सुप्रीम कोर्ट NEET-UG पेपर लीक को लेकर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIRs रद्द करेगा, Article 142 का आह्वान किया।
सुप्रीम कोर्ट संविधान के Article 142 के तहत अपनी असाधारण शक्ति का उपयोग करके NEET-UG पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ FIRs को रद्द करने पर विचार कर रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि केवल छात्रों का नाम वाली FIRs रद्द कर दी जाएंगी, जबकि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से संबंधित मामलों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। सॉलिसिटर-जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि पुलिस जांच विरोध स्थल पर पहचाने गए "गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि" वाले 2,873 व्यक्तियों पर केंद्रित होगी। अदालत ने Article 19 के तहत छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा पर जोर दिया, साथ ही आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति भी दी, और विरोध प्रदर्शनों से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय पैनल गठित करने की योजना है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट NEET-UG विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ FIRs रद्द करने के लिए Article 142 का आह्वान करने पर विचार कर रहा है।
- गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि के बिना छात्रों के खिलाफ FIRs रद्द होने की संभावना है, जिससे Article 19 के तहत उनके शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को बरकरार रखा जाएगा।
- दिल्ली पुलिस अपनी जांच को विरोध स्थल पर गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले पहचाने गए 2,873 व्यक्तियों पर केंद्रित करेगी।
- NEET-UG विरोध प्रदर्शनों से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय पैनल का गठन किया जाएगा।
- अदालत का लक्ष्य एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना है, जिसमें मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाए और साथ ही आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दी जाए।
परीक्षा तथ्य
- सुप्रीम कोर्ट ने 'पूर्ण न्याय' के लिए Article 142 का आह्वान किया।
- Article 19 (भाषण और सभा की स्वतंत्रता) के तहत छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को बरकरार रखा गया।
- दिल्ली पुलिस ने विरोध स्थलों पर 'गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि' वाले 2,873 व्यक्तियों की पहचान की।
- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और सॉलिसिटर-जनरल तुषार मेहता कार्यवाही में शामिल थे।
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