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बैंक परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स कैसे याद करें: बैंकिंग अवेयरनेस जो मेन्स तक याद रहे

लेखक: RetainIt टीम अपडेट 14 मिनट में पढ़ें
इस लेख में
  1. छह महीने में छह मेन्स: 2026 का बैंक परीक्षा कैलेंडर
  2. बैंकिंग अवेयरनेस में क्या-क्या आता है, और किस हिस्से को कैसे याद रखें
  3. मंथली PDF से बैंक परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स याद करना मुश्किल क्यों है
  4. RBI के रेट और बेस ईयर के लिए बदलते आँकड़ों की शीट
  5. रेगुलेटर के प्रमुख और मुख्यालय
  6. फ़ाइनेंशियल टर्म्स के ट्रैप कार्ड
  7. रिपोर्ट और सूचकांक जारी करने वाली संस्थाएँ
  8. क्वांट, रीज़निंग और इंग्लिश के साथ GA का तालमेल
  9. GA मॉक की गलतियों को पाँच खानों में बाँटें
  10. मेन्स से पहले के आखिरी तीन हफ़्ते
  11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

IBPS PO का 2026 का कैलेंडर देखिए। प्रीलिम्स 22 और 23 अगस्त को, मेन्स 4 अक्टूबर को। प्रीलिम्स में इंग्लिश, क्वांट और रीज़निंग आते हैं, General Awareness (GA) नहीं। SBI PO और दोनों क्लर्क परीक्षाओं में भी यही है, इसलिए GA महीनों तक "प्रीलिम्स के बाद" वाली लिस्ट में पड़ा रहता है।

जब DI सेट और सीटिंग अरेंजमेंट पूरा दिन खा रहे हों, तब RBI सर्कुलर पर 30 मिनट लगाना भी ऐयाशी लगता है। फिर रिज़ल्ट आता है, मेन्स में कुछ ही हफ़्ते बचते हैं, और आप सोचते हैं कि बैंक परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स कैसे याद करें। ऊपर से छह महीने के RBI अपडेट, योजनाएँ, नियुक्तियाँ और रिपोर्ट एक साथ सिर पर आ पड़ती हैं।

मेन्स का GA सेक्शन छोटा भी नहीं है। IBPS PO के 2026 के नोटिफिकेशन ने इसे 50 सवाल और 60 अंक का कर दिया, जबकि 2025 में यह 35 सवाल और 50 अंक का था। यानी जितने अंक रीज़निंग के, उतने ही GA के, और इंग्लिश से तीन गुना।

शुरुआत GA के एक ऐसे छोटे स्लॉट से करें जो रोज़ चल सके, प्रीलिम्स वाले महीने में भी। फिर बैंकिंग अवेयरनेस को तथ्यों के स्वभाव के हिसाब से बाँट लें। कोई परिभाषा एक बार सीख ली तो वह बदलती नहीं, जबकि रेपो रेट किसी भी MPC बैठक में बदल सकता है। इन दोनों को एक ही तरीके से नहीं संभाला जा सकता। मेन्स से पहले इसी स्लॉट में दोबारा पढ़ने के बजाय खुद को टेस्ट करें, क्योंकि आखिरी वक्त में रटे गए तथ्य जल्दी उड़ जाते हैं

छह महीने में छह मेन्स: 2026 का बैंक परीक्षा कैलेंडर

सारी तारीखें संभावित (tentative) हैं और आधिकारिक नोटिफिकेशन से ली गई हैं। सिर्फ़ IBPS PO की सटीक तारीखें IBPS के कैलेंडर के हवाले से दी गई हैं, क्योंकि नोटिफिकेशन में बस महीने लिखे हैं। बदलावों के लिए ibps.in और SBI का करियर पेज देखते रहें।

