सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावित NEET सुधारों पर विस्तृत सरकारी प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें कंप्यूटर-आधारित टेस्ट में बदलाव भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा के प्रस्तावित ओवरहाल की बारीकी से निगरानी करने का संकेत दिया और केंद्र सरकार को विस्तृत प्रतिक्रिया दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) में बदलाव की व्यवहार्यता और डेटा सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाया, यह देखते हुए कि एयर फोर्स जैसे वर्तमान तदर्थ उपाय अस्थायी समाधान हैं। बेंच ने भविष्य में पेपर लीक को रोकने और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संस्थागतकरण की आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर CBT संक्रमण के साथ। सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को उच्चतम कार्यकारी स्तर पर संबोधित किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट NEET-UG परीक्षा प्रणाली के सरकार के प्रस्तावित ओवरहाल की बारीकी से निगरानी करेगा।
- अदालत ने कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) की व्यवहार्यता और डेटा सुरक्षा उपायों पर विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी है।
- जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे ने इस बात पर प्रकाश डाला कि तदर्थ उपाय दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं।
- अदालत ने आगे पेपर लीक को रोकने के लिए CBT में संक्रमण के दौरान डेटा सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की।
- सरकार NTA सुधारों के लिए K. Radhakrishnan के नेतृत्व वाली उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू कर रही है।
परीक्षा तथ्य
- सुप्रीम कोर्ट बेंच में जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे शामिल थे।
- अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को तय की।
- K. Radhakrishnan के नेतृत्व वाली उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2024 में NTA के कामकाज की समीक्षा के लिए किया गया था।
- NTA पुनर्गठन के हिस्से के रूप में चार General Manager पदों और अन्य विशेषज्ञों के लिए भर्ती खोल रहा है।
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