UPSC के लिए करेंट अफेयर्स कैसे याद करें: अखबार से प्रीलिम्स तक रिवीजन का एक सिस्टम
इस लेख में
- अखबार, PIB, मैगज़ीन और वीडियो: किसमें क्या छूट जाता है
- पढ़ना, समझना, बिना देखे याद करना और परीक्षा तक याद रखना
- सवाल, तथ्य और GS लिंक के साथ UPSC के करेंट अफेयर्स नोट्स कैसे बनाएँ
- प्रीलिम्स के दिन तक UPSC के करेंट अफेयर्स कैसे याद रखें
- गलत जवाब कैसे जाँचें और कमज़ोर टॉपिक कैसे पहचानें
- UPSC की तैयारी का एक आम हफ़्ता, फ़ुल-टाइम हो या नौकरी के साथ
- प्रीलिम्स के अगले दिन से मेन्स की तैयारी: कार्ड कैसे छाँटें
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टेस्ट सीरीज़ के फ़ुल-लेंथ मॉक का एक घंटा बीत चुका है। तभी सुप्रीम कोर्ट के एक ऐसे मामले पर कथन आते हैं जो बिजली की लाइनों और एक पक्षी से जुड़ा है। नीचे वही जाना-पहचाना सवाल, उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं? पढ़ा तो था। पन्ना लगभग आँखों के सामने है। याद है, खबर एडिटोरियल पेज पर थी, शायद किसी मंगलवार को। बस वही बात याद नहीं आ रही जो सवाल पूछ रहा है।
तो आधे भरोसे से आप "केवल दो" पर गोला भर देते हैं, यह जानते हुए कि गलत निकला तो उस सवाल के एक-तिहाई अंक कट जाएँगे।
UPSC के लिए करेंट अफेयर्स कैसे याद करें, इस पर आम सलाह यही मिलती है कि रोज़ The Hindu या Indian Express (या कोई अच्छा हिंदी अखबार) पढ़िए और रिवीजन कीजिए। पढ़ना जारी रखिए, पर उसमें वह काम जोड़िए जो अखबार आपसे कभी नहीं करवाता, यानी पढ़े हुए तथ्यों को बिना देखे याद करके बताना। मतलब, रोज़ 2 या 3 खबरों को सवालों में बदलिए। कुछ भी दोबारा पढ़ने से पहले उन सवालों के जवाब खुद दीजिए। प्रीलिम्स तक के महीनों में इन्हें थोड़े-थोड़े अंतराल पर दोहराते रहिए। और हर महीने देखिए कि आप क्या कवर कर रहे हैं और किसमें बार-बार गलती हो रही है। इसमें से ज़्यादातर काम रोज़ 20 से 30 मिनट में हो जाता है, और यह वही समय है जो वैसे भी दोबारा पढ़ने में चला जाता।
अखबार, PIB, मैगज़ीन और वीडियो: किसमें क्या छूट जाता है
अखबार एक ही खबर को महीनों में बिखेर देता है। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) जैसा मामला टुकड़ों में आता है। कभी सुनवाई की रिपोर्ट, कभी एडिटोरियल, फ़ैसले के दिन एक फ़ॉलो-अप, और बहुत बाद में, जब कुछ बदलता है, तब एक लाइन। जिस दिन छपता है, उस दिन हर टुकड़ा समझ में आता है, पर कोई भी टुकड़ा बाकियों के साथ एक जगह नहीं मिलता।
PIB सरकार की तरफ़ से सीधे आने वाली आधिकारिक जानकारी है, और किसी योजना का नाम या कोई आँकड़ा जाँचने की सही जगह भी। पर वहाँ रोज़ ढेरों घोषणाएँ आती हैं, और कोई इशारा नहीं होता कि UPSC इनमें से क्या पूछ सकता है।
मासिक मैगज़ीन हफ़्तों बाद आती है, उसमें सब कुछ पहले से छोटा करके दिया होता है, और ज़्यादातर लोग उसे एक ही बार पढ़ते हैं। वीडियो में आपकी मेहनत सबसे कम लगती है, क्योंकि बातों को आपस में जोड़ने का सारा काम पढ़ाने वाला कर देता है और आप 1.5x स्पीड पर बस सिर हिलाते रहते हैं।