परीक्षा (2026) प्रीलिम्स मेन्स मेन्स का GA सेक्शन
SBI PO अगस्त 2026 सितंबर 2026 60 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट
IBPS PO 22 और 23 अगस्त 2026 4 अक्टूबर 2026 50 सवाल, 60 अंक, 35 मिनट
SBI क्लर्क सितंबर 2026 नवंबर 2026 50 सवाल, 50 अंक, 35 मिनट
IBPS क्लर्क अक्टूबर 2026 दिसंबर 2026 40 सवाल, 50 अंक, 20 मिनट
IBPS RRB PO और क्लर्क नवंबर से दिसंबर 2026 दिसंबर 2026 से फ़रवरी 2027 40 सवाल, 40 अंक, 15 मिनट

SBI क्लर्क का प्रीलिम्स उसी महीने में है जिसमें SBI PO का मेन्स, और IBPS क्लर्क का प्रीलिम्स उसी महीने में जिसमें IBPS PO का मेन्स। अगर आप PO और क्लर्क दोनों दे रहे हैं, तो ऐसा कोई मोड़ आता ही नहीं जब प्रीलिम्स "खत्म" हो जाए। जो GA प्लान किसी एक प्रीलिम्स के निपटने का इंतज़ार करता है, वह आपके सबसे व्यस्त दौर में जाकर शुरू होता है।

मेन्स के हर सेक्शन का अपना टाइमर होता है। IBPS क्लर्क के GA में एक सवाल के लिए 30 सेकंड मिलते हैं, RRB परीक्षाओं में लगभग 22, और हर गलत जवाब पर उस सवाल के अंकों का एक-चौथाई कट जाता है। विकल्प जानबूझकर एक-दूसरे के करीब रखे जाते हैं। RRB मेन्स में एक सवाल के लिए सिर्फ़ 22 सेकंड होते हैं। इतने में "कहीं तो देखा था" वाली धुंधली याद आपसे 5.50% छोड़कर 5.25% पर उंगली नहीं रखवा पाएगी।

RBI ग्रेड B और RBI असिस्टेंट

RBI ग्रेड B में मामला उल्टा है। हाल के नोटिस के हिसाब से GA फ़ेज़ I में ही है, इसलिए इसकी तैयारी पहले दिन से शुरू करनी पड़ती है। फ़ेज़ II के Economic and Social Issues (आर्थिक और सामाजिक मुद्दे) और Finance and Management (वित्त और प्रबंधन) पेपरों के लिए खबरों के पीछे के कॉन्सेप्ट समझने पड़ते हैं। हाल के नोटिस के अनुसार RBI असिस्टेंट के लिए GA सिर्फ़ मेन्स में है। दोनों बातें RBI के भर्ती पेज पर ज़रूर पक्की कर लें।

बैंकिंग अवेयरनेस में क्या-क्या आता है, और किस हिस्से को कैसे याद रखें

अगर आप गूगल पर "banking awareness kaise padhe" खोजते हुए यहाँ पहुँचे हैं, तो पहले देखिए कि इसमें आता क्या है। IBPS PO के सेक्शन का नाम ही दायरा बता देता है। उसमें General, Economy, Banking, Digital और Financial Awareness लिखा है, साथ में "including RBI circulars", यानी RBI के सर्कुलर भी। रेट, बेस ईयर और रेगुलेटर के प्रमुख बदलते रहते हैं, इसलिए उनके लिए आगे अलग शीट बनेगी। बाकी हिस्सा तीन तरह का है।

वे कॉन्सेप्ट जो नहीं बदलते

CRR, SLR, रेपो, SDF, MSF, बैंक रेट, NPA, बेसल मानदंड (Basel norms), बैंकों के प्रकार, पेमेंट सिस्टम। इन्हें एक बार किसी स्टैंडर्ड किताब से अच्छी तरह समझ लें। "RBI ने CRR घटाया" जैसी हेडलाइन तभी याद रहती है जब आपको पता हो कि CRR करता क्या है। उसके बाद हर दो-एक हफ़्ते में इन पर खुद को टेस्ट करते रहें।

