SC ने केंद्र को रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए भारतीयों के लिए DNA परीक्षण की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विदेश मंत्रालय को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने और रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए भारतीय नागरिकों के नश्वर अवशेषों के DNA परीक्षण की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया। इससे परिवारों को शवों का दावा करने और अंतिम संस्कार करने में मदद मिलेगी। अदालत उन परिवारों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने अवैध विदेशी भर्ती, तस्करी और शोषण का आरोप लगाया था, जहां युवाओं को उच्च वेतन वाली नौकरियों का लालच दिया गया था, उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए थे, और उन्हें युद्ध क्षेत्र में धकेल दिया गया था। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 24 भारतीय रूसी सेना के साथ सेवा करना जारी रखे हुए हैं, 139 को रिहा कर दिया गया है, और 51 की मौत हो गई है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए भारतीयों के DNA परीक्षण के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।
- इस निर्देश का उद्देश्य परिवारों को अपने प्रियजनों के नश्वर अवशेषों का दावा करने में मदद करना है।
- याचिका में युद्ध क्षेत्र में भारतीय युवाओं की अवैध भर्ती, तस्करी और शोषण पर प्रकाश डाला गया।
- विदेश मंत्रालय ने बताया कि 24 भारतीय अभी भी सेवा कर रहे हैं, 139 को रिहा कर दिया गया है, और 51 की मौत हो गई है।
परीक्षा तथ्य
- न्यायालय: सुप्रीम कोर्ट।
- मंत्रालय: विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry)।
- संघर्ष: रूस-यूक्रेन युद्ध।
- रूसी सेना में अभी भी सेवा कर रहे भारतीयों की संख्या: 24।
- रिहा किए गए भारतीयों की संख्या: 139।
- मृत भारतीयों की संख्या: 51।
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