करेंट अफेयर्स के लिए सबसे अच्छा अखबार कौन सा है? UPSC, SSC, बैंक और राज्य PCS के लिए हिंदी अखबार और न्यूज़ ऐप (2026)
- रोज़ के करेंट अफेयर्स सारांश, एग्ज़ाम फ़ैक्ट्स के साथ
- रोज़ के MCQ, व्याख्या के साथ
- गलत हुए सवाल सही होने तक दोबारा आते हैं
- हिंदी और अंग्रेज़ी में
iPhone या कंप्यूटर पर? मुफ़्त वेब रीडर इस्तेमाल करें।
इस लेख में
- करेंट अफेयर्स के लिए सबसे अच्छा अखबार: परीक्षा के हिसाब से छोटा जवाब
- हमने कैसे जाँचा
- UPSC के लिए कौन सा अखबार: हिंदी मीडियम के लिए जनसत्ता और द हिंदू के हिंदी संपादकीय
- SSC और रेलवे के लिए कौन सा अखबार पढ़ें? अखबार ज़रूरी नहीं
- बैंक परीक्षा के लिए सबसे अच्छा अखबार: बिज़नेस पन्ना और RBI
- राज्य PCS के लिए अपने राज्य का अखबार (UPPSC, BPSC, RPSC)
- फ़्री सरकारी सोर्स: PIB हिंदी, NewsOnAir और DD News
- न्यूज़ ऐप: अखबार का अपना ऐप, NewsOnAir और बड़े फ़ीड
- UPSC और दूसरी परीक्षाओं के लिए अखबार कैसे पढ़ें: 45 से 60 मिनट का तरीका
- अखबार पढ़ने में आम गलतियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
करेंट अफेयर्स के लिए सबसे अच्छा अखबार आपकी परीक्षा पर निर्भर करता है। कोई एक अखबार हर प्रतियोगी परीक्षा के लिए सबसे अच्छा नहीं है, पर ज़्यादातर उम्मीदवारों के लिए एक ही अखबार काफ़ी है। हिंदी मीडियम से UPSC या राज्य PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो जनसत्ता पढ़िए, और साथ में द हिंदू (The Hindu) के संपादकीय, जिनका हिंदी रूप द हिंदू अपनी वेबसाइट पर डालता है। SSC और रेलवे के लिए अखबार ज़रूरी नहीं है: एक डेली करेंट अफेयर्स सोर्स और PIB काफ़ी हैं, और अखबार पढ़ना ही हो तो दैनिक जागरण के राष्ट्रीय पन्ने। बैंक परीक्षा के लिए अपने अखबार का बिज़नेस पन्ना और RBI की प्रेस रिलीज़ पढ़िए। राज्य PCS के लिए अपने राज्य का अखबार जोड़िए: UP और उत्तराखंड में अमर उजाला, बिहार और झारखंड में हिंदुस्तान, राजस्थान में राजस्थान पत्रिका या दैनिक भास्कर। अगर अंग्रेज़ी आराम से पढ़ लेते हैं, तो UPSC के लिए The Hindu या The Indian Express में से कोई एक काफ़ी है।
नीचे हर अखबार के साथ लिखा है कि 28 सितंबर 2026 को उसका ई-पेपर फ़्री खुला, लॉगिन माँगा या पैसे माँगे, और प्लान कितने का था। कीमतें और पेवॉल अक्सर बदलते हैं, इसलिए हर कीमत को "28 सितंबर 2026 तक" की कीमत मानिए।
हम RetainIt बनाते हैं, जो करेंट अफेयर्स का एक ऐप है और जिसका एक फ़्री वेब रीडर भी है। वह नीचे सिर्फ़ न्यूज़ ऐप वाले सेक्शन में एक बार आता है, "हमारा" लिखकर। किसी अखबार या ऐप ने इस पेज पर आने के पैसे नहीं दिए, और कोई भी लिंक एफ़िलिएट लिंक नहीं है।
करेंट अफेयर्स के लिए सबसे अच्छा अखबार: परीक्षा के हिसाब से छोटा जवाब
| परीक्षा | हिंदी में पढ़ें | अंग्रेज़ी में पढ़ते हैं तो | खर्च (28 सितंबर 2026) | साथ में |
|---|---|---|---|---|
| UPSC (हिंदी मीडियम) | जनसत्ता और द हिंदू के हिंदी संपादकीय | The Hindu या The Indian Express (एक) | हिंदी वाले दोनों हमारी जाँच में फ़्री खुले; अंग्रेज़ी डिजिटल ₹2,799 या ₹1,499 सालाना | PIB हिंदी |
| राज्य PCS | अपने राज्य का अखबार (सिर्फ़ राज्य के पन्ने) और जनसत्ता या हिंदी संपादकीय | The Hindu या The Indian Express (ज़रूरी नहीं) | हिंदी ई-पेपर फ़्री से लगभग ₹400 सालाना तक | PIB हिंदी |
| SSC, रेलवे | अखबार ज़रूरी नहीं; चाहें तो दैनिक जागरण के राष्ट्रीय पन्ने | कोई भी राष्ट्रीय अखबार | जागरण की वेबसाइट फ़्री; ई-पेपर ₹365 सालाना | NewsOnAir हिंदी, PIB |
| बैंक, RBI ग्रेड B | अपने अखबार का बिज़नेस पन्ना | BusinessLine या Business Standard | BusinessLine द हिंदू के ₹2,799 वाले पास में शामिल; Business Standard ₹2,700 सालाना | RBI की प्रेस रिलीज़ |
| फ़ोन पर खबरें | NewsOnAir ऐप (हिंदी टेक्स्ट और बुलेटिन) | अपने अखबार का ऐप | इंस्टॉल करना फ़्री | सिर्फ़ 60 शब्दों वाले ऐप काफ़ी नहीं |
अगर सिर्फ़ एक बात याद रखनी है: अपनी परीक्षा वाली पंक्ति का अखबार चुनिए और उसे ठीक से पढ़िए। दूसरा अखबार रोज़ मत जोड़िए।
हमने कैसे जाँचा
28 सितंबर 2026 को हमने हर अखबार के सब्सक्रिप्शन, ई-पेपर और सेक्शन वाले आधिकारिक पेज बिना लॉगिन किए खोले। हर एक के लिए नोट किया कि प्लान कितने का है, उसमें क्या मिलता है, और कौन सा लेख या ई-पेपर का पन्ना पूरा खुला और कहाँ लॉगिन या सब्सक्रिप्शन माँगा गया। हिंदी पाठकों के लिए कुछ पेज अलग से देखे: द हिंदू का हिंदी संपादकीय पेज, जनसत्ता और दैनिक जागरण की वेबसाइट के संपादकीय सेक्शन (हर एक का एक लेख), PIB की हिंदी प्रेस रिलीज़ वाली लिस्ट और NewsOnAir का हिंदी पेज। साथ में 25 ऐप्स की Google Play India लिस्टिंग पढ़ी और हर ऐप के लिए एक जैसी बातें लिखीं: डाउनलोड, "Contains ads" और "In-app purchases" लेबल, और आखिरी अपडेट की तारीख।
