भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति में बदलाव: संयम से सक्रिय कार्रवाई की ओर

भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति दशकों में काफी बदल गई है, जो एक निष्क्रिय और प्रतिक्रियावादी रुख से हटकर एक साहसी, सक्रिय नीति बन गई है जो किसी भी सीमा पार आतंकवादी कृत्य को 'युद्ध की कार्रवाई' (act of war) मानती है। 26/11 के मुंबई हमलों और उसके बाद के बड़े हमलों जैसे ऐतिहासिक मील के पत्थरों के बाद, भारत ने उरी सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसी निर्णायक सैन्य प्रतिक्रियाएं शुरू कीं, जो 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद 'Operation Sindoor' के रूप में सामने आईं। इसके अलावा, भारत ने फरवरी 2026 में अपनी पहली व्यापक National Counter-Terrorism Policy and Strategy, जिसका नाम 'PRAHAAR' है, का अनावरण किया।

मुख्य बिंदु

  • भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति निष्क्रिय चेतावनी से विकसित होकर सक्रिय सीमा पार सैन्य कार्रवाई तक पहुंच गई है।
  • प्रमुख मील के पत्थरों में 2016 के उरी हमले, 2019 के पुलवामा/बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 के Operation Sindoor की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं।
  • भारत ने फरवरी 2026 में 'PRAHAAR' नामक अपनी पहली व्यापक National Counter-Terrorism Policy and Strategy का अनावरण किया।
  • वर्तमान सिद्धांत पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले किसी भी भविष्य के सीमा पार आतंकवाद को 'युद्ध की कार्रवाई' मानता है।

परीक्षा तथ्य

  • नीति का नाम: PRAHAAR (National Counter-Terrorism Policy and Strategy)
  • PRAHAAR जारी करने की तारीख: 23 फरवरी, 2026
  • Operation Sindoor की तारीख: 6-7 मई, 2025

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