Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए Copyright Act, 1957 में संशोधन करने की योजना बना रहा है। एक प्रमुख प्रस्ताव 'ब्लैंकेट लाइसेंसिंग' (blanket licensing) ढांचा है, जहां AI फर्में अपने मॉडल के व्यवसायीकरण के बाद एक कॉपीराइट सोसाइटी के माध्यम से कंटेंट प्रकाशकों को रॉयल्टी का भुगतान करेंगी। इसका उद्देश्य इंटरनेट डेटा स्क्रैप करने वाले AI डेवलपर्स और मुआवजा चाहने वाले प्रकाशकों के बीच तनाव को हल करना है। हालांकि, Nasscom जैसे तकनीकी उद्योग निकायों ने चिंता व्यक्त की है, विशेष रूप से जनरेटिव AI के युग में कॉपीराइट उल्लंघन के लिए सबूत के बोझ (burden of proof) के संबंध में। प्रस्ताव कॉपीराइट न्यायशास्त्र के लिए एक हाइब्रिड मॉडल का सुझाव देता है।
- प्रस्तावित ढांचा AI डेवलपर्स को कंटेंट स्क्रैप करने की अनुमति देगा और साथ ही प्रकाशकों को अंततः भुगतान सुनिश्चित करेगा।
- एक नई कॉपीराइट सोसाइटी, 'Copyright Royalties Collective for AI Training' (CRCAT), रॉयल्टी वितरण का प्रबंधन करेगी।
- प्रकाशकों का तर्क है कि उनके पास AI ट्रेनिंग के लिए डेटा साझा करने से बाहर निकलने (opt out) का अधिकार होना चाहिए।
भारतीय रुपया हाल ही में ₹90 प्रति डॉलर से नीचे गिर गया है, जिससे अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यह गिरावट उच्च व्यापार घाटे (trade deficit), चालू खाता घाटे (current account deficit) और FPI बहिर्वाह (outflows) जैसे मौलिक कारकों के साथ-साथ अमेरिकी टैरिफ खतरों जैसे बाहरी कारकों से प्रेरित है। जबकि कमजोर रुपया निर्यातकों को उनके सामान को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाकर लाभ पहुंचा सकता है, यह आयात की लागत को भी बढ़ाता है, जिससे संभावित रूप से मुद्रास्फीति (inflation) बढ़ सकती है। हालांकि, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और मजबूत GDP विकास दर के साथ, वर्तमान मूल्यह्रास को कुछ लोगों द्वारा संरचनात्मक संकट के बजाय एक प्रबंधनीय परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। RBI अस्थिरता की निगरानी करना जारी रखे हुए है।
- रुपये की गिरावट आंशिक रूप से उच्च अमेरिकी टैरिफ की उम्मीदों और वैश्विक निवेशक भावना में बदलाव के कारण है।
- RBI के हस्तक्षेप का उद्देश्य विनिमय दर के एक विशिष्ट स्तर का बचाव करने के बजाय अत्यधिक अस्थिरता को रोकना है।
- 5% का निरंतर मूल्यह्रास मुद्रास्फीति को लगभग 0.3-0.4% तक बढ़ा सकता है।
जबकि भारत ने 8.2% की मजबूत GDP विकास दर दर्ज की है, International Monetary Fund (IMF) ने संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर करते हुए 'Grade C' रेटिंग दी है। विकास विनिर्माण (9.1%) और वित्तीय सेवाओं (10.2%) द्वारा संचालित है, लेकिन इस गति की स्थिरता के बारे में चिंताएं बनी हुई हैं। IMF डेटा के लिए पुराने आधार वर्षों, थोक मूल्य सूचकांकों पर निर्भरता और उत्पादन एवं व्यय डेटा के बीच विसंगतियों जैसे मुद्दों की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, श्रम-प्रधान प्राथमिक क्षेत्र सुस्त बना हुआ है, और निजी उपभोग वृद्धि अपेक्षाकृत कम है। RBI की वार्षिक रिपोर्ट भी संरचनात्मक मुद्दों को स्वीकार करती है जो वैश्विक अस्थिरता और व्यापार संरक्षणवाद के बीच दीर्घकालिक विकास में बाधा डाल सकते हैं।
- भारत की GDP एक ही तिमाही में ₹48.63 लाख करोड़ तक पहुंच गई, जो महामारी के बाद की मजबूत गति को दर्शाती है।
- IMF की 'Grade C' रेटिंग उच्च विकास के बावजूद राज्य स्तर पर संरचनात्मक खामियों और कमजोर संस्थागत क्षमता का संकेत देती है।
- विनिर्माण और सेवाएं प्राथमिक विकास चालक हैं, जबकि कृषि 3.5% की वृद्धि पर पिछड़ रही है।
Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) ने बताया कि विभिन्न Production Linked Incentive (PLI) योजनाओं ने जून तक 14 क्षेत्रों में ₹1.88 लाख करोड़ से अधिक का वास्तविक निवेश आकर्षित किया है। इन निवेशों के परिणामस्वरूप ₹17 लाख करोड़ से अधिक का अतिरिक्त उत्पादन और बिक्री हुई है और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सहित लगभग 12.3 लाख नौकरियां पैदा हुई हैं। इन क्षेत्रों, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और खाद्य प्रसंस्करण से निर्यात ₹7.5 लाख करोड़ को पार कर गया है। इसके अतिरिक्त, Startup India योजना ने 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी है, जो रोजगार सृजन और Open Network for Digital Commerce के माध्यम से डिजिटल वाणिज्य विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
- PLI योजनाएं घरेलू विनिर्माण और वैश्विक निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए 14 प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं।
- कुल निवेश ₹1.88 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण अतिरिक्त उत्पादन और बिक्री हुई है।
- इन योजनाओं ने जून तक विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 12.3 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की हैं।
United Nations Development Programme (UNDP) की एक रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि जहाँ AI निवेश बढ़ रहा है, वहीं यह एशिया-प्रशांत में मौजूदा असमानताओं को और गहरा कर सकता है। 'AI Preparedness Index' एक बड़ा अंतर दिखाता है, जहाँ उन्नत अर्थव्यवस्थाएं 70% से अधिक स्कोर करती हैं जबकि कमजोर देश 20% से कम स्कोर करते हैं। बिजली और डेटा सिस्टम जैसे डिजिटल बुनियादी ढांचे में असमानताएं कई लोगों को AI परिवर्तन में भाग लेने से रोकती हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में AI-संचालित स्वचालन (automation) का अधिक सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट समान लाभ सुनिश्चित करने के लिए समावेशी डिजाइन और हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर तथा मानव पूंजी में मजबूत नींव का आह्वान करती है।
- AI Preparedness Index एशिया-प्रशांत में उन्नत अर्थव्यवस्थाओं और कमजोर देशों के बीच एक स्पष्ट विभाजन को प्रकट करता है।
- विश्वसनीय बिजली और सस्ती इंटरनेट जैसे बुनियादी ढांचे की कमी AI अपनाने में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
- पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया में पुरुषों की तुलना में महिलाएं AI-संचालित स्वचालन से असमान रूप से प्रभावित हैं।
चीन ने हाल ही में अपनी 15वीं Five-Year Plan (2026-2030) के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले विकास और 'आधुनिक समाजवादी देश' के लक्ष्यों पर जोर दिया गया है। 14वीं योजना के दौरान, चीन की अर्थव्यवस्था औसतन 5.5% की दर से बढ़ी, जो लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर की GDP तक पहुँच गई। एक चीनी राजनयिक द्वारा लिखित यह लेख इलेक्ट्रॉनिक्स, नई ऊर्जा और AI जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग की महत्वपूर्ण संभावनाओं का सुझाव देता है। भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 138.46 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया। यह लेख वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (global value chains) में अपनी स्थिति बढ़ाने के लिए दोनों उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का समर्थन करता है।
- चीन की 14वीं Five-Year Plan में अर्थव्यवस्था RMB 140 ट्रिलियन (लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर) की GDP तक पहुँच गई।
- भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024 में 138.46 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया, जिसमें साल-दर-साल महत्वपूर्ण वृद्धि हुई।
- आगामी 15वीं Five-Year Plan उच्च गुणवत्ता वाले विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए द्वार खोलने पर केंद्रित है।
नई दिल्ली में आयोजित 23वें India-Russia Summit ने वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के एक महत्वपूर्ण पुनर्गठन को चिह्नित किया। एक प्रमुख परिणाम '2030 तक भारत-रूस आर्थिक सहयोग के रणनीतिक क्षेत्रों के विकास का कार्यक्रम' था। दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक 100 बिलियन डॉलर का व्यापार लक्ष्य हासिल करना है, जिसमें गैर-ऊर्जा क्षेत्रों, उर्वरकों और महत्वपूर्ण कच्चे माल पर ध्यान केंद्रित किया गया है। शिखर सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, Chennai-Vladivostok Corridor के माध्यम से समुद्री कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग पर भी जोर दिया गया। यूक्रेन संघर्ष के बावजूद, बैठक ने भारत की बहु-आयामी विदेश नीति के प्रति प्रतिबद्धता और रूस के एशियाई साझेदारियों की ओर झुकाव का संकेत दिया।
- भारत और रूस ने वर्ष 2030 तक वैध एक रणनीतिक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम अपनाया।
- द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य 2030 तक 100 बिलियन डॉलर प्राप्त करने के लिए निर्धारित किया गया है।
- नई समुद्री पहलों में Chennai-Vladivostok Maritime Corridor और Northern Sea Route में सहयोग शामिल है।
Reserve Bank of India की Monetary Policy Committee (MPC) ने हाल ही में ब्याज दरों में 25 basis points की कटौती कर इसे 5.25% कर दिया है। यह कदम कैलेंडर वर्ष 2025 में 125 basis points की कुल कटौती के बाद उठाया गया है। यह निर्णय भारत की वर्तमान आर्थिक वृद्धि के मूल्यांकन को दर्शाता है, जो Q2 में बढ़कर 8.2% हो गई, और U.S. tariffs जैसी संभावित वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सहायक बने रहने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। जबकि मुद्रास्फीति (inflation) वर्तमान में 2% के सौम्य स्तर पर अनुमानित है, MPC ने एक neutral stance बनाए रखा है ताकि खाद्य या तेल की कीमतों में वृद्धि होने पर नीति में त्वरित बदलाव किया जा सके।
- MPC ने repo rate में 25 basis points की कटौती कर इसे 5.25% कर दिया है।
- वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की GDP वृद्धि 8.2% तक पहुंच गई।
- समिति ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के खिलाफ लचीला बने रहने के लिए neutral stance बनाए रखने का निर्णय लिया।
दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में, Foreign Portfolio Investors (FPIs) ने भारतीय इक्विटी से ₹11,820 करोड़ निकाले। यह प्रवृत्ति मुख्य रूप से भारतीय रुपये के तेज अवमूल्यन (depreciation) के कारण है। यह नवंबर में ₹3,765 करोड़ के शुद्ध बहिर्वाह (outflow) के बाद हुआ है। हालांकि अक्टूबर में निवेश के साथ एक संक्षिप्त ठहराव देखा गया था, लेकिन पिछले महीनों में भारी निकासी देखी गई थी। वर्ष 2025 के लिए कुल FPI बहिर्वाह ₹1.55 lakh करोड़ तक पहुँच गया है। विदेशी निवेशकों द्वारा यह निरंतर बिक्री दबाव वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रा की अस्थिरता को दर्शाता है जो भारतीय बाजार को प्रभावित कर रहा है।
- FPIs ने दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में ₹11,820 करोड़ निकाले।
- निकासी का प्राथमिक कारण भारतीय रुपये का अवमूल्यन (depreciation) है।
- वर्ष 2025 के लिए कुल FPI बहिर्वाह ₹1.55 lakh करोड़ है।