इन सबको मिलाकर लगता है कि रिवीजन हो रहा है। मैगज़ीन आने तक बस्टर्ड वाला मामला 3 या 4 बार आपकी नज़र से गुज़र चुका होता है, पर एक बार भी ऐसा नहीं हुआ होता कि आपको बिना देखे उसका IUCN स्टेटस बताना पड़ा हो। यही "पहले देखा है" वाला एहसास कथन वाले सवालों को खतरनाक बनाता है, क्योंकि हर कथन कुछ ऐसा लगता है जो आपने पढ़ा है। अखबार को समझ और एडिटोरियल के लिए रखिए, PIB को तथ्य जाँचने के लिए, पर इन दोनों में से कोई भी रिवीजन नहीं है। पढ़ी हुई चीज़ जानी-पहचानी लगने के बावजूद क्यों भूल जाती है, इस पर हमने अलग से लिखा है।
पढ़ना, समझना, बिना देखे याद करना और परीक्षा तक याद रखना
मंगलवार को पढ़ी बस्टर्ड वाली खबर ही लीजिए। अगर आप समझा सकते हैं कि कोर्ट अपने 2021 के व्यापक (blanket) आदेश से पीछे क्यों हटा, तो आपने खबर समझ ली। अखबार बंद करके IUCN स्टेटस, दोनों राज्य और दिसंबर 2025 का नतीजा याद से लिख पाना रिकॉल है। बिना देखे याद करने की इसी कोशिश को एक्टिव रिकॉल (active recall) या रिट्रीवल प्रैक्टिस (retrieval practice) कहते हैं। प्रीलिम्स के दिन फिर से यही कर पाना रिटेंशन है, यानी बात का परीक्षा तक याद रहना। आम रूटीन में पढ़ना और समझना तो रोज़ हो जाता है, बाकी दोनों किस्मत के भरोसे छूट जाते हैं।
एक मशहूर प्रयोग (Roediger और Karpicke, 2006) में, जिन छात्रों ने एक छोटा पैसेज सिर्फ़ दोबारा पढ़ा था, वे अगले एक हफ़्ते में जो याद था उसका लगभग आधा भूल गए। जिन्होंने उसी पैसेज पर तीन बार खुद को टेस्ट किया था, वे लगभग सातवाँ हिस्सा ही भूले।
इसलिए "बार-बार रिवीजन" का मतलब यह होना चाहिए कि आप बीच-बीच में अंतराल देकर बार-बार बिना देखे याद करें, और हर बार अपना जवाब जाँचें।
सवाल, तथ्य और GS लिंक के साथ UPSC के करेंट अफेयर्स नोट्स कैसे बनाएँ
परीक्षा के लायक हर खबर के लिए तीन चीज़ें लिखिए। प्रीलिम्स वाले तथ्य (नाम, जगहें, स्टेटस, अनुच्छेद, संस्थाएँ, तारीखें), मेन्स का एक एंगल सवाल के रूप में, और स्टैटिक सिलेबस के लिए "यह किससे जुड़ता है" वाली एक लाइन। थोड़े अभ्यास के बाद एक खबर पर 5 से 10 मिनट लगते हैं।
तथ्यों को सवाल की शक्ल में लिखिए, और जवाब नज़र से दूर रखिए। "ग्रेट इंडियन बस्टर्ड एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी है जो मुख्य रूप से राजस्थान और गुजरात में पाया जाता है", ऐसा नोट सिर्फ़ दोबारा पढ़ा जा सकता है। वहीं "GIB: IUCN स्टेटस? मुख्य राज्य? WPA की अनुसूची?" ऐसा नोट है जिसका जवाब आपको देना पड़ता है। यहाँ WPA का मतलब वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 है। जो खबर महीनों चलती है, उसका एक ही कार्ड बनता है जिसमें तारीखवार टाइमलाइन हो। हर बार अखबार में आने पर नया कार्ड नहीं बनाना है।
