सुप्रीम कोर्ट ने संगठित ऑनलाइन गेमिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स पर GST लगाने को बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने संगठित ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर, जिसमें पैसे के दांव शामिल हैं, और फैंटेसी स्पोर्ट्स पर Goods and Services Tax (GST) व्यवस्था के तहत लाने की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। Justices J.B. Pardiwala और R. Mahadevan की पीठ ने फैसला सुनाया कि भले ही ऑनलाइन गेमिंग में कौशल शामिल हो, इसमें शामिल पर्याप्त पैसा और परिणाम की अनिश्चितता GST उद्देश्यों के लिए सट्टेबाजी और जुए का गठन करती है। अदालत ने ऑनलाइन कौशल खेलों की घुड़दौड़ से तुलना करने वाले तर्कों को खारिज कर दिया, यह देखते हुए कि घुड़दौड़ अत्यधिक विनियमित है। इसने ऑनलाइन सट्टेबाजी से बढ़ती लत और वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य बनाए रखने के राज्य के कर्तव्य पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने पैसे के दांव वाली संगठित ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर GST लगाने की संवैधानिक वैधता की पुष्टि की।
- अदालत ने ऐसी गतिविधियों को GST उद्देश्यों के लिए सट्टेबाजी और जुए के रूप में वर्गीकृत किया, भले ही उसमें कौशल शामिल हो।
- इसने ऑनलाइन कौशल खेलों और अत्यधिक विनियमित घुड़दौड़ के बीच तुलना को खारिज कर दिया।
- यह फैसला ऑनलाइन गेमिंग की लत और वित्तीय नुकसान से सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए राज्य की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
परीक्षा तथ्य
- न्यायाधीश: J.B. Pardiwala और R. Mahadevan।
- फैसला: संगठित ऑनलाइन गेमिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स से actionable claims पर GST लगाने को बरकरार रखता है।
- संदर्भ: ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाले Madras और Karnataka HCs के फैसलों को रद्द करना।
- Tamil Nadu कानून: Madras High Court के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले एक पैनल के अनुभवजन्य डेटा पर आधारित।
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