भारत तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी के साथ जनसांख्यिकीय बदलाव का सामना कर रहा है, जिसके लिए मजबूत पेंशन सुधारों की आवश्यकता है। यह लेख कल्याण-आधारित सहायता से भागीदारी-आधारित समावेशन ढांचे की ओर संक्रमण का पता लगाता है। प्रमुख योजनाओं में Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme (IGNOAPS), अनौपचारिक क्षेत्र के लिए Atal Pension Yojana (APY) और National Pension System (NPS) शामिल हैं। इन पहलों के बावजूद, बुजुर्गों का एक बड़ा हिस्सा अपनी पात्रता से अनजान है। e-SHRAM पोर्टल अनौपचारिक श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण डेटाबेस के रूप में कार्य करता है, लेकिन सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में डिजिटल साक्षरता और प्रशासनिक बाधाएं जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
- भारत की बुजुर्ग आबादी 2050 तक 347 million तक पहुँचने का अनुमान है।
- Atal Pension Yojana (APY) 18-40 वर्ष की आयु के अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए न्यूनतम गारंटीकृत पेंशन प्रदान करती है।
- e-SHRAM पोर्टल का उद्देश्य अनौपचारिक श्रमिकों को राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा ढांचे में एकीकृत करना है।
यूक्रेन आक्रमण के बाद राष्ट्रपति Vladimir Putin की भारत की पहली 30 घंटे की यात्रा मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग और 'Development of Strategic Areas of India – Russia Economic Cooperation till 2030' पर केंद्रित थी। मुख्य परिणामों में रूस के कार्यबल की कमी को दूर करने के लिए एक 'Labour Mobility Agreement' और उर्वरक तथा समुद्री क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर शामिल हैं। हालांकि किसी बड़े रक्षा सौदे की घोषणा नहीं की गई, लेकिन इस यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों की 'ध्रुव तारा' (pole star) स्थिरता की पुष्टि की। भारत ने अपनी 'रणनीतिक स्वायत्तता' (strategic autonomy) बनाए रखी, रूस के साथ संबंधों को संतुलित किया और साथ ही अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत की और पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना किया।
- यात्रा में नए रक्षा खरीद या परमाणु सहयोग की घोषणाओं के बजाय आर्थिक रोडमैप को प्राथमिकता दी गई।
- रूसी कार्यबल की कमी को पूरा करने के लिए भारतीय कुशल श्रमिकों की रूस आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए एक Labour Mobility Agreement पर हस्ताक्षर किए गए।
- भारत ने यूक्रेन संघर्ष पर अपना रुख दोहराया, तटस्थता बनाए रखते हुए शांति और संवाद का आह्वान किया।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री Amit Shah ने घोषणा की कि डेयरी क्षेत्र में circular economy मॉडल लागू करने से अगले पांच वर्षों में किसानों की आय में 20% की वृद्धि होगी। गुजरात में Banas Dairy के bio-CNG और उर्वरक संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने कचरे से धन (waste-to-wealth) पहल के माध्यम से अतिरिक्त आय उत्पन्न करने पर जोर दिया। इसमें पशुओं के गोबर से बायोगैस और जैविक उर्वरक का उत्पादन और प्राकृतिक रूप से मरने वाले मवेशियों से चमड़ा प्राप्त करना शामिल है। यह पहल 'White Revolution 2.0' के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो डेयरियों को टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने और अपने उत्पाद श्रृंखला में विविधता लाने के लिए आवश्यक वित्त और तकनीक प्रदान करती है।
- circular economy मॉडल का लक्ष्य 2030 तक डेयरी किसानों की आय में 20% की वृद्धि करना है।
- पशुओं के गोबर जैसे अपशिष्ट उत्पादों को bio-CNG और जैविक उर्वरकों में परिवर्तित किया जा रहा है।
- यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई 'White Revolution 2.0' का हिस्सा है।
