Supreme Court ने RP Act के तहत मतदाता सत्यापन के लिए Aadhaar को कानून का हिस्सा माना

Supreme Court ने स्पष्ट किया कि Aadhaar "मतदान के अधिकार के कानून" (right-to-vote statute) का हिस्सा है और मतदाताओं द्वारा पहचान सत्यापन के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। यह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (special intensive revision) के लिए Aadhaar के उपयोग को चुनौती देने वाली याचिका के दौरान आया। अदालत ने नोट किया कि Representation of the People Act, 1950 की Section 23(4), Election Commission के अधिकारियों को प्रविष्टियों को प्रमाणित करने के लिए Aadhaar का उपयोग करने की अनुमति देती है। जबकि याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि Aadhaar नागरिकता या निवास का प्रमाण नहीं है, अदालत ने अन्य निर्धारित दस्तावेजों के साथ मतदाता सत्यापन के लिए एक दस्तावेज के रूप में इसकी वैधता बनाए रखी।

मुख्य बिंदु

  • Aadhaar को Representation of the People Act के तहत मतदाता सत्यापन के लिए एक वैध दस्तावेज के रूप में मान्यता दी गई है।
  • RP Act, 1950 की Section 23(4) EC अधिकारियों को मतदाता सूची की प्रविष्टियों को प्रमाणित करने के लिए Aadhaar का उपयोग करने की अनुमति देती है।
  • अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि चुनावी उद्देश्यों के लिए Aadhaar अन्य पहचान दस्तावेजों की तुलना में कमतर है।
  • यह फैसला स्पष्ट करता है कि हालांकि Aadhaar नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन यह कानून द्वारा अनुमत मतदाताओं के लिए एक विशिष्ट पहचान प्रमाण के रूप में कार्य करता है।

परीक्षा तथ्य

  • Representation of the People Act, 1950 की Section 23(4)।
  • Aadhaar मतदाता सत्यापन के लिए सूचीबद्ध '12वां दस्तावेज' है।
  • मामले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शामिल है।

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