हमने कोई सब्सक्रिप्शन नहीं खरीदा, लॉगिन नहीं किया, और कोई ऐप इंस्टॉल करके नहीं चलाया। इसलिए यह पेज बताता है कि कौन सा अखबार या ऐप क्या देता है और कितने में, यह नहीं कि उसे रोज़ पढ़ना कैसा लगता है। पेवॉल आपके लॉगिन और ब्राउज़र के साथ बदलता है, इसलिए "फ़्री खुला" का मतलब है कि उस दिन हमें फ़्री दिखा, कोई वादा नहीं। नीचे दिया पढ़ने का रूटीन हमने घड़ी लगाकर नहीं आज़माया है; यह आम सलाह से बना तरीका है।
कुछ बातें हम पक्की नहीं कर पाए, और जहाँ ये आती हैं वहाँ साफ़ लिखा है: दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका के ई-पेपर लॉगिन के बाद पैसे लेते हैं या नहीं, हिंदुस्तान का ई-पेपर फ़्री है या पेड, और द हिंदू के अंग्रेज़ी लेख आम ब्राउज़िंग में कितने फ़्री मिलते हैं। Hindustan Times और The Times of India को हमने आगे नहीं रखा, क्योंकि हमारी नज़र में दोनों शहर और मनोरंजन की खबरों को ज़्यादा जगह देते हैं, और UPSC के लिए ये आम तौर पर पहली पसंद नहीं हैं।
UPSC के लिए कौन सा अखबार: हिंदी मीडियम के लिए जनसत्ता और द हिंदू के हिंदी संपादकीय
UPSC खबरों से दो तरह के सवाल पूछता है। प्रीलिम्स सटीक तथ्य माँगता है (कौन सी संस्था, कौन सा अनुच्छेद, कौन सी जगह), और मेन्स खबर के पीछे का तर्क माँगता है, जो संपादकीय और विश्लेषण वाले लेखों से समझ आता है। बड़े हिंदी अखबारों में शहर और ज़िले की खबरों को बहुत जगह मिलती है, और विश्लेषण कम होता है। इसलिए हिंदी मीडियम के लिए दो सोर्स सबसे काम के हैं: खबर और विचार के लिए जनसत्ता, और संपादकीय के लिए द हिंदू के हिंदी संपादकीय।
जनसत्ता
जनसत्ता इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप का हिंदी अखबार है, और इसकी पहचान इसके विचार और संपादकीय पन्नों से है। हिंदी मीडियम की कई गाइड्स इसे मेन्स की तैयारी के लिए सुझाती हैं। इसके ई-पेपर के चार संस्करण हैं: दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़ और कोलकाता। 28 सितंबर 2026 का 26 पन्नों वाला दिल्ली संस्करण बिना लॉगिन खुला, पेज 1 पर भी और पेज 6 (संपादकीय) पर भी; बाकी पन्ने हमने नहीं खोले।
वेबसाइट पर इसका विचार सेक्शन ("आज की राय और संपादकीय") उसी सुबह अपडेट हुआ था, और 25 सितंबर का एक लेख, "2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य", बिना लॉगिन पूरा खुला। हमने एक ही लेख खोला, इसलिए यह नहीं कह सकते कि हर लेख फ़्री है। इसका Android ऐप (5 लाख से ज़्यादा डाउनलोड, विज्ञापन के साथ) आखिरी बार 18 अप्रैल 2026 को अपडेट हुआ था, इसलिए ई-पेपर या वेबसाइट बेहतर रास्ता है।
दिक्कत यह है कि इसके सिर्फ़ चार संस्करण हैं, इसलिए इन इलाकों के बाहर के राज्यों की खबरें इसमें कम मिलती हैं; राज्य PCS के लिए अपने राज्य का अखबार अलग से देखिए (नीचे की तालिका)। तथ्य (योजना का नाम, आँकड़ा, तारीख) PIB हिंदी से मिला लीजिए।
किसके लिए: हिंदी मीडियम के UPSC और राज्य PCS उम्मीदवार, जिन्हें हिंदी में संपादकीय और विश्लेषण चाहिए।
द हिंदू के संपादकीय, हिंदी में
द हिंदू अपने संपादकीयों का हिंदी रूप एक अलग हिंदी संपादकीय पेज पर डालता है। 28 सितंबर 2026 को इस लिस्ट में अमेरिका-चीन रिश्तों, भारत निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट और संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र पर हाल के संपादकीय हिंदी में थे। अमेरिका-चीन वाला हिंदी संपादकीय ("नया संतुलन"), जो उसी दिन सुबह 11:13 बजे छपा था, बिना लॉगिन पूरा खुला, जबकि उसका अंग्रेज़ी मूल साइन-अप या सब्सक्रिप्शन माँग रहा था। 26 सितंबर का कर्नाटक पर एक हिंदी संपादकीय भी पूरा खुला। हमने यही दो खोले, इसलिए यह वादा नहीं कर सकते कि हर हिंदी संपादकीय फ़्री है।
ये अनुवाद हैं, इसलिए कुछ शब्द परीक्षा के हिंदी पेपर वाले शब्दों से अलग हो सकते हैं। जो शब्द ज़रूरी हो, उसके आगे ब्रैकेट में अंग्रेज़ी शब्द लिख लीजिए, जैसे "मुक्त व्यापार समझौता (FTA)"। ये सिर्फ़ संपादकीय हैं, पूरा अखबार नहीं, इसलिए खबरों के लिए एक अखबार साथ में चाहिए।
किसके लिए: हिंदी मीडियम के UPSC उम्मीदवार, जो द हिंदू की संपादकीय सोच अंग्रेज़ी पढ़े बिना चाहते हैं।
जनसत्ता या दैनिक जागरण: UPSC के लिए कौन बेहतर?
