Doctors' Front ने NTA को संसद के प्रति जवाबदेह एक Statutory Body बनाने के लिए SC का रुख किया
The United Doctors Front ने Supreme Court का रुख किया है, जिसमें National Testing Agency (NTA) को एक पंजीकृत सोसाइटी से संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित एक Statutory Body में बदलने की मांग की गई है। इस मांग का उद्देश्य NTA द्वारा "बार-बार, व्यवस्थित और विनाशकारी विफलताओं" के बाद संवैधानिक और संसदीय जवाबदेही सुनिश्चित करना है, विशेष रूप से NEET-UG परीक्षा आयोजित करने में। याचिका में तर्क दिया गया है कि Societies Registration Act, 1860 के तहत एक स्वायत्त सोसाइटी के रूप में NTA की वर्तमान स्थिति एक "जवाबदेही शून्य" बनाती है, जो इसे सीधे CAG ऑडिट और अनिवार्य संसदीय जांच से बचाती है। एक सांविधिक बदलाव से प्रत्यक्ष निरीक्षण, वित्तीय पारदर्शिता और एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र सुनिश्चित होगा।
मुख्य बिंदु
- The United Doctors Front ने NTA को एक Statutory Body में बदलने के लिए Supreme Court में याचिका दायर की है।
- इस कदम का उद्देश्य NTA के लिए संसदीय और संवैधानिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
- याचिका में NTA की "प्रणालीगत विफलताओं" पर प्रकाश डाला गया है, विशेष रूप से NEET-UG परीक्षा के संबंध में।
- Societies Registration Act, 1860 के तहत एक सोसाइटी के रूप में NTA की वर्तमान स्थिति की जवाबदेही की कमी के लिए आलोचना की गई है।
- एक Statutory Body प्रत्यक्ष CAG ऑडिट, संसदीय निरीक्षण और एक बेहतर शिकायत निवारण प्रणाली को सक्षम करेगी।
परीक्षा तथ्य
- यह याचिका The United Doctors Front द्वारा दायर की गई थी।
- यह National Testing Agency (NTA) से संबंधित है।
- NTA वर्तमान में Societies Registration Act, 1860 के तहत पंजीकृत है।
- याचिका में विशेष रूप से National Eligibility-cum-Entrance Test (NEET)-UG आयोजित करने में विफलताओं का उल्लेख है।
पढ़ें। याद रखें। याद करें।
स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।