राज्यसभा में दलबदल Tenth Schedule की अक्षमता को उजागर करता है

आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सदस्यों ने Bharatiya Janata Party (BJP) में अपने विलय की घोषणा की, जिसे राज्यसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया। इससे BJP की ताकत 113 हो गई, जिससे National Democratic Alliance को बहुमत मिल गया। यह घटना दल-बदल विरोधी कानून (Tenth Schedule) के 'संस्थागत रूप से कमजोर होने' को उजागर करती है, क्योंकि विलय अपवाद के लिए विधायी दल के दो-तिहाई सदस्यों की सहमति की आवश्यकता होती है, न कि केवल सदस्यों के दल बदलने की। AAP ने इसे अदालत में चुनौती दी है, जिसमें दल-बदल विरोधी कानून के उल्लंघन का तर्क दिया गया है।

मुख्य बिंदु

  • आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सदस्य Bharatiya Janata Party (BJP) में विलय हो गए, जिससे उच्च सदन में BJP की ताकत बढ़ गई।
  • राज्यसभा अध्यक्ष ने विलय को स्वीकार कर लिया, जिससे National Democratic Alliance को बहुमत मिल गया।
  • यह घटना संविधान के Tenth Schedule में निहित दल-बदल विरोधी कानून के 'संस्थागत रूप से कमजोर होने' के बारे में चिंताएं बढ़ाती है।
  • AAP ने सदस्यों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है, जिसमें तर्क दिया गया है कि विलय अपवाद के लिए विधायी दल के दो-तिहाई सदस्यों की सहमति की आवश्यकता होती है, न कि केवल व्यक्तिगत दल बदलने की।
  • यह प्रकरण राजनीतिक अवसरवाद और पार्टी विलय और दल-बदल से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या के मुद्दों को रेखांकित करता है।

परीक्षा तथ्य

  • आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सदस्य BJP में विलय हो गए।
  • राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 हो गई।
  • संविधान का Tenth Schedule दल-बदल विरोधी कानून से संबंधित है।
  • विलय अपवाद के लिए विधायी दल के दो-तिहाई सदस्यों की सहमति की आवश्यकता होती है।

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