दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों ने CEC को हटाने की मांग वाले नोटिस को खारिज किया
राज्यसभा के सभापति C.P. Radhakrishnan और लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar को हटाने की मांग वाले 193 विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत नोटिस को खारिज कर दिया। पीठासीन अधिकारियों ने अस्वीकृति के लिए कोई विशेष कारण नहीं बताया, हालांकि महासचिवों ने "उचित विचार" और "सावधानीपूर्वक और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन" का हवाला दिया। सांसदों के 10-पृष्ठ के दस्तावेज़ में CEC पर कार्यपालिका के "अधीनस्थ" होने और "जानबूझकर सत्ता के दुरुपयोग" का आरोप लगाया गया था। पीठासीन अधिकारियों ने Judges (Inquiry) Act, 1968 की धारा 3 का हवाला दिया, जो उन्हें ऐसे प्रस्ताव को स्वीकार करने या अस्वीकार करने का अधिकार देती है। विपक्षी नेताओं ने निश्चित कारणों की कमी पर निराशा व्यक्त की।
मुख्य बिंदु
- CEC Gyanesh Kumar को हटाने का नोटिस राज्यसभा और लोकसभा दोनों के 193 विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
- दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों, C.P. Radhakrishnan (राज्यसभा) और Om Birla (लोकसभा) ने बिना किसी विशेष कारण बताए नोटिस को खारिज कर दिया।
- दोनों सदनों के महासचिवों ने बुलेटिन जारी कर कहा कि "उचित विचार" और "सावधानीपूर्वक और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन" के बाद नोटिस को स्वीकार नहीं किया गया।
- विपक्ष के 10-पृष्ठ के दस्तावेज़ में CEC पर कार्यपालिका के "अधीनस्थ" होने और "जानबूझकर सत्ता के दुरुपयोग" का आरोप लगाया गया था।
- यह अस्वीकृति Judges (Inquiry) Act, 1968 की धारा 3 के तहत की गई थी, जो अध्यक्ष और सभापति को ऐसे प्रस्तावों को स्वीकार करने या अस्वीकार करने का अधिकार देती है।
परीक्षा तथ्य
- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar।
- 193 विपक्षी सांसदों (63 राज्यसभा, 130 लोकसभा) द्वारा प्रस्तुत नोटिस।
- राज्यसभा के सभापति C.P. Radhakrishnan और लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने नोटिस को खारिज कर दिया।
- Judges (Inquiry) Act, 1968 की धारा 3 अध्यक्ष/सभापति को ऐसे प्रस्तावों को स्वीकार करने या अस्वीकार करने का अधिकार देती है।
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