BODH पहल युवा भारतीय वैज्ञानिकों को प्रभावी लैब लीडर बनने के लिए प्रशिक्षित करती है

भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करने के लिए 'बिल्डिंग ऑर्चुनिटीज एंड ड्राइविंग होप' (BODH) पहल की स्थापना की गई थी, जिसके तहत युवा वैज्ञानिकों को संस्थागत जिम्मेदारियों, लैब प्रबंधन और पेशेवर नेटवर्किंग में प्रशिक्षित किया जाता है। IARI और IIT जैसे प्रमुख संस्थानों के अनुभवी शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित, BODH नेतृत्व, संघर्ष समाधान और अनुदान-लेखन कौशल सिखाने के लिए गतिविधि-आधारित दृष्टिकोण का उपयोग करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में सहयोगात्मक वैज्ञानिक नेतृत्व को बढ़ावा देना और मेंटरशिप संरचनाओं में सुधार करना है।

मुख्य बिंदु

  • BODH पहल युवा भारतीय वैज्ञानिकों को आवश्यक नेतृत्व और प्रयोगशाला प्रबंधन कौशल में प्रशिक्षित करती है।
  • यह प्रमुख अन्वेषक (principal investigator) की भूमिका में आने वाले शोधकर्ताओं के लिए औपचारिक प्रशिक्षण की कमी को दूर करती है।
  • यह कार्यक्रम अनुभवात्मक सीखने, मेंटरशिप कार्यशालाओं और सहयोगात्मक अभ्यासों का उपयोग करता है।
  • इसके संस्थापक IARI, IIT हैदराबाद और CSIR जैसे प्रमुख संस्थानों के शोधकर्ता हैं।

परीक्षा तथ्य

  • BODH पहल की स्थापना वेदा कृष्णन, श्रीपर्णा चटर्जी, चंद्र शेखर शर्मा और पूजा देवी ने की थी।
  • अपने पहले वर्ष के भीतर, BODH ने प्रमुख भारतीय विज्ञान संस्थानों में 10 नेतृत्व कार्यशालाएं आयोजित कीं।

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