चीन अपनी "ग्रामीण पुनरुद्धार योजना" (rural revitalisation plan) के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसका उद्देश्य अपने अति-आधुनिक शहरों और अपने ग्रामीण इलाकों के बीच के भारी अंतर को दूर करना है। 2012 के बाद से, चीनी सरकार ने "लक्षित गरीबी उन्मूलन" (targeted poverty alleviation) पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे लगभग 100 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। रणनीति में बुनियादी ढांचे (पवन चक्कियां, सड़कें) में भारी निवेश, चाय उत्पादन जैसे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना और अंतर-प्रांतीय सहयोग शामिल है जहां विकसित क्षेत्र गरीब पश्चिमी प्रांतों में निवेश करते हैं। 2035 तक, चीन का लक्ष्य "समाजवादी आधुनिकीकरण" प्राप्त करना है, यह सुनिश्चित करते हुए कि ग्रामीण क्षेत्र सतत विकास और बेहतर जीवन स्तर के माध्यम से राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें।
- चीन की 'ग्रामीण पुनरुद्धार योजना' का लक्ष्य 2027 तक प्रमुख ग्रामीण मुद्दों से निपटना और 2035 तक पूर्ण आधुनिकीकरण प्राप्त करना है।
- 'लक्षित गरीबी उन्मूलन' कार्यक्रम ने विशिष्ट काउंटियों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें सबसे गरीब क्षेत्रों की पहचान करने और उनका समर्थन करने के लिए मानदंडों का उपयोग किया गया।
- ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास राज्य के नेतृत्व वाले निवेश, सहकारी मॉडल और वैश्विक बाजारों के लिए स्थानीय कृषि उत्पादों के प्रचार के मिश्रण से प्रेरित है।
संसद ने Central Excise (Amendment) Bill, 2025 को मंजूरी दे दी है, जो तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर उत्पाद शुल्क लगाने की अनुमति देता है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब GST compensation cess दिसंबर में समाप्त होने वाला है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने स्पष्ट किया कि यह कोई अतिरिक्त कर बोझ नहीं है, बल्कि एक अलग तंत्र के तहत मौजूदा कर संरचना की निरंतरता है। तंबाकू उत्पादों पर 40% "demerit" श्रेणी की दर से कर लगना जारी रहेगा। विधेयक यह सुनिश्चित करता है कि compensation cess व्यवस्था से हटने के बाद भी तंबाकू से राजस्व प्रवाह स्थिर रहे।
- GST compensation cess समाप्त होने के बाद तंबाकू पर कर के स्तर को बनाए रखने के लिए Central Excise (Amendment) Bill, 2025 पारित किया गया था।
- तंबाकू 40% के उच्चतम GST स्लैब में बना हुआ है, जिसे 'demerit' वस्तु के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- यह परिवर्तन सुनिश्चित करता है कि संग्रह तंत्र को बदलते समय उपभोक्ता पर कुल कर का बोझ अपरिवर्तित रहे।
रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin की भारत यात्रा उस "कठिन संतुलन" को उजागर करती है जो Modi सरकार को रूस के साथ अपने पारंपरिक संबंधों और पश्चिम के साथ अपनी बढ़ती साझेदारी के बीच बनाना चाहिए। चर्चा के मुख्य बिंदुओं में तेल आयात शामिल है, जो यूक्रेन संघर्ष के बाद से बढ़ गया है, और रक्षा सहयोग, विशेष रूप से S-400 मिसाइल प्रणाली। भारत को अमेरिकी CAATSA अधिनियम के तहत संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। यात्रा भारतीय श्रमिकों के लिए श्रम गतिशीलता समझौते और Eastern Maritime Corridor के विकास की भी पड़ताल करती है। यह समय महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत गणतंत्र दिवस और EU-India शिखर सम्मेलन के लिए पश्चिमी नेताओं की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।
- यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत के बाद से रूस से भारत का तेल आयात उसके तेल बास्केट के 2% से कम से बढ़कर लगभग 40% हो गया है।
