खराब सुविधाएं और कलंक Odisha की लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान स्कूल छोड़ने पर मजबूर करते हैं: अध्ययन से पता चला
Odisha में हाल ही के एक अध्ययन से पता चला है कि लगभग 74% छात्राएं मासिक धर्म के दौरान दर्द, असुविधा, गोपनीयता की कमी, अपर्याप्त सुविधाओं और सामाजिक कलंक के संयोजन के कारण स्कूल छोड़ देती हैं। सर्वेक्षण किए गए 94% स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय होने के बावजूद, बुनियादी menstrual hygiene support systems, पानी, साबुन और उचित अपशिष्ट निपटान की अनुपस्थिति सहित महत्वपूर्ण बाधाएं बनी हुई हैं। UNICEF और WaterAid जैसे संगठनों द्वारा किए गए इस अध्ययन में menstrual hygiene management infrastructure और जागरूकता में महत्वपूर्ण कमियों पर प्रकाश डाला गया है। यह सार्वजनिक स्थानों पर सुलभ और समावेशी sanitation infrastructure के निर्माण के लिए तत्काल पहलों का आह्वान करता है, जिसमें महिलाओं, लड़कियों और persons with disabilities के लिए गरिमा, स्वच्छता और आराम पर जोर दिया गया है।
मुख्य बिंदु
- Odisha में लगभग 74% छात्राएं विभिन्न कारकों के कारण मासिक धर्म के दौरान स्कूल छोड़ देती हैं।
- अनुपस्थिति के प्राथमिक कारणों में दर्द, असुविधा, गोपनीयता की कमी, अपर्याप्त सुविधाएं और सामाजिक कलंक शामिल हैं।
- व्यापक रूप से अलग शौचालयों के बावजूद, स्कूलों में अक्सर बुनियादी menstrual hygiene support, पानी, साबुन और उचित अपशिष्ट निपटान की कमी होती है।
- यह अध्ययन menstrual hygiene management infrastructure, जागरूकता और संस्थागत सहायता प्रणालियों में महत्वपूर्ण कमियों पर प्रकाश डालता है।
- सभी के लिए गरिमा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सुलभ और समावेशी sanitation infrastructure की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
परीक्षा तथ्य
- अध्ययन UNICEF, Aaina, WaterAid, AIIMS-Bhubaneswar और IIT-Bhubaneswar द्वारा किया गया।
- Odisha में लगभग 74% छात्राएं मासिक धर्म के दौरान स्कूल छोड़ देती हैं।
- सर्वेक्षण किए गए 94% स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय थे।
- लगभग 56% स्कूलों में menstrual waste disposal facilities की कमी थी या वे असुरक्षित तरीकों पर निर्भर थे।
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