जोजिला सुरंग का सफल निर्माण: भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए एक गेम-चेंजर
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने 13.14-km लंबी Zojila tunnel के सफल निर्माण का निरीक्षण किया, इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और एकीकरण के लिए "गेम-चेंजर" बताया। 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह सुरंग जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे भारतीय सेना और आपूर्ति की आवाजाही में काफी तेजी आएगी। अत्यधिक बर्फबारी और जटिल भूवैज्ञानिक स्थितियों के बावजूद, परियोजना ₹6,800 करोड़ की लागत से पूरी हुई, जो प्रारंभिक अनुमान से काफी कम है। इसमें आधुनिक वेंटिलेशन, आग का पता लगाने, CCTV निगरानी और cross-passage सुविधाओं सहित अद्वितीय सुरक्षा उपाय हैं, जिससे यात्रा का समय दो घंटे से घटकर 30 मिनट हो जाएगा।
मुख्य बिंदु
- 13.14-km लंबी Zojila tunnel का सफल निर्माण हो गया है, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करती है।
- इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए "गेम-चेंजर" माना जाता है, जो भारतीय सेना और आपूर्ति की तेज और सुरक्षित आवाजाही को सुविधाजनक बनाता है।
- 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह सुरंग दुनिया की सबसे लंबी single-tube, bi-directional सड़क सुरंग है।
- यह परियोजना ₹6,800 करोड़ में पूरी हुई, जो ₹12,000 करोड़ के प्रारंभिक अनुमान से काफी कम है।
- इसमें उन्नत सुरक्षा विशेषताएं शामिल हैं और यह Sonamarg से Meenamarg तक यात्रा के समय को केवल 30 मिनट तक कम कर देगी।
परीक्षा तथ्य
- सुरंग का नाम: Zojila tunnel।
- लंबाई: 13.14-km।
- ऊंचाई: 11,578 फीट।
- लागत: ₹6,800 करोड़ (प्रारंभिक अनुमान ₹12,000 करोड़)।
- जोड़ता है: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (विशेष रूप से Sonamarg से Meenamarg)।
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