RBI अपडेट, सरकारी योजनाएँ और इकोनॉमी की खबरें

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के निर्देश, बैंकों पर लगे जुर्माने, कमेटियाँ, योजनाओं में बदलाव, GDP के आँकड़े और बजट की घोषणाएँ सबसे जल्दी आपस में गड्डमड्ड हो जाती हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को ही लीजिए। 24 अक्टूबर 2024 से शिशु, किशोर और तरुण के साथ तरुण प्लस भी जुड़ गया है। इसमें ₹10 लाख से ₹20 लाख तक का लोन मिलता है, और यह सिर्फ़ उन्हीं के लिए है जो पहले तरुण लोन लेकर चुका चुके हैं। इसलिए पहले बनाए कार्ड और पुरानी किताबें अब आउटडेटेड हैं। हर योजना के कार्ड में एक जैसे खाने रखें (शुरू होने का साल, लागू करने वाली संस्था, किसके लिए है, सीमाएँ, ताज़ा बदलाव)।

इकोनॉमी की हर खबर को किसी ऐसे कॉन्सेप्ट से जोड़ें जो आप पहले से जानते हैं, ठीक वैसे ही जैसे UPSC की तैयारी करने वाले किसी खबर को स्टैटिक टॉपिक से जोड़ते हैं। GDP के आँकड़ों के लिए दो कार्ड चाहिए। एक कार्ड पर लिखें कि इन्हें कौन जारी करता है (राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी NSO, जो MoSPI के तहत आता है), और दूसरे पर इनका बेस ईयर (आधार वर्ष), जो अब 2022-23 है। IBPS PO मेन्स के लिए हर बदलाव के साथ यह भी लिख लें कि लोन लेने वाले पर इसका क्या असर पड़ेगा। वजह यह है कि 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार IBPS PO मेन्स के डिस्क्रिप्टिव पेपर में आर्थिक मुद्दों और बैंकिंग ट्रेंड से जुड़े टॉपिक आ सकते हैं।

GA का दूसरा आधा हिस्सा: जनरल करेंट अफेयर्स

मेन्स के GA में खेल, पुरस्कार, शिखर सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ, महत्वपूर्ण दिवस और बैंकिंग से बाहर की नियुक्तियाँ भी आती हैं। हर शिखर सम्मेलन के कार्ड में चार खाने बनाएँ (क्या, कहाँ, कब, भारत की भूमिका) और हर दिवस के साथ उसकी वजह लिखें। जैसे नौसेना दिवस (4 दिसंबर) के साथ लिखें कि 1971 में कराची बंदरगाह पर ऑपरेशन ट्राइडेंट हुआ था। यह वही सामग्री है जिसकी SSC वाले बार-बार प्रैक्टिस करते हैं, तो उनके एक जैसे दिखने वाले तथ्यों के कन्फ़्यूज़न सेट उधार ले लीजिए।

मंथली PDF से बैंक परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स याद करना मुश्किल क्यों है

मंथली कंपाइलेशन तारीख के हिसाब से बने होते हैं, जबकि परीक्षा कॉन्सेप्ट के हिसाब से पूछती है। आपको दिमाग में लिक्विडिटी (तरलता) के सारे टूल एक साथ चाहिए, और PDF उन्हें छह अलग-अलग जगह बिखेरकर रखते हैं।

एक ही चीज़ अलग-अलग महीनों में अलग-अलग आँकड़ों के साथ दिखती है। जून 2025 में RBI ने CRR को 4% से घटाकर 3% करने का ऐलान किया। यह कटौती सितंबर से नवंबर 2025 के बीच 25-25 बेसिस पॉइंट की चार किस्तों में लागू हुई। यानी आप जो भी कंपाइलेशन खोलें, उसमें CRR 4% (कटौती आने वाली है), 3.75%, 3.50%, 3.25% या 3%, कुछ भी लिखा मिल सकता है।

और यह सब एक साथ उन्हीं हफ़्तों में सिर पर आता है जब आप DI की स्पीड सुधारने में लगे होते हैं।

