केरल में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम नामांकन को लेकर IUML, UDF को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) केरल में राज्य वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों के नामांकन को लेकर एक अनिश्चित स्थिति में हैं। Waqf (Amendment) Act 2025 की धारा 14(1)(f) में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को अनिवार्य किया गया है, लेकिन पिछली LDF सरकार ने सांप्रदायिक भावनाओं से बचने के लिए इन पदों को खाली छोड़ दिया था। BJP नेता Shone George ने केरल High Court में इस गैर-समावेशन को चुनौती दी है, यह तर्क देते हुए कि यह वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है और बोर्ड के निर्णयों को शून्य और अमान्य बनाता है। अब IUML और UDF पर इस सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर रुख अपनाने की जिम्मेदारी है।
मुख्य बिंदु
- केरल राज्य वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों के नामांकन को लेकर IUML और UDF दबाव में हैं।
- Waqf (Amendment) Act 2025, धारा 14(1)(f), बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की आवश्यकता है।
- पिछली LDF सरकार ने केवल मुस्लिम सदस्यों को नियुक्त किया था, जिससे गैर-मुस्लिम पद खाली रह गए थे।
- BJP नेता Shone George ने इस गैर-समावेशन को चुनौती देते हुए केरल High Court में एक याचिका दायर की है।
- High Court ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर एक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
परीक्षा तथ्य
- Waqf (Amendment) Act 2025, धारा 14(1)(f)।
- BJP नेता: Shone George।
- हज, वक्फ और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री: N. Samsudheen।
- पिछली DMK-नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार को भी इसी तरह के मुकदमे का सामना करना पड़ा था।
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