गुवाहाटी के छात्र स्कूल की लड़कियों और शिक्षकों की डीपफेक छवियां बनाने और बेचने के आरोप में जांच के दायरे में।
असम पुलिस की Crime Branch ने गुवाहाटी के दो निजी स्कूलों के छात्रों के खिलाफ 64 स्कूल की लड़कियों और शिक्षकों की डिजिटल रूप से बदली हुई, आपत्तिजनक छवियां (deepfakes) बनाने और बेचने के आरोप में जांच शुरू की है। आरोपी छात्रों ने कथित तौर पर Telegram ऐप पर ₹50-₹100 में ये deepfakes बनाए और बेचे। एक स्कूल ने इसमें शामिल छात्रों को निलंबित कर दिया है और मामले को Child Abuse Monitoring Committee को भेज दिया है, जिसमें साइबर दुराचार के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति पर जोर दिया गया है। यह घटना डिजिटल प्लेटफार्मों के दुरुपयोग और ऑनलाइन उत्पीड़न और गलत सूचना के खिलाफ सतर्कता की आवश्यकता के बारे में चिंताओं पर प्रकाश डालती है।
मुख्य बिंदु
- गुवाहाटी के छात्र स्कूल की लड़कियों और शिक्षकों की deepfake छवियां बनाने और बेचने के आरोप में जांच के दायरे में हैं।
- आपत्तिजनक सामग्री कथित तौर पर Telegram ऐप पर ₹50-₹100 में बेची गई थी।
- एक स्कूल ने इसमें शामिल छात्रों को निलंबित कर दिया और मामले को Child Abuse Monitoring Committee को भेज दिया।
- यह घटना साइबर दुराचार और डिजिटल प्लेटफार्मों के दुरुपयोग की बढ़ती समस्या को रेखांकित करती है।
- पुलिस प्रधानाचार्यों, सलाहकारों और इसमें शामिल छात्रों के बयान दर्ज कर रही है।
परीक्षा तथ्य
- असम पुलिस की Crime Branch मामले की जांच कर रही है।
- 64 स्कूल की लड़कियां और शिक्षक deepfake छवियों के शिकार थे।
- पुलिस संयुक्त आयुक्त: Ankur Jain।
- Child Abuse Monitoring Committee शामिल।
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