UPSC मेन्स के लिए जनसत्ता, क्योंकि इसका ज़ोर विचार और संपादकीय पर है। दैनिक जागरण बड़ा अखबार है, इसके कई राज्यों में संस्करण हैं और खबरें ज़्यादा हैं, पर विश्लेषण कम है; यह सामान्य जागरूकता और SSC जैसी परीक्षाओं के लिए ज़्यादा ठीक बैठता है। अगर जागरण पहले से घर आता है, तो दूसरा अखबार मत खरीदिए: इसके राष्ट्रीय पन्ने और संपादकीय पन्ना पढ़िए, और द हिंदू का हिंदी संपादकीय ऑनलाइन जोड़ लीजिए।
| जनसत्ता | दैनिक जागरण | |
|---|---|---|
| सबसे मज़बूत हिस्सा | विचार और संपादकीय | राष्ट्रीय खबरें, कई राज्यों के संस्करण |
| ई-पेपर | 4 संस्करण; हमारी जाँच में पेज 1 और 6 फ़्री खुले | पेड: ₹29 हफ़्ता, ₹69 महीना, ₹365 साल |
| वेबसाइट पर संपादकीय | फ़्री खुला (एक लेख) | फ़्री खुला (एक लेख) |
| Android ऐप | 5 लाख+, विज्ञापन; आखिरी अपडेट 18 अप्रैल 2026 | 1 करोड़+, विज्ञापन; अपडेट 16 सितंबर 2026 |
| किसके लिए | UPSC और राज्य PCS मेन्स | SSC, रेलवे, सामान्य जागरूकता |
अंग्रेज़ी अखबार: The Hindu या The Indian Express
ये दोनों अंग्रेज़ी में हैं (द हिंदू के हिंदी संपादकीय को छोड़कर)। UPSC के कई विषयों पर ये हिंदी अखबारों से ज़्यादा गहराई में जाते हैं, पर हिंदी मीडियम के उम्मीदवार को इन्हें रोज़ पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। किसी एक विषय पर आपका अखबार कमज़ोर लगे, तो उसी विषय पर इनका संपादकीय या explainer खोल लीजिए। अंग्रेज़ी में पढ़ते हैं, तो दोनों में से एक चुनिए:
- The Hindu। UPSC की लगभग हर गाइड इसे पहले नंबर पर रखती है, इसके संपादकीय और op-ed पन्नों की वजह से। डिजिटल All Access Pass एक साल का ₹2,799, दो साल का ₹4,999, और दो अतिरिक्त अकाउंट वाला प्लान ₹3,399 सालाना का है (तीन उम्मीदवार मिलकर लें तो लगभग ₹1,133 प्रति व्यक्ति)। इसमें The Hindu और उसका ई-पेपर, BusinessLine और उसका ई-पेपर, Frontline, Sportstar और Crosswords आते हैं, और सब्सक्रिप्शन पेज पर 7 दिन की फ़ुल रिफ़ंड पॉलिसी लिखी है। बिना लॉगिन उस सुबह का अंग्रेज़ी संपादकीय नहीं खुला। शुरुआत करने वालों को यह भारी लगता है, और खबरें सिलेबस से जोड़ने का काम आपको खुद करना पड़ता है।
- The Indian Express। इसके UPSC Current Affairs सेक्शन में UPSC Key (अखबार की खबरें सिलेबस से जोड़कर रोज़ का सार), Knowledge Nugget, रोज़ के विषयवार क्विज़, साप्ताहिक क्विज़, Mains Answer Practice और हफ़्ते के Top 20 पॉइंट हैं। सब्सक्राइब पेज पर Express Edge ₹1,299 सालाना से है, पर उसमें UPSC सेक्शन शामिल नहीं है; UPSC Essentials प्लान ₹1,499 सालाना से है और उसमें UPSC सेक्शन और क्विज़ शामिल हैं। 27 सितंबर वाली UPSC Key शुरुआती लाइनों के बाद सब्सक्रिप्शन माँग रही थी, जबकि 27 सितंबर का एक Explained लेख बिना लॉगिन पूरा खुला।
क्या UPSC के लिए एक अखबार काफ़ी है? हाँ। दोनों एक ही दिन एक जैसी बड़ी खबरें छापते हैं, इसलिए दूसरा अखबार ज़्यादातर पहले को ही दोहराता है और पढ़ने का समय लगभग दोगुना कर देता है। बचा समय रिवीजन को दीजिए। किसी एक खबर से प्रीलिम्स के तथ्य और मेन्स के पॉइंट कैसे निकालें, यह UPSC के लिए करेंट अफेयर्स कैसे याद करें वाली गाइड में है।
SSC और रेलवे के लिए कौन सा अखबार पढ़ें? अखबार ज़रूरी नहीं
SSC और रेलवे परीक्षा के लिए अखबार ज़रूरी नहीं है। सामान्य जागरूकता (General Awareness) में छोटे और सटीक सवाल आते हैं: किसी योजना का नाम, किसी पुरस्कार का विजेता, कोई नई नियुक्ति, किसी सम्मेलन की जगह। एक डेली करेंट अफेयर्स सोर्स, जो ये तथ्य छाँटकर देता है, पूरे अखबार से कहीं कम समय में यह काम कर देता है। ज़रूरी तथ्य PIB पर मिला लीजिए, और बचा समय स्टैटिक GK को दीजिए।
अखबार पढ़ना अच्छा लगता है, तो उसे 20 से 30 मिनट दीजिए: पहला पन्ना, राष्ट्रीय खबरों के पन्ने, और बड़े खेल आयोजनों व पुरस्कारों के विजेता। लंबे विचार वाले लेख छोड़ दीजिए। यहाँ दैनिक जागरण जैसा हिंदी राष्ट्रीय अखबार, या NewsOnAir की फ़्री हिंदी खबरें, किसी अंग्रेज़ी अखबार जितना ही काम करती हैं।
दैनिक जागरण
दैनिक जागरण के संस्करण दिल्ली, UP, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और पश्चिम बंगाल में हैं। इसकी वेबसाइट की खबरें फ़्री हैं, और इसका संपादकीय सेक्शन भी: 28 सितंबर 2026 को सबसे नया लेख उसी सुबह 9:11 बजे का था, और 26 सितंबर का "विचार: चुनाव आयोग के विवाद पर विराम" बिना लॉगिन पूरा खुला (हमने एक ही लेख खोला)।
ई-पेपर पेड है, और इसके FAQ के मुताबिक भारत और विदेश, दोनों जगह के पाठकों को पैसे देने होते हैं: हफ़्ते के ₹29, महीने के ₹69, या साल के ₹365 (₹1 रोज़)। एक साल के पेड प्लान में यह हमें मिला सबसे सस्ता ई-पेपर है। Android ऐप के 1 करोड़ से ज़्यादा डाउनलोड हैं, इसमें विज्ञापन हैं, और इसका अपडेट 16 सितंबर 2026 को हुआ था। दिक्कत यह है कि शहर और लोकल पन्ने बहुत जगह लेते हैं, और विश्लेषण जनसत्ता या द हिंदू के हिंदी संपादकीयों से कम है।