स्टैटिक लाइन के दो उदाहरण देखिए। कोई नई रामसर साइट रामसर कन्वेंशन (1971, रामसर, ईरान) से जुड़ती है, और RBI का रेट वाला फ़ैसला मौद्रिक नीति समिति (MPC) से। RBI और MPC पर ज़्यादा जानकारी के लिए बैंक परीक्षा के लिए RBI और अर्थव्यवस्था के करेंट अफेयर्स वाला हमारा लेख देखिए। उसी टॉपिक पर पिछले प्रीलिम्स पेपरों के सवाल (PYQ) बताते हैं कि कार्ड पर कितनी डिटेल होनी चाहिए।
रोज़ 2 या 3 खबरें काफ़ी हैं। वही चुनिए जिनमें कुछ ऐसा हो जो UPSC पूछ सकता है (बदला हुआ IUCN स्टेटस, किसी अनुच्छेद का हवाला देने वाला कोर्ट का आदेश, कोई नया वैधानिक निकाय), और बाकी खबरें संदर्भ समझने के लिए पढ़िए।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड मामले का एक टाइमलाइन कार्ड (2021 से 2025)
M.K. Ranjitsinh v. Union of India का मामला सालों चला, इसलिए इसका एक ही टाइमलाइन कार्ड बनेगा (आँकड़े अंतिम फ़ैसले से लिए गए हैं)।
| कब | सुप्रीम कोर्ट ने क्या किया |
|---|---|
| अप्रैल 2021 | राजस्थान और गुजरात के लगभग 99,000 वर्ग किमी इलाके में ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों पर पाबंदियाँ लगाईं, लाइनों को अंडरग्राउंड करने पर ज़ोर दिया |
| मार्च 2024 | उस व्यापक रुख में बदलाव किया, एक विशेषज्ञ समिति बनाई, जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों के खिलाफ़ अधिकार को मान्यता दी (अनुच्छेद 14 और 21) |
| 19 दिसंबर 2025 | समिति की सिफ़ारिशें मान लीं: संशोधित प्राथमिकता क्षेत्र (priority areas) 14,013 वर्ग किमी (राजस्थान) और 740 वर्ग किमी (गुजरात), अहम लाइनों को तय समय में अंडरग्राउंड करना या उनका रास्ता बदलना, राजस्थान के प्राथमिकता क्षेत्र में आगे आने वाली नवीकरणीय (रिन्यूएबल) ऊर्जा परियोजनाओं पर पाबंदियाँ, डेज़र्ट नेशनल पार्क के दक्षिण में एक पावर कॉरिडोर; मामले का निपटारा |
कार्ड के आगे वाले हिस्से पर तीन सवाल लिखिए। IUCN स्टेटस और WPA की अनुसूची क्या है? मार्च 2024 के आदेश ने क्या बदला, और किन दो अनुच्छेदों के आधार पर? दिसंबर 2025 में स्वीकार किए गए प्राथमिकता क्षेत्र, राज्यवार कितने?
पीछे की तरफ़ ये बातें रहेंगी।
- IUCN की रेड लिस्ट में "गंभीर रूप से संकटग्रस्त" (Critically Endangered), 2026 की स्थिति में
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में (2022 के संशोधन के बाद भी अनुसूची I)
- मुख्य रूप से राजस्थान और गुजरात में पाया जाता है; जैसलमेर के पास डेज़र्ट नेशनल पार्क (राष्ट्रीय मरु उद्यान) इसका अहम आवास है
- राजस्थान का राज्य पक्षी
मेन्स का एंगल (GS-III) कुछ यूँ बनेगा, "नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों और वन्यजीव संरक्षण के बीच कई बार टकराव की स्थिति बन जाती है। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड मामले के संदर्भ में चर्चा कीजिए।" स्टैटिक लिंक में दो बातें आएँगी। पहली, अदालतों ने अनुच्छेद 21 का दायरा लगातार बढ़ाया है। दूसरी, अनुच्छेद 48A (पर्यावरण से जुड़ा नीति-निदेशक तत्व) और 51A(g) (पर्यावरण की रक्षा का मूल कर्तव्य), जिन्हें 1976 में 42वें संशोधन से जोड़ा गया था।
यही तथ्य, प्रीलिम्स के कथन वाले सवाल के रूप में
