लद्दाख की गुफा से प्राचीन DNA ने खोए हुए हिमालयी लोगों का खुलासा किया, जो पिछली प्रवासन सिद्धांतों को चुनौती देता है
Cell Genomics में प्रकाशित एक अध्ययन ने लद्दाख की एक गुफा में पाए गए मानव अवशेषों के DNA विश्लेषण के माध्यम से पहले से अज्ञात प्राचीन हिमालयी लोगों के अस्तित्व का खुलासा किया है। निष्कर्ष इस सिद्धांत को चुनौती देते हैं कि इस क्षेत्र को तिब्बत से एक ही प्रवासन द्वारा बसाया गया था। इसके बजाय, अध्ययन एक अधिक जटिल जनसांख्यिकीय इतिहास का सुझाव देता है, जिसमें हिमालय में विशिष्ट आनुवंशिक वंश मौजूद हैं। लगभग 2,800 साल पहले के अवशेष, प्राचीन तिब्बतियों और सिंधु घाटी के शुरुआती कृषिवादियों दोनों से आनुवंशिक संबंध दिखाते हैं, जो प्रवासन और मिश्रण की कई लहरों का संकेत देते हैं। यह खोज हिमालय के लोगों और इसके निवासियों की आनुवंशिक विविधता में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।
मुख्य बिंदु
- लद्दाख की एक गुफा में मानव अवशेषों के प्राचीन DNA विश्लेषण से पहले से अज्ञात हिमालयी लोगों का खुलासा हुआ।
- Cell Genomics में प्रकाशित अध्ययन, इस क्षेत्र को बसाने के लिए तिब्बत से एक ही प्रवासन के सिद्धांत को चुनौती देता है।
- आनुवंशिक विश्लेषण प्राचीन तिब्बतियों और शुरुआती सिंधु घाटी के कृषिवादियों दोनों से संबंधों के साथ एक जटिल जनसांख्यिकीय इतिहास का संकेत देता है।
- अवशेष लगभग 2,800 साल पहले के हैं, जो शुरुआती हिमालयी आबादी में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।
परीक्षा तथ्य
- अध्ययन Cell Genomics में प्रकाशित हुआ।
- लद्दाख की एक गुफा में मानव अवशेष मिले।
- अवशेष 2,800 साल पहले के हैं।
- प्राचीन तिब्बतियों और शुरुआती सिंधु घाटी के कृषिवादियों से आनुवंशिक संबंध।
- अध्ययन का नेतृत्व डॉ. वागीश नरसिम्हन ने किया।
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