एक बार में एक महीने की छँटाई

एक बार में एक ही महीना लें और हर तथ्य को उसकी सही जगह भेजें। बदले हुए रेट और आँकड़े "बदलते आँकड़ों की शीट" (moving-numbers sheet) पर, रिपोर्ट पब्लिशर वाली टेबल में, योजना का बदलाव उसी योजना के कार्ड पर, और नियुक्तियाँ "बदलते नामों की शीट" पर। जो बचता है, वह जनरल करेंट अफेयर्स है। उस पर खुद को टेस्ट करें (या कोई क्विज़ दें) और सिर्फ़ वही दोहराएँ जो गलत हुआ। बस यह गलती न करें कि छह महीने का 300 पेज वाला नया कंपाइलेशन उठाएँ और पहले पेज से पढ़ना शुरू कर दें।

RBI के रेट और बेस ईयर के लिए बदलते आँकड़ों की शीट

अंक तब कटते हैं जब आपके नोट्स में लिखा आँकड़ा दो पॉलिसी बैठकों पहले का होता है। एक पेज पर हर बदलने वाला आँकड़ा लिखें, साथ में यह भी कि वह आखिरी बार कब बदला और आपने उसे आखिरी बार कब जाँचा। मान बदले तो पुराना मिटाएँ नहीं, उस पर लकीर खींच दें, क्योंकि कभी-कभी सवाल ही यह होता है कि बदलाव किस दिशा में हुआ। नीचे दिए आँकड़े 22 सितंबर 2026 तक के हैं और RBI की वेबसाइट के Current Rates पैनल और PIB की प्रेस रिलीज़ से लिए गए हैं।

आइटम आँकड़ा (22 सितंबर 2026) आखिरी बदलाव
रेपो रेट 5.50% 5.25% दिसंबर 2025 की MPC बैठक
SDF रेट (निचली सीमा) 5.00% रेपो के साथ चलता है (रेपो से 25 bps कम)
MSF रेट (ऊपरी सीमा) और बैंक रेट 5.50% रेपो के साथ चलता है (रेपो से 25 bps ज़्यादा)
CRR 4.00% 3.00% चार किस्तों में, सितंबर से नवंबर 2025
SLR 18.00% सालों से नहीं बदला
GDP का बेस ईयर 2011-12 2022-23 नई सीरीज़, 27 फ़रवरी 2026
CPI का बेस 2012=100 2024=100 नई सीरीज़, 12 फ़रवरी 2026

मौद्रिक नीति समिति (MPC) में छह सदस्य होते हैं। तीन RBI से, जिनमें गवर्नर भी हैं, और तीन बाहरी सदस्य, जिन्हें केंद्र सरकार नियुक्त करती है। अध्यक्षता गवर्नर करते हैं और निर्णायक मत (casting vote) भी उन्हीं के पास है। MPC के लिए महँगाई का लक्ष्य 31 मार्च 2031 तक 4% तय है, जिसमें 2% ऊपर-नीचे की गुंजाइश है। RBI अपनी MPC बैठकों की तारीखें पहले से घोषित कर देता है, इसलिए आपको पता रहता है कि शीट पर कब काम करना है। जिस शाम फ़ैसला आए, उसी शाम शीट अपडेट कर दें और RBI के अनुमान (projections) भी साथ में लिख लें। हफ़्ते में एक बार "आँकड़ा" वाला कॉलम ढककर उसे याद से भरें।

रेगुलेटर के प्रमुख और मुख्यालय

बदलते नामों की शीट में मुख्यालय एक बार लिखकर याद कर लें, क्योंकि वे बदलते नहीं। प्रमुखों के मामले में हर जाने वाले का नाम काटें और नए प्रमुख ने जिस तारीख को पद संभाला, वह लिखें।

संस्था मुख्यालय प्रमुख (सितंबर 2026 में जाँचा)
RBI मुंबई शक्तिकांत दास संजय मल्होत्रा, 11 दिसंबर 2024 से
SEBI मुंबई माधबी पुरी बुच तुहिन कांत पांडेय, 1 मार्च 2025 से