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह IUCN की रेड लिस्ट में गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered) के रूप में सूचीबद्ध है।
- यह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची II में सूचीबद्ध है।
- इसका अहम आवास, डेज़र्ट नेशनल पार्क, गुजरात में है।
- दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और गुजरात में इसके संरक्षण के लिए संशोधित प्राथमिकता क्षेत्रों को स्वीकार किया।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं? (a) केवल एक (b) केवल दो (c) केवल तीन (d) सभी चारों
सही उत्तर (b) है। मॉक में आपने आधे भरोसे से जो "केवल दो" चुना था, वह सही निकला, फिर भी यह चूक ही गिनी जाएगी। कथन 2 में बस एक शब्द बदला गया है (सही जवाब अनुसूची I है)। कथन 3 में डेज़र्ट नेशनल पार्क को राजस्थान की जगह गुजरात में बता दिया गया है।
हर गलत कथन में बस एक डिटेल बदली जाती है, बाकी वाक्य बिल्कुल वैसा ही लगता है जैसा आपने पढ़ा था। इसलिए अगर आपको बस इतना याद है कि "गंभीर रूप से संकटग्रस्त, कोई अनुसूची, राजस्थान और गुजरात, कोई रेगिस्तानी पार्क", तो दोनों ट्रैप बिना पकड़े निकल जाते हैं।
एक लाइन वाले MCQ में अक्सर आप किसी ऐसे विकल्प को काट देते हैं जिसके बारे में पक्का पता हो। "कितने सही हैं" वाले फ़ॉर्मेट में चारों कथनों पर फ़ैसला करना पड़ता है, और किसी भी एक कथन पर गलत फ़ैसला पूरा जवाब गलत कर देता है, ऊपर से नेगेटिव मार्किंग। हाल के प्रीलिम्स पेपरों में UPSC ने इस फ़ॉर्मेट पर ज़्यादा ज़ोर दिया है, इसलिए कार्ड पर सटीक शब्द ("अनुसूची I") लिखे होने चाहिए। हर दो-तीन दिन में अपने कार्डों से ऐसा एक सवाल खुद बनाइए।
राज्यपाल की मंज़ूरी पर राष्ट्रपति का रेफ़रेंस: GS-II का एक छोटा कार्ड
पॉलिटी के मामले भी समय के साथ नया मोड़ लेते रहते हैं, और बीच में ही सही जवाब बदल सकता है। State of Tamil Nadu v. Governor of Tamil Nadu (8 अप्रैल 2025) में सुप्रीम कोर्ट ने विधेयकों पर राज्यपालों के फ़ैसले के लिए समय-सीमा तय की, और अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करके उस मामले में लंबित विधेयकों को "मानित मंज़ूरी" (deemed assent; संविधान के हिंदी पाठ में assent के लिए "अनुमति" शब्द है) दे दी। संविधान के हिंदी पाठ में इसी मंज़ूरी (assent) के लिए "अनुमति" शब्द आता है। 13 मई 2025 को राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 143 के तहत 14 सवाल सुप्रीम कोर्ट की राय के लिए भेजे।
उस रेफ़रेंस पर संविधान पीठ ने 20 नवंबर 2025 की अपनी राय में कहा कि अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के पास तीन विकल्प हैं। वे मंज़ूरी दे सकते हैं, विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए सुरक्षित रख सकते हैं, या मंज़ूरी रोककर विधेयक को टिप्पणियों के साथ लौटा सकते हैं, अगर वह धन विधेयक न हो। अदालतें अनुच्छेद 200 या 201 के तहत समय-सीमा तय नहीं कर सकतीं, और मानित मंज़ूरी के लिए अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल नहीं हो सकता। हाँ, अगर राज्यपाल की निष्क्रियता "prolonged, unexplained and indefinite" हो (यानी लंबे समय तक, बिना कोई वजह बताए और अनिश्चित काल तक चलने वाली), तो अदालत सीमित परमादेश (limited mandamus) जारी कर सकती है।
