Tamil Nadu सरकार ने 1 जनवरी, 2026 से Tamil Nadu Assured Pension Scheme (TAPS) लागू कर दी है। यह योजना उन राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए है जो 1 जनवरी, 2003 को या उसके बाद सेवा में आए थे और पहले Contributory Pension Scheme (CPS) के अंतर्गत थे। TAPS के तहत, सेवानिवृत्त लोगों को उनके अंतिम मूल वेतन (basic pay) और महंगाई भत्ते (dearness allowance) के 50% के बराबर पेंशन की गारंटी दी जाती है। कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10% योगदान करते हैं, जबकि सरकार शेष फंडिंग को कवर करती है। इस योजना में पारिवारिक पेंशन (पेंशनभोगी की राशि का 60%) और सेवा अवधि के आधार पर ₹25 लाख तक की ग्रेच्युटी (gratuity) के प्रावधान भी शामिल हैं।
TAPS पात्र सेवानिवृत्त लोगों के लिए अंतिम मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 50% सुनिश्चित पेंशन प्रदान करता है।
यह 1 जनवरी, 2026 से सेवा में आने वाले कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है, जबकि मौजूदा CPS कर्मचारियों के पास सेवानिवृत्ति के समय स्विच करने का विकल्प है।
कर्मचारी पेंशन फंड में अपने मूल वेतन का 10% योगदान करते हैं, और सरकार अतिरिक्त फंड की आवश्यकताओं को वहन करती है।
परीक्षा बिंदु
प्रभावी तिथि: 1 जनवरी, 2026।
पेंशन राशि: अंतिम मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 50%।
Telangana Drug Control Administration (DCA) ने बच्चों की एलर्जी के लक्षणों की दवा Almont-Kid Syrup के लिए 'उपयोग बंद करें' (stop-use) नोटिस जारी किया है, क्योंकि परीक्षण में जहरीले Ethylene Glycol (EG) के संदूषण (contamination) का पता चला है। Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) ने बिहार में Tridus Remedies द्वारा निर्मित एक विशिष्ट बैच (AL-24002) में इस विष की उपस्थिति की पुष्टि की है। Ethylene Glycol एक खतरनाक औद्योगिक विलायक (solvent) है जो सेवन करने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं या मृत्यु का कारण बन सकता है। DCA ने सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और खुदरा विक्रेताओं को स्टॉक फ्रीज करने का निर्देश दिया है और जनता को आगे के स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए उत्पाद का उपयोग तुरंत बंद करने की सलाह दी है।
Almont-Kid Syrup को Ethylene Glycol से संदूषित पाया गया, जो एक जहरीला रसायन है जिसका उपयोग अक्सर एंटीफ्रीज जैसे औद्योगिक अनुप्रयोगों में किया जाता है।
संदूषण की पहचान Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO), East Zone, Kolkata द्वारा की गई थी।
प्रभावित बैच (AL-24002) का निर्माण वैशाली, बिहार स्थित Tridus Remedies द्वारा जनवरी 2025 की निर्माण तिथि के साथ किया गया था।
परीक्षा बिंदु
संदूषक (Contaminant): Ethylene glycol (EG)।
नियामक निकाय: Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) और State Drug Control Administration (DCA)।
ISRO के Aditya-L1, जो भारत की पहली समर्पित सौर वेधशाला है, ने इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है कि कैसे विशाल सौर प्लाज्मा विस्फोट पृथ्वी के चुंबकीय कवच को प्रभावित करते हैं। अक्टूबर 2024 के एक बड़े सौर तूफान का विश्लेषण करके, वैज्ञानिकों ने पाया कि ये घटनाएं पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को महत्वपूर्ण रूप से संकुचित (compress) करती हैं, जिससे भू-स्थैतिक कक्षा (geostationary orbit) में उपग्रह कठोर अंतरिक्ष स्थितियों के संपर्क में आ सकते हैं। The Astrophysical Journal में प्रकाशित यह अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे सौर गतिविधि ध्रुवीय ज्योति (auroral) क्षेत्रों में धाराओं को तेज करती है और ऊपरी वायुमंडल को गर्म करती है। यह शोध वैश्विक संचार, नेविगेशन सेवाओं और पावर ग्रिड बुनियादी ढांचे को अंतरिक्ष मौसम के व्यवधानों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।
Aditya-L1 भारत का पहला सौर वेधशाला मिशन है जिसे L1 Lagrange point से अंतरिक्ष मौसम पर सूर्य के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