इसमें IRDAI (हैदराबाद), PFRDA (नई दिल्ली), NABARD (मुंबई) और SIDBI (लखनऊ) भी जोड़ें। हर संस्था के मौजूदा प्रमुख का नाम उसी की वेबसाइट से जाँचें और तारीख के साथ लिखें। बैंकों के MD और CEO की नियुक्तियाँ भी बैंक-वार लिखें। कटा हुआ नाम और उसकी जगह आया नाम हमेशा जोड़ी में साथ पढ़ें। इससे इस बात का खतरा कम हो जाता है कि पिछले साल का नाम इस साल वाले नाम की जगह याद आ जाए। पुराने तथ्य का नए तथ्य को इस तरह दबा देना प्रोएक्टिव इंटरफेरेंस (proactive interference) कहलाता है।

फ़ाइनेंशियल टर्म्स के ट्रैप कार्ड

हर टर्म का मतलब लिखें और यह भी कि वह किसके साथ कन्फ़्यूज़ होता है। पेपर हिंदी में देंगे तो साथ में हिंदी टर्म भी लिखें। कार्ड पलटने से पहले जवाब बोलें।

  • रेपो बनाम बैंक रेट। रेपो पर RBI बैंकों को पात्र प्रतिभूतियों (eligible securities) के बदले उधार देता है। बैंक रेट पर RBI बिल ऑफ़ एक्सचेंज और कमर्शियल पेपर खरीदता या रीडिस्काउंट करता है, और अब यह MSF के बराबर रखा जाता है।
  • CRR बनाम SLR। दोनों NDTL के प्रतिशत के तौर पर तय होते हैं। CRR का पैसा बैंक को RBI के पास जमा रखना होता है, जबकि SLR बैंक अपने ही पास सरकारी प्रतिभूतियों, नकद या सोने में रखता है।
  • रिवर्स रेपो बनाम SDF। दोनों लिक्विडिटी सोखते हैं, लेकिन रिवर्स रेपो में RBI बदले में कोलैटरल (प्रतिभूतियाँ) देता है और SDF में कुछ नहीं देता। 8 अप्रैल 2022 को SDF ने फ़िक्स्ड-रेट रिवर्स रेपो की जगह ले ली और कॉरिडोर की निचली सीमा (floor) बन गया।
  • NEFT और RTGS बनाम UPI और IMPS। NEFT और RTGS का मालिक और संचालक RBI है (RTGS में कम से कम ₹2 लाख), जबकि UPI, IMPS, RuPay, NACH, NETC FASTag और AePS को NPCI चलाता है।
  • NPA। टर्म लोन का ब्याज या किस्त 90 दिन से ज़्यादा समय से बकाया हो, तो वह लोन NPA माना जाता है (कृषि लोन पर इसकी जगह फ़सल-सीज़न वाले नियम लागू होते हैं)। मानकर चलें कि विकल्पों में 90 के आस-पास की संख्याएँ भी होंगी।
  • पेमेंट्स बैंक बनाम स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक। पेमेंट्स बैंक सिर्फ़ डिमांड डिपॉज़िट लेता है (हर ग्राहक से ₹2 लाख तक) और लोन नहीं दे सकता, जबकि स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक जमा भी लेता है और मुख्य रूप से छोटे उधारकर्ताओं को लोन भी देता है।

"अगर ऐसा हो तो क्या होगा" वाले कार्ड भी बनाएँ। RBI CRR बढ़ाए तो लिक्विडिटी का क्या होगा? रेपो 25 bps घटे तो SDF और MSF कितने हो जाएँगे? जवाब देखने से पहले ज़ोर से बोलें। बिना देखे याद से जवाब निकालने की इसी कोशिश को एक्टिव रिकॉल (active recall) कहते हैं। जब भी मॉक का कोई सवाल आपको फँसा दे, उसका एक नया कार्ड बना लें।

