Tamil Nadu में नियमित Director-General of Police (DGP) नियुक्त करने की प्रक्रिया फिर से शुरू हुई
Supreme Court के निर्देशों के बाद Tamil Nadu में नियमित Director-General of Police (DGP) की नियुक्ति की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। कोर्ट ने आदेश दिया कि नियुक्ति तीन सप्ताह के भीतर पूरी की जानी चाहिए। Prakash Singh case के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक नियमित DGP का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का होना चाहिए, चाहे उनकी सेवानिवृत्ति (superannuation) की तिथि कुछ भी हो। राज्य सरकार को पात्र अधिकारियों का एक पैनल Union Public Service Commission (UPSC) को भेजना आवश्यक है, जो फिर तीन अधिकारियों की एक शॉर्टलिस्ट तैयार करता है। इसके बाद राज्य को पुलिस नेतृत्व में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इस शॉर्टलिस्ट में से एक का चयन करना होगा।
मुख्य बिंदु
- Supreme Court ने अस्थायी नेतृत्व से बचने के लिए तीन सप्ताह की समय सीमा के भीतर DGP की नियुक्ति पूरी करने का आदेश दिया।
- ऐतिहासिक Prakash Singh case के दिशा-निर्देश राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए DGP के लिए दो साल का निश्चित कार्यकाल सुनिश्चित करते हैं।
- वरिष्ठता, योग्यता और शेष सेवा के आधार पर पात्र अधिकारियों का पैनल बनाने में UPSC महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- DGP/HoPF के पद के लिए विचार किए जाने हेतु किसी अधिकारी के पास आम तौर पर न्यूनतम छह महीने की शेष सेवा (residual service) होना आवश्यक है।
परीक्षा तथ्य
- Prakash Singh case (2006) ने DGP नियुक्तियों के लिए प्राथमिक दिशा-निर्देश स्थापित किए।
- एक नियमित DGP सेवानिवृत्ति की तिथि के बावजूद न्यूनतम दो वर्ष के कार्यकाल का हकदार है।
- राज्य सरकार को चुनने के लिए UPSC ठीक तीन अधिकारियों को शॉर्टलिस्ट करता है।
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