देशव्यापी विरोध के बीच सरकार FCRA Amendment Bill, 2026 को JPC को भेजेगी
व्यापक विरोध के बाद केंद्र सरकार Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को एक Joint Parliamentary Committee (JPC) को भेजने की योजना बना रही है। विदेशी धन के विनियमन को कड़ा करने वाले इस विधेयक की विभिन्न राज्यों और संगठनों ने आलोचना की है, जिसमें तमिलनाडु विधानसभा का सर्वसम्मत प्रस्ताव और मिजोरम में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शामिल हैं। चिंताओं में धर्मार्थ और धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता के लिए संभावित खतरे, न्यायिक निरीक्षण के बिना संपत्ति पर कब्जा करने की व्यापक शक्तियां और सामाजिक कल्याण गतिविधियों में व्यवधान शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य संतुलित विचार-विमर्श और नागरिक समाज के स्थान की सुरक्षा करना है।
मुख्य बिंदु
- FCRA Amendment Bill, 2026 अपने कड़े प्रावधानों के लिए महत्वपूर्ण विरोध का सामना कर रहा है।
- विधेयक उन संगठनों की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए सरकार को व्यापक शक्तियां देने का प्रस्ताव करता है जिनकी FCRA registration रद्द कर दी गई है या नवीनीकृत नहीं की गई है।
- आलोचकों का तर्क है कि यह धर्मार्थ और धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता को खतरा है और सामाजिक कल्याण गतिविधियों को बाधित कर सकता है।
- सरकार का विधेयक को JPC को भेजने का निर्णय व्यापक परामर्श और संतुलित विचार-विमर्श के लिए है।
- प्रभावी शासन के लिए प्रतिबंध के बजाय विश्वास और संवाद के साथ विनियमन की आवश्यकता है।
परीक्षा तथ्य
- यह विधेयक Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 है।
- यह FCRA Act, 2010 में संशोधन करना चाहता है।
- विधेयक को एक Joint Parliamentary Committee (JPC) को भेजा जा रहा है।
- तमिलनाडु Assembly ने विधेयक के खिलाफ सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया।
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