इस कार्ड की स्टैटिक लाइन में अनुच्छेद 200, 201, 143, 142 और 361, राज्यपाल का विवेकाधिकार और संघवाद आएँगे।
ऐसे कथन के लिए तैयार रहिए जो अप्रैल 2025 के फ़ैसले से तो मेल खाता है, पर नवंबर की राय से नहीं। जैसे, "सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करके उन विधेयकों को मानित मंज़ूरी दे सकता है जिन्हें राज्यपाल ने लंबित रखा है।" जिस कार्ड को आपने कभी अपडेट नहीं किया, वह सबसे पहले पुराना वर्ज़न ही याद दिलाएगा। मिलते-जुलते तथ्यों के लिए हमारी SSC करेंट अफेयर्स गाइड में जोड़ी वाले कार्ड (confusion-pair cards) देखिए।
प्रीलिम्स के दिन तक UPSC के करेंट अफेयर्स कैसे याद रखें
दोबारा पढ़ने से पहले याद करके देखिए
अखबार खत्म करते ही उसे बंद कीजिए, जो 3 या 4 बातें ज़रूरी थीं उन्हें लिखिए, और फिर देखिए कि क्या छूट गया। अगले दिन का अखबार खोलने से पहले 5 मिनट आज के कार्डों पर लगाइए, जवाब ढककर। पहले हफ़्ते में कुछ सवाल छूटेंगे ही, और अभी न पकड़े जाते तो यही तथ्य परीक्षा में आपके अंक कटवाते।
तुक्के भी हिसाब में आते हैं। अगर विकल्प काटते-काटते (एलिमिनेशन से) सही जवाब तक पहुँचे पर पक्का नहीं थे, तो उसे गलत ही मानिए।
फिर यही रिकॉल एक साथ करने के बजाय कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर कीजिए। स्पेस्ड रिपिटिशन (spaced repetition) का मतलब बस इतना ही है, यानी अंतराल देकर दोहराना। कुल समय उतना ही लगे, तब भी गैप देकर की गई कई छोटी बैठकें एक लंबी बैठक से बेहतर काम करती हैं। शुरुआत छोटे गैप से कीजिए, और जब जवाब सही आने लगें तब गैप बढ़ाइए। एक बड़े अध्ययन (Cepeda व अन्य, 2008) में, जब परीक्षा एक साल बाद थी, तब रिवीजन से पहले लगभग 3 से 5 हफ़्ते का गैप सबसे अच्छा रहा। पर उस अध्ययन में सिर्फ़ एक रिवीजन जाँचा गया था, और अब तक कोई एक गैप-पैटर्न सबसे अच्छा साबित नहीं हुआ है। इसलिए नीचे दिया कैलेंडर बस एक मोटा-मोटा अंदाज़ा (rule of thumb) है। बाकी बातें अंतराल और भूलने पर हमारे लेख में हैं।
अक्टूबर के एक कार्ड का कैलेंडर
मान लीजिए आपने गुरुवार 15 अक्टूबर 2026 को एक कार्ड बनाया। मई 2026 में जारी UPSC के 2027 वाले कैलेंडर के मुताबिक प्रीलिम्स रविवार 23 मई 2027 को है, यानी करीब 220 दिन बाद। तारीखें बदल भी सकती हैं, इसलिए आधिकारिक कैलेंडर ज़रूर देख लीजिए।
| राउंड | कब | क्या करना है | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | 15 अक्टूबर की रात, और अगले दिन का अखबार पढ़ने से पहले | जवाब ढककर रिकॉल | हर बार 5 मिनट |
| 2 | रविवार 18 अक्टूबर | हफ़्ते भर के कार्डों के साथ साप्ताहिक राउंड | 30 से 45 मिनट |
