सुप्रीम कोर्ट ने को-लोकेशन मामलों में NSE के खिलाफ SEBI की अपीलें निबटाईं

सुप्रीम कोर्ट ने नियामक और एक्सचेंज के बीच लगभग ₹1,500 करोड़ के समझौते के बाद को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों से संबंधित National Stock Exchange (NSE) के खिलाफ SEBI द्वारा दायर अपीलों के एक बैच को निबटा दिया। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने Securities Appellate Tribunal (SAT) द्वारा जारी असहमतिपूर्ण निर्देशों को अलग रख दिया। यह समझौता NSE के अनुमानित स्टॉक मार्केट डेब्यू से ठीक पहले आया है, जो कुछ दलालों को दिए गए तरजीही पहुंच के आरोपों से जुड़े एक दशक पुराने विनियामक विवाद को प्रभावी ढंग से हल करता है।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों से जुड़े ₹1,500 करोड़ के समझौते के बाद NSE के खिलाफ SEBI की अपीलों को निबटा दिया।
  • इस समझौते में को-लोकेशन मामले के लिए ₹1,224 करोड़ और डार्क फाइबर मामले के लिए ₹268 करोड़ शामिल हैं।
  • इस समाधान से लगभग एक दशक पुराना विनियामक विवाद समाप्त हो गया है, जिससे NSE अपने बहुप्रतीक्षित स्टॉक मार्केट डेब्यू के साथ आगे बढ़ सकेगा।
  • निष्पक्ष पहुंच न मिलने के आरोप सबसे पहले जनवरी 2015 में एक व्हिसलब्लोअर की शिकायत के बाद सामने आए थे।

परीक्षा तथ्य

  • कुल समझौता राशि लगभग ₹1,500 करोड़ है (₹1,224 करोड़ और ₹268 करोड़)।
  • पीठ में जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन शामिल थे।
  • निष्पक्ष पहुंच के आरोप सबसे पहले जनवरी 2015 में एक व्हिसलब्लोअर की शिकायत के माध्यम से सामने आए थे।

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