संसदीय पैनल ने Viksit Bharat Shiksha Adhisthan Bill, 2025 के तहत स्वायत्तता के जोखिमों की चेतावनी दी

एक संयुक्त संसदीय समिति की एक मसौदा रिपोर्ट ने चिंता जताई है कि Viksit Bharat Shiksha Adhisthan Bill, 2025, एक ही केंद्रीय नियामक में व्यापक नियामक शक्तियों के केंद्रीकरण का कारण बन सकता है। पैनल ने चेतावनी दी कि यह केंद्रीकरण नौकरशाही या वैचारिक अतिरेक का जोखिम उठाता है, जिससे मौजूदा UGC ढांचे के तहत उपलब्ध संस्थागत स्वायत्तता प्रभावित होती है। समिति ने यह भी नोट किया कि विधेयक में प्रस्तावित ग्रेडेड दंड वास्तुकला को मनमाने ढंग से लागू नहीं किया जाना चाहिए। दिसंबर 2025 में पेश किया गया यह विधेयक उच्च शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुधार का लक्ष्य रखता है।

मुख्य बिंदु

  • Viksit Bharat Shiksha Adhisthan Bill, 2025, एक ही केंद्रीय निकाय में नियामक शक्तियों के केंद्रीकरण का जोखिम उठाता है।
  • यह केंद्रीकरण नौकरशाही या वैचारिक अतिरेक का कारण बन सकता है, जिससे संस्थागत स्वायत्तता कमजोर होगी।
  • पैनल ने विधेयक के मौजूदा UGC ढांचे पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंताओं को उजागर किया।
  • विधेयक में प्रस्तावित ग्रेडेड दंड वास्तुकला को मनमाने ढंग से लागू नहीं किया जाना चाहिए।

परीक्षा तथ्य

  • विधेयक: Viksit Bharat Shiksha Adhisthan Bill, 2025।
  • निकाय: संसद की संयुक्त समिति।
  • मौजूदा ढांचा: University Grants Commission (UGC)।
  • विधेयक दिसंबर 2025 में लोकसभा में पेश किया गया था।

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