रिपोर्ट और सूचकांक जारी करने वाली संस्थाएँ

रिपोर्ट वाले कई सवाल घूम-फिरकर यही पूछते हैं कि "इसे कौन जारी करता है?" ऊपर से कई रिपोर्टों के नाम लगभग एक जैसे हैं, इसलिए इन्हें जोड़ियों में याद करें।

रिपोर्ट / सूचकांक जारी करने वाली संस्था
Financial Stability Report (वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट) RBI, जून और दिसंबर में
Global Financial Stability Report (वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट) IMF
World Economic Outlook (विश्व आर्थिक परिदृश्य) IMF
Human Development Report (मानव विकास रिपोर्ट) UNDP
Global Gender Gap Report (वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट) World Economic Forum (विश्व आर्थिक मंच)
World Investment Report (विश्व निवेश रिपोर्ट) UNCTAD
Global Hunger Index (वैश्विक भूख सूचकांक) Concern Worldwide, Welthungerhilfe और IFHV
Business Ready (B-READY) World Bank (विश्व बैंक)

पहली दो पंक्तियाँ एक ही कार्ड पर लिखें। वैश्विक भूख सूचकांक के अब तीन प्रकाशक हैं, जबकि कुछ साल पुराने नोट्स में सिर्फ़ दो नाम हो सकते हैं। B-READY ने Doing Business की जगह ली है, जिसे विश्व बैंक ने 2021 में बंद कर दिया था, इसलिए पुराने नोट्स में Doing Business को काटें और उसके बगल में B-READY लिख दें।

क्वांट, रीज़निंग और इंग्लिश के साथ GA का तालमेल

सीज़न के ज़्यादातर हिस्से में दिन का आपका सबसे ताज़ा समय क्वांट और रीज़निंग को जाता है, क्योंकि प्रीलिम्स का कट-ऑफ़ ही तय करता है कि आप मेन्स तक पहुँचेंगे या नहीं। GA का हिसाब अलग है। जब अगले चार महीनों में कोई मेन्स न हो, तो रोज़ लगभग आधा घंटा काफ़ी है (उस दिन के करेंट अफेयर्स और एक छोटा क्विज़, एक स्टैटिक कॉन्सेप्ट, कुछ ट्रैप कार्ड)। किसी भी प्रीलिम्स के आस-पास वाले हफ़्तों में 10 से 15 मिनट की रिकॉल काफ़ी है, और प्रीलिम्स के रिज़ल्ट से उस परीक्षा के मेन्स तक रोज़ 60 से 90 मिनट दें।

सबसे ज़्यादा मन प्रीलिम्स वाले हफ़्तों का स्लॉट छोड़ देने का करता है, और 2026 के सीज़न में ये हफ़्ते अगस्त से दिसंबर तक फैले हैं। उन दिनों बस एक शीट याद से टेस्ट करें और एक छोटा क्विज़ दे दें।

नौकरी के साथ तैयारी करने वाले का एक आम दिन

मान लीजिए आपकी नौकरी 9:30 से 6 बजे तक है। सुबह दफ़्तर जाने से पहले, जब दिमाग ताज़ा हो, 45 मिनट क्वांट करें या एक DI सेट लगा लें। दफ़्तर आते-जाते फ़ोन पर लगभग 15 मिनट GA की रिकॉल करें। पहले कल के तथ्य याद से दोहराएँ, फिर एक छोटा क्विज़ दें। लंच में The Hindu या Indian Express का इकोनॉमी वाला एक लेख पढ़ें। यह इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन की प्रैक्टिस भी है, इसलिए इसे अंग्रेज़ी में ही पढ़ें। उसमें ऐसे दो शब्दों पर निशान लगाएँ जो क्लोज़ टेस्ट में आते तो शायद आपसे गलत हो जाते। शाम को रीज़निंग के पज़ल करें और एक टाइम्ड सेक्शनल दें। रविवार को पूरा मॉक दें, फिर GA की गलतियों वाला रजिस्टर (miss log) भरें।

