AI और Digital Economy द्वारा संचालित, भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 12 GW तक पहुंचेगी
भारत की परिचालन डेटा सेंटर क्षमता 2025 में 2.2 GW से 2030 तक पांच गुना से अधिक बढ़कर 12 GW होने का अनुमान है, जो मुख्य रूप से Artificial Intelligence (AI) के तेजी से अपनाने, हाइपरस्केल क्लाउड निवेश और विस्तारित डिजिटल अर्थव्यवस्था से प्रेरित है। AI-समर्पित क्षमता 2030 तक 6,546 MW तक पहुंचने की उम्मीद है। डेटा सेंटर बिजली की मांग में काफी वृद्धि होने का अनुमान है, जो 2040 तक 191 टेरावाट-घंटे (TWh) तक पहुंच जाएगी। महाराष्ट्र और तमिलनाडु वर्तमान में IT लोड पर हावी हैं, लेकिन भविष्य के निवेश A.P., तेलंगाना, U.P. और कर्नाटक जैसे उभरते बाजारों में विस्तार करने की उम्मीद है, जो वैश्विक हाइपरस्केलर्स और घरेलू ऑपरेटरों से महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं को आकर्षित कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- भारत की डेटा सेंटर क्षमता AI और हाइपरस्केल क्लाउड निवेश से प्रेरित होकर 2030 तक पांच गुना से अधिक बढ़कर 12 GW होने का अनुमान है।
- AI-समर्पित क्षमता 2030 तक 6,546 MW तक पहुंचने की उम्मीद है, जो बुनियादी ढांचे की मांग में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
- डेटा सेंटर बिजली की मांग में काफी वृद्धि होने का अनुमान है, जो 2040 तक 191 TWh तक पहुंच जाएगी।
- जबकि महाराष्ट्र और तमिलनाडु वर्तमान में IT लोड में अग्रणी हैं, भविष्य के निवेश A.P., तेलंगाना, U.P. और कर्नाटक जैसे उभरते बाजारों में विस्तार कर रहे हैं।
- वैश्विक हाइपरस्केलर्स और घरेलू ऑपरेटर महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं कर रहे हैं, जो भारत को एशिया-प्रशांत में एक प्रमुख बाजार के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
परीक्षा तथ्य
- भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2025 में 2.2 GW से 2030 तक 12 GW तक पहुंचने का अनुमान है।
- AI-समर्पित क्षमता 2025 में 275 MW से 2030 तक 6,546 MW तक बढ़ने की उम्मीद है।
- डेटा सेंटर बिजली की मांग 2025 में 10 TWh से 2040 तक 191 TWh तक बढ़ने का अनुमान है।
- भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का मूल्य 2025 में ₹32 लाख करोड़ था, जो GDP का लगभग 12% था।
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