लोकसभा ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पारित किया

लोकसभा ने NEET-UG आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादतियों को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पारित किया। विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक मामलों के लिए दंड को कड़ा करना, समय-सीमाबद्ध जांच (दो महीने के भीतर) शुरू करना और त्वरित सुनवाई करना है। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर गोली चलाने के आरोपों से इनकार किया, यह कहते हुए कि 'अत्यधिक संयम' बरता गया। मंत्री ने जोर दिया कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की अखंडता की रक्षा करने और छात्रों के भविष्य की रक्षा करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो 2024 के एंटी-पेपर लीक कानून पर आधारित है, जिसमें पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं में कमी देखी गई है।

मुख्य बिंदु

  • लोकसभा ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पारित किया।
  • विधेयक पेपर लीक मामलों के लिए सख्त दंड, समय-सीमाबद्ध जांच और त्वरित सुनवाई का प्रावधान करता है।
  • केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग से इनकार किया, 'अत्यधिक संयम' का दावा किया।
  • यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की अखंडता की रक्षा करने और छात्रों की आकांक्षाओं की रक्षा करने का लक्ष्य रखता है।

परीक्षा तथ्य

  • विधेयक: Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026।
  • केंद्रीय मंत्री: Jitendra Singh (PMO में राज्य मंत्री, Department of Personnel and Training संभालते हैं)।
  • पिछला कानून: 2024 का एंटी-पेपर लीक कानून।
  • विपक्ष के नेता: Rahul Gandhi।

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