सुप्रीम कोर्ट को मिले पाँच नए न्यायाधीश, स्वीकृत संख्या बढ़कर 37 हुई
सुप्रीम कोर्ट ने पाँच नए न्यायाधीशों का स्वागत किया, जिससे उसकी कार्यशील संख्या बढ़कर 37 हो गई, केवल एक पद रिक्त रह गया। ये नियुक्तियाँ केंद्र के Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026 के माध्यम से अदालत की स्वीकृत संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 न्यायाधीशों (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने के निर्णय के बाद हुई हैं। CJI Surya Kant ने नए नियुक्तियों को पद की शपथ दिलाई, जिनमें विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य कार्यभार को संबोधित करना और शीर्ष अदालत में समय पर न्याय वितरण सुनिश्चित करना है।
मुख्य बिंदु
- पाँच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट की कार्यशील संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
- यह विस्तार केंद्र के भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर स्वीकृत संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने के निर्णय के बाद हुआ है।
- यह वृद्धि Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026 द्वारा सुगम हुई।
- नए न्यायाधीशों में पंजाब और हरियाणा, बॉम्बे, मध्य प्रदेश, J&K और लद्दाख उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं।
- नियुक्तियों का उद्देश्य अदालत की मामलों को संभालने की क्षमता को बढ़ाना है।
परीक्षा तथ्य
- सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़कर 37 न्यायाधीश (CJI को छोड़कर) हो गई।
- यह वृद्धि Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026 के माध्यम से अधिनियमित की गई थी।
- CJI Surya Kant ने पद की शपथ दिलाई।
- नए न्यायाधीशों में Sheel Nagu, Shree Chandrashekhar, Sanjeev Sachdeva, Arun Palli, और V.S. Mohana शामिल हैं।
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