Zojila Tunnel की सफलता से हर मौसम में कनेक्टिविटी, रणनीतिक लाभ और स्थानीय विकास का वादा
13.14 किलोमीटर लंबी Zojila Tunnel, जो Baltal (कश्मीर) और Minamarg (लद्दाख) को जोड़ने वाली एक रणनीतिक बुनियादी ढांचा परियोजना है, ने निर्माण में एक सफलता हासिल की। यह सुरंग खतरनाक Zojila Pass को बाईपास करती है, जो अत्यधिक मौसम के कारण अक्सर महीनों तक बंद रहता है, और हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह भारत के रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है, चीन और पाकिस्तान के साथ इसकी सीमाओं को देखते हुए, Army और आपूर्ति की तेजी से आवाजाही को सक्षम करेगी। ₹6,800 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना 2028 तक चालू होने की उम्मीद है और यात्रा के समय को काफी कम कर देगी, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
मुख्य बिंदु
- 13.14 किलोमीटर लंबी Zojila Tunnel ने Baltal और Minamarg को जोड़ते हुए निर्माण में एक सफलता हासिल की।
- यह हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, Zojila Pass को बाईपास करते हुए, जो भारी बर्फबारी के लिए प्रवण है।
- यह सुरंग भारत की रक्षा के लिए अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है, Army की आवाजाही और आपूर्ति रसद को सुविधाजनक बनाती है।
- इसके 2028 तक चालू होने की उम्मीद है, जिससे यात्रा का समय कम होगा और स्थानीय समुदायों को लाभ होगा।
परीक्षा तथ्य
- सुरंग की लंबाई: 13.14 kilometres।
- स्थान: National Highway-1 पर Baltal (गांदरबल जिला, कश्मीर) और Minamarg (द्रास, लद्दाख) को जोड़ता है।
- लागत: ₹6,800 crore।
- अपेक्षित परिचालन तिथि: 2028।
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