| 3 | शनिवार 7 या रविवार 8 नवंबर | अक्टूबर का हर कार्ड एक बार; छूटे हुए और तुक्के वाले दो बार | करीब 1 घंटा |
| 4 | जनवरी 2027 की शुरुआत | मिला-जुला राउंड, अक्टूबर से दिसंबर तक | करीब 1 घंटा |
| 5 | मार्च 2027 | लंबे गैप वाला राउंड; जिन मामलों में कुछ नया हुआ है, उनके कार्ड अपडेट करें | करीब 1 घंटा |
| 6 | 1 से 22 मई 2027 | सभी कार्डों का एक तेज़ राउंड, फिर सिर्फ़ पुरानी गलतियाँ; फ़ुल-लेंथ मॉक टेस्ट | रोज़ |
रोज़ 2 या 3 कार्ड के हिसाब से एक महीने में 60 से 90 कार्ड जुड़ते हैं, यानी एक बैठक का काम। राउंड 4 और 5 सबसे आसानी से छूट जाते हैं, क्योंकि मार्च की खबरों में ऐसा कुछ नहीं होता जो आपको अक्टूबर की किसी खबर की याद दिलाए।
गलत जवाब कैसे जाँचें और कमज़ोर टॉपिक कैसे पहचानें
जब साप्ताहिक क्विज़ में 10 में से 7 सही आते हैं, तो वे 7 ज़्यादातर वही सवाल होते हैं जो आपको पहले से आते थे। रिव्यू का समय बाकी 3 पर लगाइए, क्योंकि हर तरह की गलती का इलाज अलग है।
जो तथ्य आपने कभी पढ़ा ही नहीं, उसका कार्ड तभी बनाइए जब लगे कि UPSC इसे पूछ सकता है। अगर पढ़ा था और फिर भी याद नहीं आया, तो कार्ड सुधारिए और उसे फिर से छोटे गैप पर डाल दीजिए। अगर किसी मिलती-जुलती चीज़ से गड़बड़ा गए, जैसे लगभग एक जैसे नाम वाली दो योजनाएँ, तो दोनों को एक ही कार्ड पर रखिए। और अगर जवाब आता था पर कथन गलत पढ़ लिया, तो यह परीक्षा की तकनीक का मामला है, इसलिए "केवल", "सभी", "नहीं" जैसे शब्दों पर, और "कितने" वाले सवाल में संख्या पर, रुककर ध्यान दीजिए।
हर महीने GS पेपर के हिसाब से कवरेज की जाँच
क्विज़ की गलतियाँ टॉपिक के हिसाब से गिनेंगे तो दिख जाएगा कि कौन से विषय कमज़ोर हैं, पर गलतियाँ उस हिस्से के बारे में कुछ नहीं बता सकतीं जिसे आपने पढ़ना ही छोड़ दिया है। इसलिए महीने के आखिर में अपने कार्ड GS पेपर के हिसाब से गिनिए (स्टैटिक लिंक लिखते समय ही हर कार्ड पर उसका पेपर लिख दीजिए), और GS-II के अंदर अंतरराष्ट्रीय संबंध (IR) को अलग गिनिए। मसलन, अगर GS-III के 40 कार्ड हैं, पॉलिटी के 25 और IR का एक भी नहीं, तो साफ़ है कि आप IR की खबरों पर बस सरसरी नज़र डालकर आगे बढ़ते गए, क्योंकि खबरों में IR की कमी तो थी नहीं। अगले महीने, जब तक गिनती बराबर न हो जाए, हर दिन का पहला कार्ड IR का बनाइए।
UPSC की तैयारी का एक आम हफ़्ता, फ़ुल-टाइम हो या नौकरी के साथ
हफ़्ते में करेंट अफेयर्स के साथ स्टैटिक GS, ऑप्शनल, आंसर राइटिंग और CSAT भी चलते हैं, इसलिए सिस्टम ऐसा होना चाहिए जो खराब हफ़्ते में भी टिका रहे।
| फ़ुल-टाइम तैयारी | नौकरी के साथ तैयारी | |
|---|---|---|
| अखबार | नाश्ते के बाद 60 से 75 मिनट | सुबह 6:30 बजे फ़ोन पर 30 से 40 मिनट |
| खबरों को कार्ड में बदलना और रिकॉल | 2 या 3 खबरें, 15 मिनट; अखबार से पहले 5 मिनट रिकॉल, रात को 10 मिनट | आने-जाने के रास्ते में 2 खबरें, 10 मिनट; सोने से पहले 10 मिनट रिकॉल |