- S-400 वायु रक्षा प्रणाली सौदा अमेरिका के साथ विवाद का विषय बना हुआ है, जिससे संभावित रूप से CAATSA प्रतिबंध लग सकते हैं।
- दोनों देश रूस में भारतीय कुशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार प्रदान करने हेतु श्रम गतिशीलता समझौते पर काम कर रहे हैं।
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹90.15 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। विशेषज्ञ इस गिरावट का कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पिछले वर्षों की तुलना में कम आक्रामक हस्तक्षेप की वर्तमान रणनीति को बताते हैं। भारतीय शेयरों को बेचकर अमेरिकी, यूरोपीय और जापानी बाजारों में जाने वाले विदेशी निवेशकों ने भी डॉलर की निकासी की स्थिति पैदा की है। हालांकि कमजोर रुपया भारतीय वस्तुओं को विदेशों में सस्ता बनाकर निर्यातकों की मदद करता है, लेकिन यह आयात की लागत को बढ़ाता है, हालांकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर इसके प्रभाव को वर्तमान में अर्थशास्त्रियों द्वारा प्रबंधनीय माना जा रहा है।
- रुपये ने प्रति डॉलर ₹90 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ दिया और ₹90.15 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।
- भारतीय इक्विटी बाजारों से विदेशी बाजारों में पूंजी का पलायन रुपये की गिरावट का एक प्रमुख कारक है।
- RBI कम हस्तक्षेप कर रहा है, और गिरावट को रोकने के लिए पिछले अवधियों की तुलना में अपने भंडार से कम डॉलर बेच रहा है।
हालांकि भारत ने लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को प्रोत्साहित करने के लिए अपने खनन कानूनों में सुधार किया है, लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर प्रसंस्करण (processing) और शोधन क्षमता की कमी है। वर्तमान में, अधिकांश कच्चे अयस्कों को शोधन के लिए विदेश, मुख्य रूप से चीन भेजा जाता है। लेख पांच चरणों का सुझाव देता है: नवाचार के लिए Centres of Excellence की स्थापना, फ्लाई ऐश जैसे औद्योगिक कचरे से माध्यमिक संसाधनों को अनलॉक करना, हाइड्रोमेटालर्जी में कार्यबल का कौशल विकास, सरकारी ऑफ-टेक प्रतिबद्धताओं के माध्यम से निवेश को जोखिम मुक्त करना, और प्रसंस्करण तकनीक हासिल करने के लिए 'खनिज कूटनीति' (mineral diplomacy) को आगे बढ़ाना। प्रसंस्करण वह 'लापता कड़ी' है जो यह निर्धारित करती है कि भारत कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता बना रहेगा या स्वच्छ ऊर्जा का अग्रणी बनेगा।
- चीन वैश्विक दुर्लभ मृदा (rare earth) और ग्रेफाइट शोधन के 90% से अधिक को नियंत्रित करता है, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला संवेदनशीलता पैदा करता है।
- भारत के Mines and Minerals (Development and Regulation) Act में अन्वेषण लाइसेंस के माध्यम से घरेलू खनन का समर्थन करने के लिए संशोधन किया गया है।
- एल्यूमीनियम संयंत्रों से निकलने वाले रेड मड और कोयला संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश जैसे माध्यमिक स्रोतों में मूल्यवान दुर्लभ मृदा तत्व होते हैं।
फिनलैंड की योजना 2026 में भारत द्वारा World Circular Economy Forum की मेजबानी करने से पहले, सर्कुलर इकोनॉमी में अवसरों को उजागर करने के लिए प्रमुख भारतीय शहरों में रोड शो आयोजित करने की है। इस पहल का उद्देश्य केवल अपशिष्ट प्रबंधन से हटकर उत्पाद डिजाइन और उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करना है जो उत्पाद के जीवनकाल को बढ़ाता है। सर्कुलर मॉडल में संक्रमण महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ ला सकता है, जिसका अनुमान 2030 तक विश्व स्तर पर $4.5 ट्रिलियन है, और भारत में लाखों नौकरियां पैदा कर सकता है। SITRA जैसे फिनिश संगठन मूल्य श्रृंखला को बंद करने और टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने में व्यावसायिक क्षमता पर जोर दे रहे हैं।
