कलकत्ता HC ने ₹92,000 करोड़ के Great Nicobar Island project के लिए निकोबार याचिका पर सरकार की आपत्तियों को खारिज किया
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ₹92,000 करोड़ के Great Nicobar Island project को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार की प्रारंभिक आपत्तियों को खारिज कर दिया है। याचिकाओं में परियोजना के लिए सहमति प्राप्त करने में Forest Rights Act (FRA) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। न्यायालय ने केंद्र के इस तर्क को खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता Meena Gupta के पास locus standi नहीं था, और कमजोर आदिवासी समुदाय के हित में उनकी पर्याप्त रुचि की पुष्टि की। उठाए गए मुद्दों में ग्राम सभा प्रस्तावों की वैधता, एक उप-विभागीय समिति का गठन, और Campbell Bay और Galathea Bay National Parks के लिए बफर जोन को कम करने वाली अधिसूचनाएं शामिल हैं। केंद्र ने तर्क दिया था कि परियोजना का राष्ट्रीय महत्व इसे Public Interest Litigations से बचाना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने Great Nicobar Island project को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार की आपत्तियों को खारिज कर दिया।
- याचिकाओं में मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के लिए सहमति प्राप्त करने की प्रक्रिया में Forest Rights Act (FRA) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
- न्यायालय ने याचिकाकर्ता के locus standi की पुष्टि की, और कमजोर आदिवासी समुदाय की वकालत करने में उनकी रुचि को मान्यता दी।
- प्रमुख मुद्दों में ग्राम सभा प्रस्तावों की वैधता और राष्ट्रीय उद्यानों के लिए बफर जोन में कमी शामिल है।
परीक्षा तथ्य
- विचाराधीन परियोजना ₹92,000 करोड़ का Great Nicobar Island project है।
- याचिकाकर्ता Meena Gupta, एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं।
- कानूनी चुनौती Forest Rights Act (FRA) of 2006 के कथित उल्लंघनों पर आधारित है।
- याचिकाओं में विशेष रूप से Campbell Bay और Galathea Bay National Parks का उल्लेख है।
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