Chandipura वायरस से जुड़ी मौतों के बाद राजस्थान में अलर्ट; स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और वेक्टर-नियंत्रण उपायों को तेज किया
राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने डूंगरपुर, सिरोही और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और वेक्टर-नियंत्रण उपायों को तेज कर दिया है, जब राज्य की दो लड़कियों, जो गुजरात में इलाज करा रही थीं, Chandipura वायरस (CHPV) के लिए पॉजिटिव पाई गईं और उनकी मृत्यु हो गई। CHPV एक उभरता हुआ वेक्टर-जनित रोगजनक है जो मुख्य रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है, जिससे बुखार, फ्लू जैसे लक्षण और तीव्र एन्सेफलाइटिस होता है। यह मच्छरों, टिक्स और सैंडफ्लाई जैसे वैक्टर द्वारा फैलता है। तेज किए गए उपायों का उद्देश्य प्रभावित जिलों में वायरस के आगे प्रसार को रोकना है।
मुख्य बिंदु
- राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने डूंगरपुर, सिरोही और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और वेक्टर-नियंत्रण उपायों को बढ़ाया है।
- यह अलर्ट राज्य की दो लड़कियों की मौत के बाद आया है जो Chandipura वायरस (CHPV) के लिए पॉजिटिव पाई गई थीं।
- CHPV एक उभरता हुआ वेक्टर-जनित रोगजनक है जो मुख्य रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है, जिससे बुखार और एन्सेफलाइटिस जैसे लक्षण होते हैं।
- यह वायरस मच्छरों, टिक्स और सैंडफ्लाई जैसे वैक्टर द्वारा फैलता है।
परीक्षा तथ्य
- Chandipura वायरस (CHPV) एक उभरता हुआ वेक्टर-जनित रोगजनक है।
- यह मुख्य रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है।
- यह मच्छरों, टिक्स और सैंडफ्लाई जैसे वैक्टर द्वारा फैलता है।
- राजस्थान के डूंगरपुर और सिरोही जिलों से मौतें दर्ज की गईं।
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