- भारत अक्टूबर 2026 में World Circular Economy Forum की मेजबानी करने के लिए तैयार है।
- सर्कुलर इकोनॉमी केवल रीसाइक्लिंग और अपशिष्ट प्रबंधन के बजाय टिकाऊ उत्पाद जीवनचक्र पर ध्यान केंद्रित करती है।
- भारत की सर्कुलर इकोनॉमी का बाजार मूल्य 2050 तक $2 ट्रिलियन होने और 10 मिलियन नौकरियां पैदा करने का अनुमान है।
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही के लिए नवीनतम Periodic Labour Force Survey (PLFS) से पता चलता है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए ग्रामीण बेरोजगारी दर पिछली तिमाही के 4.8% से घटकर 4.4% हो गई। इसके विपरीत, शहरी बेरोजगारी में मामूली वृद्धि देखी गई, जो पुरुषों के लिए 6.2% और महिलाओं के लिए 9.0% तक बढ़ गई। भारत में समग्र बेरोजगारी दर 5.4% से घटकर 5.2% हो गई। सर्वेक्षण इस बात पर प्रकाश डालता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार काम का प्रमुख रूप बना हुआ है (62.8%), जबकि शहरी केंद्रों में नियमित वेतन या वेतनभोगी रोजगार अधिक आम है (49.8%)।
- जुलाई-सितंबर अवधि के दौरान मौसमी कृषि कार्यों के कारण ग्रामीण बेरोजगारी में कमी आई।
- महिलाओं के बीच समग्र Labour Force Participation Rate (LFPR) बढ़कर 33.7% हो गई, जो मुख्य रूप से ग्रामीण सुधारों से प्रेरित है।
- कृषि ग्रामीण कार्यबल के लिए प्राथमिक नियोक्ता बनी हुई है, जो 57.7% नौकरियों के लिए जिम्मेदार है।
केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और रक्षा कर्मियों के वेतन ढांचे, सेवानिवृत्ति लाभों और सेवा शर्तों की समीक्षा के लिए आधिकारिक तौर पर 8th Central Pay Commission (CPC) का गठन किया है। सेवानिवृत्त जस्टिस Ranjana Prakash Desai की अध्यक्षता में, आयोग में प्रोफेसर Pulak Ghosh और Pankaj Jain IAS शामिल हैं। आयोग को 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। 8th CPC के लिए प्रमुख विचारों में राजकोषीय विवेक, विकासात्मक व्यय की आवश्यकताएं और गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं का राजकोष पर प्रभाव शामिल है, जिसमें 2025-26 के लिए पेंशन बिल ₹2.76 लाख करोड़ अनुमानित है।
- 8th CPC केंद्र सरकार के नागरिक और रक्षा कर्मियों दोनों के लिए वेतन संरचनाओं की जांच करेगा।
- आयोग को कर्मचारी मुआवजे को सरकार के राजकोषीय स्वास्थ्य और विकासात्मक व्यय आवश्यकताओं के साथ संतुलित करना होगा।
- प्रवेश-स्तर के सार्वजनिक क्षेत्र के पदों पर अक्सर निजी समकक्षों की तुलना में अधिक वेतन होता है, जबकि शीर्ष पद पीछे रह जाते हैं, जिससे प्रतिभा प्रतिधारण प्रभावित होता है।
केंद्र सरकार ने गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को विनियमित करने के लिए 'Sustainable Harnessing of Fisheries in the Exclusive Economic Zone (EEZ)' नियमों को अधिसूचित किया है। ये नियम तकनीकी रूप से उन्नत जहाजों के संचालन के लिए मछुआरा सहकारी समितियों और Fish Farmer Producer Organisations (FFPOs) को प्राथमिकता देते हैं। इस पहल का उद्देश्य समुद्री जैव विविधता का संरक्षण करते हुए मूल्यवर्धन, पता लगाने की क्षमता (traceability) और प्रमाणन के माध्यम से समुद्री भोजन के निर्यात को बढ़ाना है। यह LED लाइट फिशिंग और पेयर ट्रॉलिंग जैसी हानिकारक प्रथाओं को प्रतिबंधित करता है। अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीप क्षेत्रों में, जो भारत के EEZ का 49% हिस्सा हैं, उच्च गुणवत्ता वाले मछली निर्यात और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने के लिए मदर-एंड-चाइल्ड जहाजों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- नए नियम 12 समुद्री मील से परे भारत के Exclusive Economic Zone (EEZ) के भीतर मछली पकड़ने के संचालन को विनियमित करते हैं।