किसके लिए: SSC, रेलवे और राज्य परीक्षाओं के उम्मीदवार, जिन्हें कम खर्च में एक हिंदी राष्ट्रीय अखबार चाहिए।
रोज़ का करेंट अफेयर्स सोर्स चुनने के लिए करेंट अफेयर्स की हिंदी और अंग्रेज़ी वेबसाइटों की तुलना देखिए। पूरा रूटीन SSC CGL के लिए करेंट अफेयर्स कैसे पढ़ें और रेलवे परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स कैसे पढ़ें वाली गाइड्स में है।
बैंक परीक्षा के लिए सबसे अच्छा अखबार: बिज़नेस पन्ना और RBI
बैंकिंग अवेयरनेस और इकोनॉमी के सवाल RBI के फ़ैसलों, सरकारी योजनाओं, बजट और बैंकिंग की खबरों से आते हैं। आपके अखबार का बिज़नेस पन्ना बड़ी खबरें दे देता है। RBI ग्रेड B के लिए, जहाँ इकोनॉमी ज़्यादा गहराई से पूछी जाती है, एक बिज़नेस अखबार जोड़ा जा सकता है। पर ध्यान रहे, जिन बिज़नेस अखबारों को हमने जाँचा, वे सब अंग्रेज़ी में हैं:
- The Hindu BusinessLine। BusinessLine द हिंदू ग्रुप का बिज़नेस अखबार है और ई-पेपर समेत द हिंदू के ₹2,799 वाले पास में आता है; इसकी अलग कीमत हमने नहीं देखी। इसके ऐप में विज्ञापन और इन-ऐप खरीदारी, दोनों हैं। ज़्यादातर पन्ने शेयर बाज़ार और कंपनियों के हैं, इसलिए सिर्फ़ इकोनॉमी और नीति वाले पन्ने पढ़िए।
- Business Standard। इसके डिजिटल प्लान तीन महीने के ₹900, एक साल के ₹2,700 और दो साल के ₹3,900 के हैं, जिनमें ई-पेपर, आर्काइव, बिना विज्ञापन पढ़ना और साथ में New York Times का फ़्री डिजिटल एक्सेस है। प्लान अपने-आप रिन्यू होते हैं, जब तक आप कैंसिल न करें।
- The Economic Times और Mint। दोनों के ऐप में विज्ञापन और इन-ऐप खरीदारी है, पर हमें इनके प्लान की कीमत नहीं मिली, और दोनों का झुकाव परीक्षा के विषयों से ज़्यादा बाज़ार और कंपनियों की ओर है।
जो भी पढ़ें, रेपो रेट जैसे आँकड़े सीधे RBI से लीजिए। RBI की प्रेस रिलीज़ फ़्री हैं और ताज़ा रहती हैं: 28 सितंबर 2026 को लिस्ट में उसी दिन की रिलीज़ और सितंबर 2026 का RBI Bulletin था। हमने जो पेज देखा वह अंग्रेज़ी में था, और कई रिलीज़ रोज़ के बाज़ार के कामकाज की होती हैं, इसलिए सिर्फ़ शीर्षक देखकर नीति, नए नियम और रिपोर्ट वाली रिलीज़ खोलिए। RBI की खबर को तारीख वाले तथ्य में कैसे बदलें, यह हमारी बैंक परीक्षा के लिए बैंकिंग अवेयरनेस गाइड में है।
किसके लिए: RBI की प्रेस रिलीज़ हर बैंक उम्मीदवार के लिए; बिज़नेस अखबार RBI ग्रेड B और PO के उन उम्मीदवारों के लिए, जो अंग्रेज़ी में पढ़ लेते हैं।
राज्य PCS के लिए अपने राज्य का अखबार (UPPSC, BPSC, RPSC)
राज्य PCS के पेपर में आपके राज्य की योजनाएँ, बजट, नियुक्तियाँ और आयोजन पूछे जाते हैं, जिन्हें राष्ट्रीय अखबार मुश्किल से छापते हैं। इसलिए अपने राज्य का बड़ा अखबार सिर्फ़ उसके राज्य वाले पन्नों के लिए पढ़िए, और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के लिए जनसत्ता या द हिंदू के हिंदी संपादकीय साथ रखिए। शहर, ज़िले और अपराध वाले पन्ने छोड़ दीजिए।
ई-पेपर और ऐप की जानकारी हर अखबार के ई-पेपर पेज और Google Play India लिस्टिंग से है, 28 सितंबर 2026 की।
| राज्य (परीक्षा) | अखबार | ई-पेपर | Android ऐप |
|---|---|---|---|
| UP, उत्तराखंड (UPPSC, UKPSC) | अमर उजाला | पेज 1 फ़्री खुला; ₹149 महीना, ₹399 साल | 1 करोड़+, विज्ञापन |
| बिहार, झारखंड (BPSC, JPSC) | हिंदुस्तान | Subscribe बटन; फ़्री या पेड, पक्का नहीं | 50 लाख+, विज्ञापन |
| राजस्थान (RPSC, RSMSSB) | राजस्थान पत्रिका | पढ़ने के लिए लॉगिन; कीमत पक्की नहीं | 10 लाख+, विज्ञापन का लेबल नहीं |
| राजस्थान, MP, छत्तीसगढ़ | दैनिक भास्कर | लॉगिन ज़रूरी; खर्च पक्का नहीं | 10 करोड़+, विज्ञापन |
| दिल्ली-NCR | नवभारत टाइम्स | अभी फ़्री; पेड प्लान "जल्द" | 50 लाख+, विज्ञापन |
| कई उत्तर भारतीय राज्य | दैनिक जागरण (ऊपर देखिए) | ₹29 हफ़्ता, ₹69 महीना, ₹365 साल | 1 करोड़+, विज्ञापन |
अमर उजाला के 16 पन्नों वाले दिल्ली संस्करण (28 सितंबर) का पेज 1 बिना लॉगिन खुला; साइट के मुताबिक 30 दिन से पुराना ई-पेपर सिर्फ़ सब्सक्रिप्शन पर मिलता है, और हमने यह नहीं जाँचा कि उस दिन के बाकी पन्ने भी फ़्री हैं या नहीं। इसके प्लान में विज्ञापन हटते हैं और प्रीमियम लेख भी मिलते हैं। ₹399 सालाना की कीमत "गांधी जयंती सेल" के बैनर के साथ थी (₹499 से घटाकर), और दो साल का प्लान ₹699 का था (₹932 से घटाकर), इसलिए ये कीमतें बदल सकती हैं।
नवभारत टाइम्स के ई-पेपर पेज पर लिखा था कि नए सब्सक्रिप्शन प्लान जल्द आने वाले हैं और तब तक ई-पेपर फ़्री पढ़िए, इसलिए यह सुविधा खत्म हो सकती है। दैनिक भास्कर का ई-पेपर 11 राज्यों के 270 शहरों के संस्करण देता है, और हिंदुस्तान का ई-पेपर व्यूअर हमारे लिए खुला ही नहीं।