प्रीलिम्स वाले हफ़्तों में जब GA बस दफ़्तर आने-जाने के इन 15 मिनटों तक सिमट जाए, तो ज़रूरी नहीं कि क्विज़ आपने खुद बनाया हो। Android पर RetainIt ऐप मुफ़्त है, और इसमें न विज्ञापन हैं, न सब्सक्रिप्शन। यह रोज़ के करेंट अफेयर्स का सार देता है, साथ में मुख्य बिंदु (key points) और परीक्षा वाले तथ्य (exam facts)। इसकी Custom Practice में आप टॉपिक, तारीखों की रेंज और टाइमर खुद चुन सकते हैं। प्रीलिम्स का रिज़ल्ट आने के बाद इसे Economy, पिछले 30 दिन और टाइम्ड मोड पर सेट कर दें। जो सवाल गलत होते हैं, वे बाद के क्विज़ में तब तक लौटते रहते हैं जब तक आप उनका सही जवाब न दे दें। Weak Areas दिखाता है कि Economy सच में आपका सबसे कमज़ोर टॉपिक है या नहीं, और जिस महीने को प्रीलिम्स निगल गया, उसे Monthly Recap कवर कर देता है।

RetainIt आपको बैंकिंग के कॉन्सेप्ट नहीं सिखाएगा (उसके लिए किताब रखें), न आपकी शीट संभालेगा, और न यह बताएगा कि किस शीट को दोबारा टेस्ट करने का समय आ गया है। इसके सारांशों में RBI की अपनी प्रेस रिलीज़ के लिंक नहीं होते, इसलिए हर आँकड़ा rbi.org.in से ही लें। इकोनॉमी और बैंकिंग के ये सारांश ब्राउज़र में भी मुफ़्त पढ़े जा सकते हैंकिसी भी करेंट अफेयर्स ऐप से पूछने लायक सवालों पर एक अलग लेख है।

GA मॉक की गलतियों को पाँच खानों में बाँटें

हर फ़ुल मॉक के बाद GA का हर गलत या तुक्के से किया गया सवाल पाँच में से किसी एक खाने (लेबल) में डालें। स्टैटिक बैंकिंग की गलती (CRR, NPA, पेमेंट्स बैंक) आपको ट्रैप कार्ड और किताब की ओर भेजती है। अगर कोई RBI अपडेट बिल्कुल अनजाना लगे, तो समझिए आपकी छँटाई में चीज़ें छूट रही हैं। इसके लिए हर हफ़्ते RBI की प्रेस रिलीज़ पढ़ें। बदलते आँकड़े में गलती का मतलब है कि शीट पुरानी है या उसे टेस्ट नहीं किया गया। जनरल करेंट अफेयर्स (खेल, पुरस्कार, शिखर सम्मेलन, दिवस) के लिए क्विज़ मोड में कई राउंड लगाने होंगे। रिपोर्ट या सूचकांक की गलती आपको वापस पब्लिशर वाली टेबल पर ले जाती है। तीन मॉक के बाद आम तौर पर एक-दो खानों में ही ज़्यादातर गलतियाँ जमा हो जाती हैं, और जो खाना सबसे भरा है, वही बताता है कि कौन-सी शीट या टेबल सबसे पहले दोबारा बनानी है।

मेन्स से पहले के आखिरी तीन हफ़्ते

अगर रोज़ वाला स्लॉट बचा रहा, तो ये हफ़्ते रिवीजन के हैं। शुरुआत मॉक की गलतियों वाले रजिस्टर से करें। जिस खाने में सबसे ज़्यादा गलतियाँ हैं, पहले उसे लें, और दोनों शीट रोज़ टेस्ट करें। फिर पिछले चार से छह महीने के करेंट अफेयर्स का रिवीजन करें, सबसे नए महीने से शुरू करके। उसके बाद पब्लिशर वाली जोड़ियाँ, ट्रैप कार्ड और योजना कार्ड दोहराएँ। हर दिन का अंत असली सेक्शनल टाइम के साथ एक मॉक GA सेक्शन से करें।