| साप्ताहिक और मासिक राउंड | रविवार, 30 से 45 मिनट; महीने के पहले वीकेंड पर 1 घंटा | रविवार, 45 मिनट, जिसे किसी हाल में न छोड़ें; महीने वाला राउंड दो बैठकों में |
| मेन्स | किसी कार्ड के मेन्स वाले सवाल पर रोज़ एक आंसर | शनिवार को 2 या 3 आंसर |
अगर अखबार में अक्सर 3 घंटे लग जाते हैं, तो शायद आप उन चीज़ों के भी नोट्स बना रहे हैं जिनकी ज़रूरत ही नहीं।
भारी हफ़्ते में सबसे पहले खबरों को कार्ड में बदलना और रोज़ का रिकॉल छूटता है, क्योंकि सवाल लिखने में पढ़ने से ज़्यादा मेहनत लगती है। इसका कुछ हिस्सा RetainIt नाम का एक मुफ़्त Android ऐप संभाल सकता है।
ऐप में हर दिन खबरों के छोटे AI सारांश आते हैं, जिनमें मुख्य बिंदु (key points) और परीक्षा वाले तथ्य (exam facts) होते हैं। साथ में MCQ का एक नया सेट भी आता है, और हर जवाब के बाद उसकी व्याख्या (explanation) मिलती है। Custom Practice को पिछले 7 या 30 दिन पर सेट कर दें, तो राउंड 2 और 3 के लिए उस हफ़्ते या महीने की खबरों पर एक क्विज़ मिल जाता है। Monthly Recap के टॉपिक वाले क्विज़ राउंड 4 और 5 में काम आते हैं। जिन सवालों का जवाब गलत गया, वे बाद के क्विज़ में तब तक लौटते रहते हैं जब तक आप उन्हें सही न कर दें। Weak Areas (कमज़ोर टॉपिक) मोड ज़्यादातर सवाल उन टॉपिकों से लेता है जिनमें आपकी एक्यूरेसी (accuracy) सबसे कम है। ये ऐप के सवाल हैं, आपके कार्ड नहीं, इसलिए इन्हें उन खबरों के लिए इस्तेमाल कीजिए जिनके कार्ड आपने नहीं बनाए।
UPSC के हिसाब से इसकी सीमाएँ भी जान लीजिए। ऐप रिवीजन का कोई शेड्यूल नहीं बनाता, इसलिए कैलेंडर के हिसाब से चलना आपकी अपनी ज़िम्मेदारी है। ऐप में टॉपिक मोटे-मोटे विषयों के हिसाब से बँटे हैं, GS पेपर के हिसाब से नहीं। क्विज़ भी सिर्फ़ MCQ हैं, इनमें मेन्स की आंसर राइटिंग का अभ्यास नहीं होता। सारांश छोटे होते हैं और मूल रिपोर्टों के लिंक नहीं देते, इसलिए ये अखबार या एडिटोरियल की जगह नहीं ले सकते। कोई भी अहम तथ्य PIB या संबंधित मंत्रालय से मिलाकर ज़रूर देख लीजिए।
करेंट अफेयर्स ऐप में क्या देखें, और इस ऐप की सीमाएँ कहाँ हैं, इस पर हमारा अलग लेख पढ़िए। यह ऐप आप Google Play से इंस्टॉल कर सकते हैं, और यही सारांश वेब पर बिना साइन-अप के मुफ़्त पढ़े जा सकते हैं, जैसे टॉपिक के हिसाब से बना पर्यावरण और पारिस्थितिकी वाला पेज।
प्रीलिम्स के अगले दिन से मेन्स की तैयारी: कार्ड कैसे छाँटें
UPSC के मई 2026 वाले कैलेंडर में मेन्स 20 अगस्त 2027 से है, यानी प्रीलिम्स के 3 महीने से भी कम समय बाद, इसलिए रिज़ल्ट का इंतज़ार मत कीजिए। प्रीलिम्स के अगले दिन हर वह कार्ड अलग कर लीजिए जिस पर मेन्स का सवाल लिखा है, और उन्हें GS पेपर और सब-टॉपिक के हिसाब से छाँटिए। राज्यपाल की मंज़ूरी वाला कार्ड GS-II में संघवाद के नीचे जाएगा, बस्टर्ड वाला कार्ड GS-III में पर्यावरण के नीचे, और उसकी एक कॉपी ऊर्जा के नीचे भी। हर कार्ड को एक या दो लाइन के ऐसे उदाहरण में बदलिए जो आंसर में लिखा जा सके (केस, साल, क्या फ़ैसला हुआ)।