किसी दूसरे राज्य के लिए वह अखबार चुनिए जिसमें राज्य सरकार की खबरें सबसे ज़्यादा हों, उसी भाषा में जिसमें आप पेपर देंगे, और सिर्फ़ उसके राज्य वाले पन्ने पढ़िए।
फ़्री सरकारी सोर्स: PIB हिंदी, NewsOnAir और DD News
हर परीक्षा सरकारी घोषणाओं से सवाल बनाती है, और उनके मूल स्रोत फ़्री हैं, हिंदी में भी।
PIB हिंदी
PIB (पत्र सूचना कार्यालय) प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट और हर मंत्रालय की प्रेस रिलीज़ डालता है, फ़्री और बिना लॉगिन। रिलीज़ की लिस्ट हिन्दी, English और Urdu में है, और हिंदी वाली लिस्ट में मंत्रालय चुनने का विकल्प भी हिंदी में है; 28 सितंबर 2026 को इसमें उसी दिन की रिलीज़ हिंदी में थीं। इसका ऐप (50 हज़ार से ज़्यादा डाउनलोड, न विज्ञापन, न इन-ऐप खरीदारी) रिलीज़ की हाइलाइट्स, फ़ोटो और वीडियो देता है।
यह सरकार का अपना पक्ष है, बिना किसी आलोचना के, और इतना ज़्यादा है कि पूरा पढ़ा नहीं जा सकता। इसे योजना का सही नाम, आँकड़ा या तारीख मिलाने के लिए इस्तेमाल कीजिए। हिंदी मीडियम के लिए एक और फ़ायदा: योजनाओं और संस्थाओं के वही हिंदी नाम यहाँ मिलते हैं, जो सरकार खुद इस्तेमाल करती है।
किसके लिए: हर परीक्षा, नोट्स में लिखने से पहले तथ्य मिलाने के लिए।
NewsOnAir (आकाशवाणी)
NewsOnAir का हिंदी पेज ("आकाशवाणी न्यूज़") ऑल इंडिया रेडियो की खबरें हिंदी में देता है: राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय, बिज़नेस और स्पोर्ट्स, साथ में समाचार प्रभात, दोपहर समाचार और समाचार संध्या जैसे हिंदी बुलेटिन। 28 सितंबर 2026 को इसके पेज पर कुछ घंटे पहले की खबरें थीं। इसके ऐप में न विज्ञापन है, न इन-ऐप खरीदारी; लिस्टिंग के मुताबिक इसमें हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, गुजराती और मराठी में टेक्स्ट खबरें, लगभग 40 भाषाओं में ऑडियो बुलेटिन और 230 से ज़्यादा लाइव रेडियो चैनल हैं। विश्लेषण कम है, और कुछ भी परीक्षा के हिसाब से टैग नहीं है।
किसके लिए: SSC, रेलवे और बैंक के उम्मीदवार, जिन्हें हिंदी में फ़्री खबरें चाहिए, और जो सफ़र में बुलेटिन सुनकर दोहराना चाहते हैं।
DD News और Sansad TV
DD News दूरदर्शन की न्यूज़ वेबसाइट है, जिसमें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और खेल की खबरें और लाइव टीवी है। 28 सितंबर 2026 को यह हमारी पहली जाँच में खुली, पर उसी दिन बाद में दोबारा खोलने पर इसका कनेक्शन नहीं बना, इसलिए यह हमेशा नहीं खुलती, और इसका हिंदी हिस्सा हम नहीं देख पाए। इसका पुराना Android ऐप मत लीजिए: Google Play पर DD News ऐप का आखिरी अपडेट 2 अक्टूबर 2019 को हुआ था। उसकी जगह NewsOnAir ऐप देखिए, जिसकी लिस्टिंग में दूरदर्शन के न्यूज़ बुलेटिन वीडियो और DD News लाइव भी हैं।
Sansad TV, जो 2021 में लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी को मिलाकर बना, संसद की बहसें दिखाता है। पर इसका ऐप आखिरी बार 23 अगस्त 2024 को अपडेट हुआ था और जाँच के दिन इसकी वेबसाइट नहीं खुली, इसलिए हमने इसे परखा नहीं है। वीडियो से करेंट अफेयर्स पढ़ना पसंद है, तो करेंट अफेयर्स के लिए YouTube चैनलों वाली हमारी गाइड देखिए।
न्यूज़ ऐप: अखबार का अपना ऐप, NewsOnAir और बड़े फ़ीड
फ़ोन पर खबरों के लिए सबसे काम का ऐप वही है जो आपके अपने अखबार का है, और साथ में NewsOnAir, जिसमें फ़्री हिंदी खबरें और बुलेटिन हैं और विज्ञापन नहीं। Inshorts, Google News और Dailyhunt जैसे बड़े फ़ीड हेडलाइन देखने के लिए ठीक हैं, पर ये परीक्षा के काम की खबरें नहीं छाँटते, UPSC जितनी गहराई नहीं देते, और रिवीजन में मदद नहीं करते।
न्यूज़ ऐप और एग्ज़ाम करेंट अफेयर्स ऐप में फ़र्क
न्यूज़ ऐप आपको सब कुछ दिखाता है: या तो सबसे नई खबरें पहले, या वे जिन पर आप अक्सर टैप करते हैं। एग्ज़ाम करेंट अफेयर्स ऐप उन खबरों को चुनता है जिनसे परीक्षा में सवाल बन सकता है, उन्हें टॉपिक के हिसाब से टैग करता है और आम तौर पर सवाल भी जोड़ता है। न्यूज़ ऐप संदर्भ देता है; एग्ज़ाम ऐप छँटाई और प्रैक्टिस। दूसरी तरह के ऐप्स की तुलना करेंट अफेयर्स के लिए सबसे अच्छा ऐप वाली गाइड में है।
हमारा अपना ऐप, RetainIt, दूसरी तरह का है। इसका फ़्री वेब रीडर बिना साइन-इन खुलता है और रोज़ कुछ ही खबरें देता है (आम तौर पर 2 से 13), हर एक के साथ सारांश, मुख्य बिंदु और Exam Points, अंग्रेज़ी और हिंदी में (हिंदी AI से अनुवादित है)। Android ऐप इसमें रोज़ के MCQ जोड़ता है, हर एक की व्याख्या के साथ। यह पूरी खबरों की कवरेज नहीं है, और इसके AI सारांशों में सोर्स के लिंक नहीं होते। इसलिए इसे अखबार के बाद इस्तेमाल कीजिए, उसकी जगह नहीं, और ज़रूरी तथ्य PIB पर मिला लीजिए।
