सुप्रीम कोर्ट ने केरल के कोझिकोड-वायनाड सुरंग परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने केरल में कोझिकोड और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली एक ट्विन-ट्यूब सुरंग कॉरिडोर परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट द्वारा "राष्ट्रीय महत्व" की मानी गई इस परियोजना का उद्देश्य भूमि-अभाव वाले राज्य में भीड़भाड़ को कम करना है। एक याचिकाकर्ता-NGO ने केरल हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, यह तर्क देते हुए कि यह परियोजना पारिस्थितिक रूप से नाजुक, भूस्खलन-प्रवण पश्चिमी घाट क्षेत्र में थी और इसके लिए केंद्रीय स्तर पर Category 'A' पर्यावरणीय मंजूरी की आवश्यकता थी। SC ने नोट किया कि Central Expert Appraisal Committee (CEAC) ने सुरक्षा और संरचनात्मक शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी दे दी थी, और यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो याचिकाकर्ता National Green Tribunal (NGT) से संपर्क कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने केरल में कोझिकोड-वायनाड सुरंग परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
  • यह परियोजना कोझिकोड और वायनाड जिलों को जोड़ने के लिए एक ट्विन-ट्यूब सुरंग कॉरिडोर है, जिसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस परियोजना को भूमि-अभाव वाले राज्य के लिए "राष्ट्रीय महत्व" का माना।
  • एक NGO द्वारा पर्यावरणीय चिंताएं उठाई गईं, जिसमें परियोजना के पारिस्थितिक रूप से नाजुक, भूस्खलन-प्रवण पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित होने का हवाला दिया गया।
  • Central Expert Appraisal Committee (CEAC) ने विशिष्ट सुरक्षा और संरचनात्मक शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी दी थी।

परीक्षा तथ्य

  • परियोजना: केरल में कोझिकोड-वायनाड ट्विन-ट्यूब सुरंग कॉरिडोर।
  • स्थान: पारिस्थितिक रूप से नाजुक पश्चिमी घाट क्षेत्र, भूस्खलन-प्रवण क्षेत्र।
  • अनुमोदित करने वाला निकाय: Central Expert Appraisal Committee (CEAC)।
  • शामिल न्यायिक निकाय: सुप्रीम कोर्ट, केरल हाई कोर्ट, National Green Tribunal (NGT)।

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