजार पहुंच और प्रौद्योगिकी के लिए अमेरिका के साथ साझेदारी की। हालांकि, Trump प्रशासन का दृष्टिकोण, AI प्रौद्योगिकियों पर विस्तारित निर्यात नियंत्रण और ईरान संघर्ष में भारतीय चिंताओं की उपेक्षा की विशेषता, आधिपत्य के बिना प्रभुत्व की ओर एक बदलाव को दर्शाता है। यह द्विदलीय अमेरिकी आम सहमति, जहां सरासर शक्ति केंद्र में आती है, अमेरिकी साझेदारियों को बनाए रखने और छोड़ने के लिए महंगा बनाती है, भारत से रणनीतिक स्वायत्तता को प्राथमिक यथार्थवाद के रूप में पहचानने का आग्रह करती है।

  • भारत "America First" नीति के तहत अमेरिकी एकतरफावाद का सामना कर रहा है, जो बिना किसी पारस्परिक लाभ के अमेरिकी प्रभुत्व को प्राथमिकता देता है।
  • अमेरिका से सुरक्षा और आर्थिक लाभ के लिए रणनीतिक स्वायत्तता का पारंपरिक सौदा खत्म हो रहा है।
  • अमेरिकी कार्रवाई, जैसे AI प्रौद्योगिकियों पर निर्यात नियंत्रण और ईरान संघर्ष में भारतीय चिंताओं की उपेक्षा, इस एकतरफा दृष्टिकोण का उदाहरण है।
17 जून 2026 और पढ़ें

GRAPES-3 टेलीस्कोप पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल और सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र की निगरानी के लिए Cosmic Rays को ट्रैक करता है

मुंबई, कोच्चि और जापान के शोधकर्ताओं ने ऊटी, तमिलनाडु में GRAPES-3 टेलीस्कोप का उपयोग यह ट्रैक करने के लिए किया है कि पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल का तापमान और सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र muons—अंतरिक्ष से आने वाले उप-परमाणु कणों—को कैसे प्रभावित करते हैं। 22 वर्षों के डेटा का विश्लेषण करके, उन्होंने उच्च सटीकता के साथ वास्तविक समय में इन परिवर्तनों की निगरानी के लिए एक विधि विकसित की। GRAPES-3 टेलीस्कोप एक muon डिटेक्टर के रूप में कार्य करता है, जो उच्च-ऊर्जा muons की पहचान करता है जो तब बनते हैं जब Cosmic Rays ऊपरी वायुमंडल से टकराती हैं। इसकी अनूठी डिजाइन, जिसमें आनुपातिक काउंटरों और मोटी कंक्रीट परतों के साथ 16 स्वतंत्र मॉड्यूल शामिल हैं, इसे पृथ्वी को प्रभावित करने वाली अदृश्य Cosmic शक्तियों का मानचित्रण करने में सक्षम बनाती है।

  • GRAPES-3 टेलीस्कोप का उपयोग पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल के तापमान और सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र के muons पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।
  • शोधकर्ताओं ने 22 वर्षों के डेटा का उपयोग करके वास्तविक समय में इन परिवर्तनों की निगरानी के लिए एक उच्च-सटीकता विधि विकसित की है।
  • टेलीस्कोप ऊटी, तमिलनाडु में स्थित है, और एक muon डिटेक्टर के रूप में कार्य करता है, न कि एक पारंपरिक प्रकाश टेलीस्कोप के रूप में।
17 जून 2026 और पढ़ें

प्रौद्योगिकी और नवाचार भारत-फ्रांस रणनीतिक अभिसरण को बढ़ावा देते हैं, द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार करते हैं