हिंदी अखबारों और न्यूज़ ऐप्स की तुलना
डाउनलोड, लेबल और अपडेट की तारीख हर ऐप की Google Play India लिस्टिंग से है, 28 सितंबर 2026 की। डाउनलोड लाख और करोड़ में लिखे हैं (Play पर 10M+ यानी 1 करोड़+)। "नहीं" का मतलब है कि Play पर वह लेबल नहीं दिखा।
| ऐप | क्या है | भाषा | डाउनलोड | विज्ञापन | इन-ऐप खरीदारी | अपडेट |
|---|---|---|---|---|---|---|
| NewsOnAir | आकाशवाणी की टेक्स्ट और ऑडियो खबरें | हिंदी समेत 5 भाषाओं में टेक्स्ट | 50 लाख+ | नहीं | नहीं | 12 जुलाई 2026 |
| PIB | सरकारी प्रेस रिलीज़ | जाँचा नहीं | 50 हज़ार+ | नहीं | नहीं | 17 अगस्त 2026 |
| दैनिक जागरण | खबरें और ई-पेपर | हिंदी | 1 करोड़+ | हाँ | नहीं | 16 सितंबर 2026 |
| दैनिक भास्कर | खबरें | हिंदी | 10 करोड़+ | हाँ | नहीं | 22 सितंबर 2026 |
| अमर उजाला | खबरें और ई-पेपर | हिंदी | 1 करोड़+ | हाँ | नहीं | 9 सितंबर 2026 |
| हिंदुस्तान | खबरें और ई-पेपर | हिंदी | 50 लाख+ | हाँ | नहीं | 23 सितंबर 2026 |
| नवभारत टाइम्स | खबरें | हिंदी | 50 लाख+ | हाँ | नहीं | 13 अगस्त 2026 |
| राजस्थान पत्रिका | खबरें और ई-पेपर | हिंदी | 10 लाख+ | नहीं | नहीं | 25 जून 2026 |
| जनसत्ता | खबरें | हिंदी | 5 लाख+ | हाँ | नहीं | 18 अप्रैल 2026 |
| The Hindu | अखबार का न्यूज़ ऐप | अंग्रेज़ी | 1 करोड़+ | हाँ | हाँ | 4 सितंबर 2026 |
| Indian Express | खबरें और ई-पेपर | अंग्रेज़ी | 10 लाख+ | हाँ | हाँ | 16 सितंबर 2026 |
| Inshorts | 60 शब्दों के सारांश | हिंदी, अंग्रेज़ी | 1 करोड़+ | हाँ | नहीं | 15 सितंबर 2026 |
| Google News | खबरों का एग्रीगेटर | कई | 100 करोड़+ | हाँ | नहीं | 23 सितंबर 2026 |
| Dailyhunt | खबरों का एग्रीगेटर | हिंदी समेत 14 | 10 करोड़+ | हाँ | हाँ | 30 जून 2026 |
| DD News (पुराना ऐप) | दूरदर्शन की खबरें | जाँचा नहीं | 10 लाख+ | नहीं | नहीं | 2 अक्टूबर 2019 |
हिंदी अखबारों के ज़्यादातर ऐप्स पर विज्ञापन का लेबल है, और इन-ऐप खरीदारी का लेबल किसी पर नहीं। ऐप पर भी अखबार वाला नियम रखिए: सिर्फ़ राष्ट्रीय, संपादकीय और बिज़नेस वाली खबरें पढ़िए। The Hindu का ऐप छोटी खबरें, ई-पेपर, हिंदी अपडेट और बिज़नेस की खबरें देने की बात करता है; इसमें विज्ञापन हैं, और इसके Premium टैब में Briefing है, जो सिर्फ़ सब्सक्राइबर के लिए है। Indian Express के ऐप में खबरें, Explained, विचार और ई-पेपर हैं, पर UPSC Key और प्रीमियम लेख वहाँ भी पेड हैं। दोनों लेबल के बिना चार ऐप हैं: NewsOnAir, PIB, राजस्थान पत्रिका और पुराना DD News ऐप। पत्रिका का ई-पेपर लॉगिन माँगता है और DD News का ऐप 2019 के बाद अपडेट नहीं हुआ, इसलिए रोज़ की फ़्री और ताज़ा खबरों के लिए NewsOnAir सबसे सीधा विकल्प है, और तथ्य मिलाने के लिए PIB।
Inshorts, Google News और Dailyhunt अकेले काफ़ी क्यों नहीं
Inshorts हर खबर को 60 शब्दों या उससे कम में, हिंदी या अंग्रेज़ी में देता है, साथ में मूल खबर तक जाने का टैप और बड़ी खबरों पर छोटे "Insights" explainer। इसकी कैटेगरी में मनोरंजन, क्रिकेट और शेयर के लाइव भाव वाला फ़ाइनेंस फ़ीड भी है। लिस्टिंग इसे प्रतियोगी परीक्षाओं का साथी बताती है, पर 60 शब्दों में एक हेडलाइन वाला तथ्य आता है, वह पृष्ठभूमि और तर्क नहीं जो UPSC मेन्स और निबंध के सवालों में चाहिए।
किसके लिए: अखबार खोलने से पहले पाँच मिनट में हेडलाइन देखने के लिए।
Google News Your Briefing और लोकल खबरों के साथ आपका अपना फ़ीड बनाता है। इसका Full Coverage एक ही खबर को कई अखबारों से दिखाता है, जो किसी मुद्दे पर दो अखबारों की राय मिलाने में काम आता है। पर फ़ीड आपकी पसंद के हिसाब से बनता है, इसलिए परीक्षा वाले विषय उन खबरों के नीचे दब सकते हैं जिन पर आपने पिछली बार टैप किया था।
किसके लिए: किसी एक बड़ी खबर को कई नज़रियों से देखने के लिए।
Dailyhunt अंग्रेज़ी, हिंदी और 12 दूसरी भाषाओं में खबरें और वीडियो इकट्ठा करता है, और Premium भी बेचता है, जिसमें 9,000 से ज़्यादा मैगज़ीन और ई-अखबार बिना विज्ञापन के हैं (इसकी कीमत हमने नहीं देखी)। इसकी लिस्टिंग खुद खबरों के साथ "viral cards" और मनोरंजन, ज्योतिष व फ़ैशन जैसी कैटेगरी गिनाती है, और ऐप का आखिरी अपडेट 30 जून 2026 को हुआ था।
किसके लिए: अपनी क्षेत्रीय भाषा में खबरें पढ़ने के लिए, परीक्षा की तैयारी के लिए नहीं।
UPSC और दूसरी परीक्षाओं के लिए अखबार कैसे पढ़ें: 45 से 60 मिनट का तरीका
यह आम तौर पर दी जाने वाली सलाह को एक घंटे में समेटने का तरीका है (हमने इसे घड़ी लगाकर नहीं आज़माया), जिसमें सबसे ज़्यादा समय संपादकीय को मिलता है। SSC और रेलवे वाले राष्ट्रीय पन्नों के बाद रुक सकते हैं। हिंदी अखबार पढ़ रहे हैं, तो शहर और ज़िले वाले पन्ने सीधे पलट दीजिए, क्योंकि समय सबसे ज़्यादा वहीं जाता है।
