SC ने 6 शिवसेना (UBT) सांसदों के शिंदे गुट में विलय पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट के साथ छह शिवसेना (UBT) सांसदों के "विलय" को मान्यता देने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने दो सप्ताह बाद अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की। यह याचिका शिवसेना (UBT) नेता Arvind Sawant ने दायर की थी, जिन्होंने इस विलय को "प्रथम दृष्टया असंवैधानिक, अवैध और विकृत" बताया था। लोकसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव द्वारा जारी एक सर्कुलर ने कथित विलय को मान्यता दी थी।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (UBT) सांसदों के शिंदे गुट में विलय के संबंध में लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया।
- अदालत ने दो सप्ताह बाद अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की।
- यह याचिका शिवसेना (UBT) नेता Arvind Sawant ने दायर की थी, जिसमें विलय को असंवैधानिक और अवैध बताया गया था।
- लोकसभा सचिवालय ने सांसदों के कथित विलय को मान्यता देते हुए एक सर्कुलर जारी किया था।
परीक्षा तथ्य
- लोकसभा अध्यक्ष: Om Birla
- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री: Eknath Shinde
- याचिकाकर्ता: Arvind Sawant (शिवसेना UBT नेता)
- न्यायाधीशों की पीठ: P.S. Narasimha और Alok Aradhe
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