भारत और फ्रांस अपनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा कर रहे हैं, जिसमें प्रौद्योगिकी और नवाचार प्रमुख चालक के रूप में उभर रहे हैं, जैसा कि G7 Summit और अन्य आयोजनों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति Macron के बीच हाल की बैठकों से उजागर हुआ है। "India-France Year of Innovation 2026" साइबरस्पेस, Artificial Intelligence (AI), स्वास्थ्य सेवा, सतत विकास और अंतरिक्ष जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जबकि रक्षा और परमाणु सहयोग जैसे पारंपरिक क्षेत्र मजबूत बने हुए हैं, ध्यान उन्नत प्रौद्योगिकियों के सह-डिजाइन और सह-उत्पादन की ओर स्थानांतरित हो रहा है, जिसमें small modular reactors और human spaceflight शामिल हैं। इस रणनीतिक अभिसरण का उद्देश्य फ्रांस की तकनीकी क्षमता और भारत के बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाना है, जिससे एक मजबूत साझेदारी को बढ़ावा मिले जो वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय सहयोग, जिसमें अफ्रीका भी शामिल है, तक फैली हुई है।

  • प्रौद्योगिकी और नवाचार भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक अभिसरण को बढ़ावा देने वाले नए स्तंभ हैं।
  • "India-France Year of Innovation 2026" AI, साइबरस्पेस, स्वास्थ्य सेवा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • यह साझेदारी पारंपरिक रक्षा और परमाणु सहयोग से आगे बढ़कर उन्नत प्रौद्योगिकियों के सह-डिजाइन और सह-उत्पादन को शामिल करती है।
16 जून 2026 और पढ़ें

भारत और स्लोवाकिया ने कई MoUs के साथ द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार किया, रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई

भारत और स्लोवाकिया ने रक्षा, श्रम गतिशीलता, शिक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों सहित प्रमुख क्षेत्रों में कई Memoranda of Understanding (MoUs) पर हस्ताक्षर करके अपने द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण विस्तार किया है। संयुक्त बयान में एक "व्यापक साझेदारी" पर जोर दिया गया, जिसमें स्लोवाकिया ने UNSC में भारत की स्थायी सीट और Nuclear Suppliers Group में इसकी सदस्यता के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। रक्षा और सुरक्षा सहयोग को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में पहचाना गया है, जिसमें रक्षा प्रौद्योगिकियों, औद्योगिक सहयोग, क्षमता निर्माण और R&D में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक Letter of Intent पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर एक MoU का उद्देश्य AI, semiconductors, start-ups, IoT और 6G standardization में सहयोग को गहरा करना है।

  • भारत और स्लोवाकिया ने रक्षा, श्रम गतिशीलता, शिक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों में MoUs के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार किया।
  • स्लोवाकिया UNSC में भारत की स्थायी सीट और Nuclear Suppliers Group (NSG) की सदस्यता का समर्थन करता है।
  • रक्षा और सुरक्षा सहयोग एक प्रमुख स्तंभ है, जिसमें रक्षा प्रौद्योगिकियों और R&D में सहयोग के लिए एक Letter of Intent पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
16 जून 2026 और पढ़ें

पहला वैश्विक मानचित्र arbuscular mycorrhizal (AM) कवक के विशाल भूमिगत नेटवर्क का खुलासा करता है।

Science में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने पृथ्वी पर arbuscular mycorrhizal (AM) कवक के विशाल भूमिगत नेटवर्क का पहला वैश्विक मानचित्र का अनावरण किया है। यह नेटवर्क, जो लाखों वर्षों से पौधों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, अनुमानित 110 क्वाड्रिलियन किमी तक फैला हुआ है और इसका वजन लगभग 300 मिलियन टन कार्बन है। 70% पौधों की प्रजातियों के साथ सहजीवी संबंध बनाते हुए, AM कवक सालाना लगभग 4 बिलियन टन CO2-समतुल्य को अलग करता है, जो मानव-संबंधित कार्बन उत्सर्जन का लगभग 11% है। अध्ययन ने जैव विविधता हॉटस्पॉट की भी पहचान की, जैसे दक्षिण सूडान में घास के मैदान, तिब्बती पठार और भारत के बन्नी घास के मैदान, जिनमें दुनिया के AM कवक नेटवर्क का 40% हिस्सा है। हालांकि, ये महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र फसल भूमि में रूपांतरण के कारण अत्यधिक जोखिम में हैं, जिससे कवक घनत्व काफी कम हो जाता है।