क्या पढ़ें
- पहला पन्ना। देश की तीन-चार बड़ी खबरें।
- राष्ट्रीय और सरकार से जुड़े पन्ने। कैबिनेट के फ़ैसले, विधेयक, अदालत के फ़ैसले, नई योजनाएँ, संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं में नियुक्तियाँ।
- संपादकीय पन्ना। सिलेबस से जुड़े विषय पर एक संपादकीय और एक लेख (UPSC और राज्य PCS के लिए)।
- राज्य का पन्ना। सिर्फ़ राज्य PCS वालों के लिए: राज्य की योजनाएँ, बजट और नियुक्तियाँ।
- कारोबार और अर्थव्यवस्था। RBI, महँगाई, बजट, व्यापार और बैंकिंग। बैंक के उम्मीदवार यह पन्ना सबसे पहले पढ़ें।
- दुनिया। दूसरे देशों से भारत के रिश्ते, शिखर सम्मेलन, समझौते और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ।
- विज्ञान, पर्यावरण और स्वास्थ्य। मिशन, प्रजातियाँ, जलवायु वार्ताएँ और बीमारियों का फैलना।
क्या छोड़ें
- शहर, ज़िले और अपराध के पन्ने
- नेताओं के बयान, रैलियाँ और पार्टियों की आपसी लड़ाई
- मनोरंजन, लाइफ़स्टाइल और सेलिब्रिटी की खबरें
- मैच की रिपोर्ट, शेयर की तालिकाएँ और कंपनियों के नतीजे
- सप्लीमेंट और विज्ञापन
- वह चलती हुई खबर जो आप पहले नोट कर चुके हैं, जब तक उसमें कुछ नया न हो
अखबार से नोट्स कैसे बनाएँ
- हर मुद्दे पर एक लाइन। क्या हुआ, कौन सी संस्था, मुख्य आँकड़ा, तारीख।
- एक सिलेबस टैग। UPSC के लिए GS2 या GS3; SSC के लिए राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पुरस्कार या खेल।
- एक सवाल। ऐसा सवाल लिखिए जिसका जवाब आपकी लाइन में हो, ताकि बाद में बिना देखे जवाब दे सकें।
- एक निशान। जो तथ्य नोट्स में जाने से पहले PIB या RBI पर मिलाने हैं, उन पर निशान लगाइए।
- हर चलती खबर का एक कार्ड। तारीख के साथ एक टाइमलाइन, हर बार अखबार में आने पर नया नोट नहीं।
- अंग्रेज़ी शब्द ब्रैकेट में। हिंदी मीडियम में भी ज़रूरी शब्दों के आगे अंग्रेज़ी शब्द लिख लीजिए, ताकि हिंदी या अंग्रेज़ी, किसी भी नाम से पूछा गया सवाल आप पहचान सकें।
पैराग्राफ़ मत उतारिए। अगर नोट दो लाइन से लंबा है, तो आप अखबार दोबारा लिख रहे हैं। बाद में अपने ही सवालों के जवाब देना नोट्स दोबारा पढ़ने से ज़्यादा काम करता है; क्यों, यह करेंट अफेयर्स कैसे याद करें वाली गाइड में है।
50 मिनट का एक नमूना रूटीन
| मिनट | क्या करें |
|---|---|
| 0 से 5 | पहला पन्ना और हेडलाइन देखिए; छह से आठ खबरें चुनिए |
| 5 से 20 | राष्ट्रीय और सरकार वाले पन्ने (राज्य PCS वाले राज्य का पन्ना भी) |
| 20 से 35 | एक संपादकीय और एक लेख (जनसत्ता या द हिंदू का हिंदी संपादकीय) |
| 35 से 42 | अर्थव्यवस्था, दुनिया, विज्ञान और पर्यावरण |
| 42 से 50 | नोट्स: हर खबर पर एक लाइन, एक टैग और एक सवाल; PIB पर मिलाने वाले तथ्यों की लिस्ट |
हफ़्ते में एक बार 30 मिनट निकालकर उस हफ़्ते के सवालों के जवाब बिना देखे दीजिए, फिर मिलाइए। महीने के आखिर में पूरे महीने के साथ यही कीजिए, या जो छूट गया उसके लिए एक मासिक संकलन लीजिए; विकल्पों की तुलना करेंट अफेयर्स मैगज़ीन वाली गाइड में है।
अखबार पढ़ने में आम गलतियाँ
- रोज़ दो-तीन अखबार। एक जैसी खबरें दो-तीन बार पढ़ने में समय दोगुना-तिगुना लगता है, जबकि वही समय रिवीजन में ज़्यादा काम आता है।
- दो-तीन घंटे पढ़ना। इतना समय लग रहा है, तो आप शहर, अपराध, मनोरंजन या मैच वाले पन्ने पढ़ रहे हैं, या नोट्स में बहुत कुछ उतार रहे हैं।
- सिर्फ़ 60 शब्दों वाले ऐप पर टिकना। हेडलाइन मिलती है, वह तर्क नहीं जो मेन्स में लिखना है।
- बिना मिलाए तथ्य नोट्स में। योजना का नाम, आँकड़ा या तारीख नोट्स में जाने से पहले PIB या RBI पर मिला लीजिए, क्योंकि MCQ के विकल्प अक्सर एक-दूसरे के बहुत करीब होते हैं।
- अखबार पढ़ा, पर कभी दोहराया नहीं। पढ़ी हुई खबरें बिना दोहराए जल्दी धुँधली पड़ती हैं, इसलिए हफ़्ते वाला 30 मिनट का रिवीजन मत छोड़िए।
आज के करेंट अफेयर्स पर अभ्यास करें
हर दिन के सारांश हिंदी या अंग्रेज़ी में मुफ़्त पढ़ें, बिना साइन-अप के। RetainIt ऐप में रोज़ के MCQ व्याख्या के साथ मिलते हैं, गलत हुए सवाल बाद के क्विज़ में दोबारा आते हैं, और आपके सबसे कमज़ोर टॉपिक दिखते हैं। एंड्रॉइड पर मुफ़्त, कोई विज्ञापन नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UPSC के लिए सबसे अच्छा हिंदी अखबार कौन सा है?
हिंदी मीडियम के लिए जनसत्ता, क्योंकि इसका ज़ोर विचार और संपादकीय पर है, और साथ में द हिंदू के हिंदी संपादकीय, जो thehindu.com/hindi/editorial/ पर आते हैं। 28 सितंबर 2026 को जनसत्ता का दिल्ली ई-पेपर (पेज 1 और संपादकीय पन्ना) और द हिंदू के दो हिंदी संपादकीय, जो हमने खोले, बिना लॉगिन खुले। तथ्य PIB हिंदी से मिलाइए। अंग्रेज़ी अखबार कई विषयों पर ज़्यादा गहराई देते हैं, पर उन्हें रोज़ पढ़ना ज़रूरी नहीं।
क्या द हिंदू का संपादकीय हिंदी में पढ़ा जा सकता है?