अगर एक महीने बाद दूसरा मेन्स है, तो नए महीने की छँटाई करें और दोनों शीट फिर से टेस्ट करें, क्योंकि बाकी तैयारी वहाँ भी काम आती है।

आज के करेंट अफेयर्स पर अभ्यास करें

हर दिन के सारांश हिंदी या अंग्रेज़ी में मुफ़्त पढ़ें, बिना साइन-अप के। RetainIt ऐप में रोज़ के MCQ व्याख्या के साथ मिलते हैं, गलत हुए सवाल बाद के क्विज़ में दोबारा आते हैं, और आपके सबसे कमज़ोर टॉपिक दिखते हैं। एंड्रॉइड पर मुफ़्त, कोई विज्ञापन नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या IBPS PO या SBI PO के प्रीलिम्स में GA आता है?

2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार नहीं। IBPS PO, SBI PO और दोनों क्लर्क परीक्षाओं के प्रीलिम्स में इंग्लिश, क्वांट (क्लर्क में इसे Numerical Ability कहते हैं) और रीज़निंग होते हैं, जबकि IBPS RRB के प्रीलिम्स में सिर्फ़ रीज़निंग और क्वांट। हाल के नोटिस के हिसाब से RBI ग्रेड B इसका अपवाद है, जहाँ GA फ़ेज़ I में ही है।

IBPS PO मेन्स के लिए कितने महीने के करेंट अफेयर्स ज़रूरी हैं?

आम सलाह यह है कि हर मेन्स की तारीख से पीछे गिनकर पिछले चार से छह महीने विस्तार से पढ़ें, और उससे पहले के महीनों पर हल्की नज़र डाल लें। किसी नोटिफिकेशन में कोई तय अवधि नहीं लिखी होती। बदलते आँकड़ों के लिए आपको मौजूदा मान और उसका आखिरी बदलाव पता होना चाहिए, चाहे वह बदलाव कितना भी पुराना हो।

बैंकिंग अवेयरनेस और फ़ाइनेंशियल अवेयरनेस में क्या फ़र्क है?

दोनों में काफ़ी कुछ एक जैसा है। बैंकिंग अवेयरनेस मूल हिस्सा है (RBI, मौद्रिक नीति, टर्म्स, पेमेंट सिस्टम, रेगुलेटर), और फ़ाइनेंशियल अवेयरनेस में इसके अलावा बाज़ार, बीमा, पेंशन, बजट और योजनाएँ भी आती हैं। क्लर्क परीक्षाएँ अपने सेक्शन को "General/ Financial Awareness" कहती हैं और SBI PO "General Awareness / Economy/ Banking Knowledge", लेकिन तैयारी दोनों की एक साथ, एक ही सामग्री मानकर करें।

बैंक परीक्षा के लिए RBI के अपडेट कहाँ से पढ़ें?

rbi.org.in से। वहाँ प्रेस रिलीज़, हर MPC बैठक के बाद आने वाला मौद्रिक नीति वक्तव्य (monetary policy statement) और होम पेज का Current Rates पैनल देखें। योजनाओं और इकोनॉमी के आँकड़ों के लिए PIB देखें। सुविधा के लिए कोई डेली सारांश पढ़ना ठीक है, लेकिन शीट पर आँकड़े RBI से ही उतारें।

प्रीलिम्स के बाद बचे कुछ हफ़्तों में मेन्स के लिए GA की तैयारी कैसे करें?

एक बार में एक महीने की खबरें लेकर उनकी छँटाई करें, और रेट, रिपोर्ट, योजनाओं के बदलाव और नियुक्तियाँ अपनी-अपनी शीट और कार्ड पर भेजें। फिर जो बचा है उस पर खुद को टेस्ट करें। सबसे नए महीने से शुरू करें, और दोनों शीट भी रोज़ टेस्ट करें। आखिरी हफ़्ते में रोज़ एक टाइम्ड GA सेक्शन दें और सिर्फ़ उसकी गलतियाँ दोहराएँ।