  • arbuscular mycorrhizal (AM) कवक का पहला वैश्विक मानचित्र पौधों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण एक विशाल भूमिगत नेटवर्क का खुलासा करता है।
  • यह नेटवर्क 110 क्वाड्रिलियन किमी तक फैला हुआ है और लगभग 300 मिलियन टन कार्बन को अलग करता है।
  • AM कवक 70% पौधों की प्रजातियों के साथ सहजीवी संबंध बनाते हैं, सालाना 4 बिलियन टन CO2-समतुल्य को अलग करते हैं।
15 जून 2026 और पढ़ें

ब्राजील में डेंगू वैक्सीन से हुई मौतों ने भारत की आगामी DengiAll वैक्सीन के लिए चिंताएं बढ़ाईं।

ब्राजील में अपने डेंगू टीकाकरण अभियान के दौरान Butantan-DV वैक्सीन से जुड़ी दो लोगों की हालिया मौतों ने भारत की आगामी DengiAll वैक्सीन के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो संरचनात्मक रूप से समान है। दोनों टीके NIH प्रौद्योगिकी का उपयोग करके विकसित डेंगू वायरस (DENVs) के टेट्रावैलेंट, लाइव-एटेन्यूएटेड संस्करण हैं। ब्राजील के मामलों में 42 प्राप्तकर्ता गंभीर दुष्प्रभावों के साथ शामिल थे, जिनमें दो मौतें भी शामिल थीं, जिससे वैक्सीन को निलंबित कर दिया गया। चिकित्सा शोधकर्ताओं से आग्रह किया जाता है कि वे जांच करें कि क्या antibody-dependent enhancement (ADE) इन गंभीर परिणामों के लिए जिम्मेदार है। भारत को DengiAll के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी के लिए टीकाकरण वाले स्वयंसेवकों में प्रकार-विशिष्ट एंटीबॉडी का सक्रिय रूप से विश्लेषण करने और एक मजबूत pharmacovigilance कार्यक्रम लागू करने की सलाह दी जाती है, Sanofi Pasteur के Dengvaxia के साथ पिछली समस्याओं से सीखते हुए।

  • ब्राजील में Butantan-DV डेंगू वैक्सीन से जुड़ी दो मौतों ने भारत की समान DengiAll वैक्सीन के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
  • Butantan-DV और DengiAll दोनों NIH प्रौद्योगिकी पर आधारित टेट्रावैलेंट, लाइव-एटेन्यूएटेड टीके हैं।
  • ब्राजील में 42 वैक्सीन प्राप्तकर्ताओं में गंभीर प्रतिकूल घटनाएं, जिनमें मौतें भी शामिल थीं, हुईं, जिससे वैक्सीन को निलंबित कर दिया गया।
15 जून 2026 और पढ़ें

वैश्विक कमी के बीच मंत्री वैष्णव को भारत में अधिक कंपनियों द्वारा मेमोरी चिप्स उत्पादन की उम्मीद।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भारत में मेमोरी चिप निर्माण के लिए महत्वपूर्ण नए निवेश की उम्मीद है, जिसमें मौजूदा खिलाड़ी भी वैश्विक मांग-आपूर्ति अंतर को संबोधित करने के लिए उत्पादन बढ़ा रहे हैं। मेमोरी और उन्नत चिप्स की दुनिया भर में कमी के कारण इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतें बढ़ी हैं और उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है। वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के डेटा सेंटर निवेश जल्द ही $200 बिलियन से अधिक होने की उम्मीद है, जिसके लिए अरबों गीगाबाइट भंडारण क्षमता की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि नई कंपनियां और मौजूदा खिलाड़ी दोनों निवेश करने की संभावना रखते हैं, जिसमें India Semicon Mission (ISM) 2.0 सेमीकंडक्टर के लिए मशीनों के डिजाइन और निर्माण को प्राथमिकता देगा।