हाँ। द हिंदू अपने संपादकीयों का हिंदी रूप thehindu.com/hindi/editorial/ पर डालता है। 28 सितंबर 2026 को अमेरिका-चीन रिश्तों पर उसी दिन का हिंदी संपादकीय बिना लॉगिन पूरा खुला, जबकि अंग्रेज़ी मूल सब्सक्रिप्शन माँग रहा था। 26 सितंबर का एक और हिंदी संपादकीय भी पूरा खुला। हमने दो ही खोले, इसलिए हर संपादकीय फ़्री होने का वादा नहीं कर सकते। ये अनुवाद हैं, इसलिए ज़रूरी शब्दों का अंग्रेज़ी रूप साथ लिख लीजिए।
जनसत्ता और दैनिक जागरण में से UPSC के लिए कौन बेहतर है?
UPSC मेन्स के लिए जनसत्ता, क्योंकि यह विचार और संपादकीय पर टिका है। दैनिक जागरण में खबरें ज़्यादा और विश्लेषण कम है, इसलिए यह सामान्य जागरूकता और SSC जैसी परीक्षाओं के लिए बेहतर बैठता है। जागरण पहले से घर आता है, तो उसके राष्ट्रीय और संपादकीय पन्ने पढ़िए और द हिंदू का हिंदी संपादकीय ऑनलाइन जोड़ लीजिए; दोनों अखबार खरीदने की ज़रूरत नहीं।
SSC और रेलवे परीक्षा के लिए कौन सा अखबार पढ़ें? क्या अखबार ज़रूरी है?
ज़रूरी नहीं है। एक डेली करेंट अफेयर्स सोर्स, जो परीक्षा वाले तथ्य छाँटकर दे, और PIB पर उनका मिलान, SSC और रेलवे की सामान्य जागरूकता के लिए काफ़ी है। अखबार पढ़ना अच्छा लगता है, तो दैनिक जागरण जैसे किसी भी राष्ट्रीय अखबार के पहले और राष्ट्रीय पन्नों पर 20 से 30 मिनट काफ़ी हैं, या NewsOnAir की फ़्री हिंदी खबरें।
बैंक परीक्षा के लिए कौन सा अखबार पढ़ें?
अपने अखबार का बिज़नेस पन्ना बड़ी बैंकिंग और इकोनॉमी खबरें दे देता है, और आँकड़े RBI की प्रेस रिलीज़ से लीजिए। RBI ग्रेड B या ज़्यादा गहराई के लिए अंग्रेज़ी बिज़नेस अखबार जोड़ सकते हैं: BusinessLine (द हिंदू के ₹2,799 सालाना वाले पास में शामिल) या Business Standard (28 सितंबर 2026 को ₹2,700 सालाना)।
राज्य PCS (UPPSC, BPSC, RPSC) के लिए कौन सा अखबार पढ़ें?
अपने राज्य का बड़ा अखबार, सिर्फ़ उसके राज्य वाले पन्नों के लिए: UP और उत्तराखंड के लिए अमर उजाला, बिहार और झारखंड के लिए हिंदुस्तान, और राजस्थान के लिए राजस्थान पत्रिका या दैनिक भास्कर। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के लिए जनसत्ता या द हिंदू के हिंदी संपादकीय साथ रखिए, और शहर व अपराध वाले पन्ने छोड़ दीजिए।
दैनिक जागरण ई-पेपर की कीमत कितनी है? कौन सा ई-पेपर फ़्री है?
28 सितंबर 2026 को दैनिक जागरण का ई-पेपर हफ़्ते के ₹29, महीने के ₹69 और साल के ₹365 का था। इसकी वेबसाइट की खबरें फ़्री थीं, और जो संपादकीय हमने खोला, वह भी बिना लॉगिन पूरा खुला। उस दिन नवभारत टाइम्स का ई-पेपर नए प्लान आने तक फ़्री था, जनसत्ता के दिल्ली ई-पेपर का पहला और संपादकीय पन्ना और अमर उजाला का पेज 1 बिना लॉगिन खुले। दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका के ई-पेपर लॉगिन माँगते हैं, और लॉगिन के बाद पैसे लगते हैं या नहीं, यह हम पक्का नहीं कर पाए।
करेंट अफेयर्स के लिए कौन सा न्यूज़ ऐप काम का है?
गहराई के लिए आपके अपने अखबार का ऐप, और फ़्री हिंदी खबरों व ऑडियो बुलेटिन के लिए NewsOnAir, जिसमें न विज्ञापन है, न इन-ऐप खरीदारी। तथ्य मिलाने के लिए PIB का ऐप काम आता है। परीक्षा के हिसाब से छँटी खबरें और क्विज़ चाहिए, तो न्यूज़ ऐप की जगह एग्ज़ाम करेंट अफेयर्स ऐप देखिए।
क्या Inshorts या Google News से परीक्षा की तैयारी हो जाएगी?
अकेले नहीं। Inshorts हर खबर 60 शब्दों या उससे कम में देता है, जिससे हेडलाइन वाला तथ्य तो मिलता है, पर पृष्ठभूमि और तर्क नहीं, और इसमें मनोरंजन और शेयर बाज़ार की खबरें भी आती हैं। Google News का फ़ीड आपके टैप के हिसाब से बनता है, इसलिए परीक्षा वाले विषय दब सकते हैं। दोनों को अखबार से पहले हेडलाइन देखने के लिए इस्तेमाल कीजिए।
अखबार रोज़ कितने समय तक पढ़ना चाहिए और नोट्स कैसे बनाएँ?
UPSC और राज्य PCS के लिए 45 से 60 मिनट, और SSC, रेलवे व बैंक के लिए, अगर अखबार पढ़ते हैं तो, 20 से 30 मिनट। नोट्स में हर मुद्दे पर एक लाइन (क्या हुआ, कौन सी संस्था, आँकड़ा, तारीख), एक सिलेबस टैग और एक सवाल लिखिए, और जो तथ्य PIB पर मिलाने हैं उन पर निशान लगाइए। पूरे पैराग्राफ़ मत उतारिए।
क्या PIB हिंदी में उपलब्ध है?
हाँ। PIB की प्रेस रिलीज़ की लिस्ट हिन्दी, English और Urdu में है, और हिंदी वाली लिस्ट (pib.gov.in पर) में मंत्रालय चुनने का विकल्प भी हिंदी में है। 28 सितंबर 2026 को इसमें उसी दिन की रिलीज़ हिंदी में थीं। यह फ़्री है, लॉगिन नहीं माँगता, और योजनाओं के सरकारी हिंदी नाम मिलाने के लिए सबसे भरोसेमंद जगह है।