- तकनीकी रूप से उन्नत गहरे समुद्र के जहाजों के प्रबंधन के लिए सहकारी समितियों और FFPOs को प्राथमिकता दी जाती है।
- समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए LED लाइट फिशिंग और बुल ट्रॉलिंग जैसी हानिकारक प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी-खजुराहो मार्ग सहित चार नई Vande Bharat Express सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अन्य नई सेवाएँ एर्नाकुलम-बेंगलुरु, लखनऊ-सहारनपुर और फिरोजपुर-दिल्ली मार्गों पर संचालित होंगी। ये स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने, यात्रा के समय को कम करने और पर्यटन जैसी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि Vande Bharat, Namo Bharat और Amrit Bharat जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं। इस विस्तार से बेहतर गतिशीलता के माध्यम से तीर्थयात्रा को सुगम बनाकर और स्थानीय व्यवसायों का समर्थन करके क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण लाभ होने की उम्मीद है।
- चार नए Vande Bharat मार्ग शुरू किए गए, जो वाराणसी, खजुराहो, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ते हैं।
- Vande Bharat परियोजना का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, गतिशीलता में सुधार करना और आर्थिक गतिविधियों का समर्थन करना है।
- प्रधानमंत्री ने तीव्र राष्ट्रीय विकास प्राप्त करने में आधुनिक बुनियादी ढांचे की भूमिका पर प्रकाश डाला।
बढ़ती धन असमानता और स्वचालन (automation) से प्रेरित नौकरी की असुरक्षा के बीच, भारत में Universal Basic Income (UBI) की मांग बढ़ रही है। भारत का Gini coefficient 75 है, जिसमें शीर्ष 1% के पास राष्ट्रीय संपत्ति का 40% हिस्सा है। UBI को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और लक्षित कल्याण की प्रशासनिक अक्षमताओं को दूर करने के लिए एक आवधिक, बिना शर्त नकद हस्तांतरण के रूप में प्रस्तावित किया गया है। हालांकि फंडिंग एक बड़ी चिंता है (GDP का अनुमानित 5%), मध्य प्रदेश में पायलट अध्ययनों ने पोषण और स्कूल उपस्थिति में सुधार दिखाया है। कमजोर समूहों के लिए चरणबद्ध रोलआउट को एक व्यावहारिक कार्यान्वयन रणनीति के रूप में सुझाया गया है।
- Press Information Bureau के अनुसार, आय असमानता में भारत विश्व स्तर पर 4वें स्थान पर है।
- स्वचालन 2030 तक विश्व स्तर पर 800 मिलियन नौकरियों को विस्थापित कर सकता है, जिससे UBI एक संभावित सुरक्षा जाल बन सकता है।
- UBI का उद्देश्य आर्थिक सुरक्षा का एक आधार प्रदान करना, उपभोक्ता मांग को बहाल करना और अवैतनिक श्रम को सम्मान देना है।
ISRO के अध्यक्ष ने घोषणा की कि Hindustan Aeronautics Limited (HAL) और Larsen & Toubro (L&T) के नेतृत्व वाले एक निजी कंसोर्टियम द्वारा विकसित पहला Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) फरवरी 2026 में लॉन्च होने वाला है। यह पहल भारत की अंतरिक्ष तकनीक और उत्पादन के निजीकरण में एक बड़ा कदम है। वर्तमान में, भारतीय उद्योग LVM-3 M5 जैसे प्रमुख मिशनों के लिए प्रणालियों में 80% से 85% का योगदान देता है। लक्ष्य उपग्रह प्रक्षेपण और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए PSLV उत्पादन का कम से कम 50% सीधे उद्योग कंसोर्टियम को हस्तांतरित करना है।
- HAL और L&T के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम ने पहला निजी तौर पर विकसित PSLV रॉकेट तैयार किया है।
- यह लॉन्च PSLV उत्पादन के 50% हिस्से में भारतीय उद्योग को शामिल करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
- 450 से अधिक भारतीय उद्योग और 330+ स्टार्ट-अप वर्तमान में राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में योगदान दे रहे हैं।