  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भारत में मेमोरी चिप्स के लिए नए निवेश और बढ़े हुए उत्पादन की उम्मीद है।
  • मेमोरी और उन्नत चिप्स की वैश्विक कमी इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए कीमतों और उत्पादन लागत को बढ़ा रही है।
  • भारत के डेटा सेंटर निवेश $200 बिलियन से अधिक तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए विशाल भंडारण क्षमता की आवश्यकता होगी।
15 जून 2026 और पढ़ें

ओडिशा के कुसुनपुर गांव को 'Smart Village' योजना के तहत AI-सक्षम मगरमच्छ अलर्ट प्रणाली मिलेगी।

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले का एक दूरस्थ गांव कुसुनपुर, CSIR की 'Smart Village' पहल के तहत एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)-सक्षम जंगली जानवर पहचान और अलर्ट प्रणाली प्राप्त करने के लिए तैयार है। यह प्रणाली मगरमच्छों के घरों के करीब भटकने पर अलर्ट प्रदान करेगी, जिससे केंद्रपाड़ा की उच्च मानव-मगरमच्छ संघर्ष दर को संबोधित किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप चार वर्षों में 20 से अधिक मौतें हुई हैं। इस पहल में नवीनीकृत जल द्वार, जल निकासी प्रणाली और सामुदायिक भवनों जैसे व्यापक बुनियादी ढांचे के उन्नयन के साथ-साथ सूखे फूल प्रसंस्करण, फ्रीज-ड्राइड क्रिस्पी फल और बायोडिग्रेडेबल टेबलवेयर जैसी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से हरित आजीविका को बढ़ावा देना भी शामिल है, जिसका उद्देश्य समग्र विकास और रोजगार सृजन है।

  • ओडिशा का कुसुनपुर गांव मगरमच्छों के लिए एक AI-सक्षम जंगली जानवर पहचान और अलर्ट प्रणाली लागू करेगा।
  • यह पहल CSIR की 'Smart Village' योजना का हिस्सा है, जो केंद्रपाड़ा जिले में उच्च मानव-मगरमच्छ संघर्ष को संबोधित करती है।
  • गांव में जल द्वार, जल निकासी और सामुदायिक सुविधाओं सहित व्यापक बुनियादी ढांचे का उन्नयन होगा।
15 जून 2026 और पढ़ें

गुवाहाटी के छात्र स्कूल की लड़कियों और शिक्षकों की डीपफेक छवियां बनाने और बेचने के आरोप में जांच के दायरे में।

असम पुलिस की Crime Branch ने गुवाहाटी के दो निजी स्कूलों के छात्रों के खिलाफ 64 स्कूल की लड़कियों और शिक्षकों की डिजिटल रूप से बदली हुई, आपत्तिजनक छवियां (deepfakes) बनाने और बेचने के आरोप में जांच शुरू की है। आरोपी छात्रों ने कथित तौर पर Telegram ऐप पर ₹50-₹100 में ये deepfakes बनाए और बेचे। एक स्कूल ने इसमें शामिल छात्रों को निलंबित कर दिया है और मामले को Child Abuse Monitoring Committee को भेज दिया है, जिसमें साइबर दुराचार के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति पर जोर दिया गया है। यह घटना डिजिटल प्लेटफार्मों के दुरुपयोग और ऑनलाइन उत्पीड़न और गलत सूचना के खिलाफ सतर्कता की आवश्यकता के बारे में चिंताओं पर प्रकाश डालती है।

  • गुवाहाटी के छात्र स्कूल की लड़कियों और शिक्षकों की deepfake छवियां बनाने और बेचने के आरोप में जांच के दायरे में हैं।
  • आपत्तिजनक सामग्री कथित तौर पर Telegram ऐप पर ₹50-₹100 में बेची गई थी।
  • एक स्कूल ने इसमें शामिल छात्रों को निलंबित कर दिया और मामले को Child Abuse Monitoring Committee को भेज दिया।
15 जून 2026 और पढ़ें

अन्य विषय

पढ़ें। याद रखें। याद करें।

स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।

Google Play पर पाएं