सौर तूफान पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को मजबूती से संकुचित कर सकते हैं, जिससे यह ग्रह के असामान्य रूप से करीब आ जाता है और भू-स्थैतिक उपग्रह असुरक्षित हो जाते हैं।
अंतरिक्ष मौसम की घटनाओं में प्लाज्मा विस्फोट जैसी क्षणिक सौर गतिविधियाँ शामिल होती हैं जो पावर ग्रिड, संचार और नेविगेशन प्रणालियों को बाधित कर सकती हैं।
परीक्षा बिंदु
मिशन का नाम: Aditya-L1 (भारत की पहली सौर वेधशाला)।
प्रकाशन: The Astrophysical Journal (दिसंबर अंक)।
अध्ययन की गई प्रमुख घटना: अक्टूबर 2024 का सौर तूफान।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शारजील इमाम को Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के कड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने 'भूमिकाओं का पदानुक्रम' (hierarchy of roles) स्थापित किया, जिसमें 'वैचारिक प्रेरकों' (ideological drivers) को 'स्थानीय स्तर के सुविधाप्रदाताओं' से अलग किया गया। UAPA की Section 43D(5) के तहत, सामान्य आपराधिक कानून की तुलना में जमानत प्राप्त करना काफी कठिन है, क्योंकि अदालत को संतुष्ट होना चाहिए कि आरोप प्रथम दृष्टया (prima facie) सच हैं। फैसले ने Section 15 के तहत 'आतंकवादी कृत्यों' की व्याख्या का विस्तार करते हुए इसमें सड़क नाकाबंदी (चक्का जाम) को भी शामिल किया, जिसका उद्देश्य आवश्यक सेवाओं को बाधित करना या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा करना है।
UAPA की Section 43D(5) जमानत के लिए एक उच्च सीमा निर्धारित करती है, जो सामान्य आपराधिक कानून में पाए जाने वाले 'जमानत, जेल नहीं' के सामान्य सिद्धांत से अलग है।
अदालत ने रणनीति तैयार करने वाले 'वैचारिक प्रेरकों' और विरोध प्रदर्शनों के लिए रसद सहायता प्रदान करने वाले 'व्युत्पन्न' (derivative) प्रतिभागियों के बीच अंतर किया।
UAPA की Section 15 'आतंकवादी कृत्यों' को व्यापक रूप से परिभाषित करती है, जिसमें भारत की एकता, अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से किए गए कार्य शामिल हैं।
परीक्षा बिंदु
संबंधित कानून: Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA)।
प्रमुख धाराएं: Section 15 (आतंकवादी कृत्य की परिभाषा) और Section 43D(5) (जमानत पर प्रतिबंध)।
केस संदर्भ: Union of India बनाम K.A. Najeeb (2021)।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राज्य अमेरिका को UN Framework Convention on Climate Change (FCCC) और Intergovernmental Panel on Climate Change (IPCC) से वापस लेने का कदम उठाया है। यह कदम प्रभावी रूप से अमेरिका को पेरिस समझौते सहित मुख्य बहुपक्षीय जलवायु कूटनीति ढांचे से बाहर करता है। इस वापसी से वैश्विक जलवायु वित्त (climate finance) में महत्वपूर्ण कमी आने की संभावना है, क्योंकि अमेरिका अब Green Climate Fund या Global Environment Facility में योगदान नहीं देगा। इसके अलावा, यह IPCC की वैज्ञानिक आम सहमति बनाने की प्रक्रिया को कमजोर करता है और अन्य उच्च-उत्सर्जन वाले देशों को उनकी जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने से हतोत्साहित कर सकता है, जिससे संभावित रूप से वैश्विक जलवायु कार्रवाई में देरी हो सकती है।
FCCC से हटने से अमेरिका स्वतः ही पेरिस समझौते और वार्षिक COP वार्ताओं से बाहर हो जाता है।
अमेरिका ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और प्रगति ट्रैकिंग के लिए FCCC की रिपोर्टिंग प्रणाली में भाग लेने की अपनी क्षमता खो देगा।
यह निकास वैश्विक जलवायु वित्त को कमजोर करता है, विशेष रूप से Green Climate Fund और Global Environment Facility को प्रभावित करता है।
परीक्षा बिंदु
संगठन: UNFCCC (UN Framework Convention on Climate Change) और IPCC (Intergovernmental Panel on Climate Change)।
जलवायु वित्त लक्ष्य: 2035 तक प्रति वर्ष कम से कम $300 बिलियन का COP29 लक्ष्य।
अनुकूलन अंतर (Adaptation Gap): UN Adaptation Gap Report 2025 ने 2035 तक प्रति वर्ष $310-365 बिलियन की आवश्यकताओं का अनुमान लगाया है।
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