कार्ड से आपको आंसर में डालने लायक उदाहरण मिलते हैं। पर उन उदाहरणों के इर्द-गिर्द जो तर्क लिखना है, वह एडिटोरियल, रिपोर्टों, आपकी स्टैंडर्ड किताबों और नियमित आंसर राइटिंग से ही आएगा। यही आंसर राइटिंग रिकॉल का अभ्यास भी बन जाती है, अगर आप पहले याद से लिखें, फिर कार्ड से मिलाएँ, और जो छूटा उसे अगले राउंड में डाल दें।
आज के करेंट अफेयर्स पर अभ्यास करें
हर दिन के सारांश हिंदी या अंग्रेज़ी में मुफ़्त पढ़ें, बिना साइन-अप के। RetainIt ऐप में रोज़ के MCQ व्याख्या के साथ मिलते हैं, गलत हुए सवाल बाद के क्विज़ में दोबारा आते हैं, और आपके सबसे कमज़ोर टॉपिक दिखते हैं। एंड्रॉइड पर मुफ़्त, कोई विज्ञापन नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UPSC प्रीलिम्स के लिए कितने महीने के करेंट अफेयर्स पढ़ने चाहिए?
UPSC कोई अवधि तय नहीं करता। प्रीलिम्स के सिलेबस में बस "राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं" (current events of national and international importance) लिखा है। आम सलाह यह है कि प्रीलिम्स से पहले के 12 से 18 महीने कवर करें, यानी 23 मई 2027 के लिए मोटे तौर पर 2025 के आखिर से आगे की खबरें, और सबसे ज़्यादा ज़ोर आखिरी 12 महीनों पर। पुरानी घटनाएँ भी पूछी जाती हैं, अगर वे किसी स्टैटिक टॉपिक से जुड़ी हों या उनमें लगातार कुछ नया होता रहा हो, जैसे बस्टर्ड वाला मामला।
क्या बिना अखबार पढ़े UPSC के करेंट अफेयर्स की तैयारी हो सकती है?
प्रीलिम्स के तथ्यों के लिए एक अच्छा डेली सारांश और एक मासिक संकलन ज़्यादातर काम कर देते हैं। मेन्स के लिए यह मुश्किल है, क्योंकि तर्क और आंसर की शब्दावली एडिटोरियल और लंबे लेखों से आती है, जिन्हें सारांश ज़्यादातर छोड़ देते हैं। अगर आप अखबार छोड़ते हैं, तो कम से कम उन खबरों के एडिटोरियल ज़रूर पढ़िए जिनके कार्ड आप रोज़ बनाते हैं।
प्रीलिम्स से पहले पूरे साल के करेंट अफेयर्स का रिवीजन कैसे करें?
अगर आपने कार्ड बनाए हैं, तो आखिरी महीना उन्हीं कार्डों के राउंड और फ़ुल-लेंथ मॉक टेस्ट का है, कुछ नया पढ़ने का नहीं। अगर नहीं बनाए, तो एक सालाना संकलन चुनिए, विषय दर विषय चलिए, सिर्फ़ उन्हीं चीज़ों के सवाल लिखिए जिनका जवाब देखते ही न आए, और बाकी समय मिले-जुले क्विज़ और मॉक टेस्ट पर लगाइए।
हिंदी माध्यम से UPSC के करेंट अफेयर्स कैसे तैयार करें?
उसी भाषा में पढ़िए जिसमें आप मेन्स लिखेंगे, क्योंकि आंसर की शब्दावली वहीं से आती है। 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार प्रीलिम्स के प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में होते हैं। इसलिए तकनीकी शब्द और केस, कन्वेंशन व योजनाओं के नाम दोनों भाषाओं में याद रखिए, जैसे Critically Endangered और गंभीर रूप से संकटग्रस्त। RetainIt का कंटेंट हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में है, हालाँकि हिंदी वाला हिस्सा AI से अनुवाद किया गया है और तकनीकी शब्द व खास नाम अंग्रेज़ी में ही रह सकते हैं।