महाराष्ट्र ने 'अवैध धर्मांतरण' पर प्रतिबंध लगाने के लिए कड़े प्रावधानों वाला Bill पेश किया
महाराष्ट्र सरकार ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में Freedom of Religion Bill, 2026 पेश किया। इस Bill का उद्देश्य धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करना और जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह के माध्यम से किए गए अवैध धार्मिक धर्मांतरणों पर रोक लगाना है। इसमें जबरन धर्मांतरण के लिए 10 साल तक की कैद और ₹7 लाख तक के जुर्माने सहित कड़े प्रावधान प्रस्तावित हैं। यह Bill "allurement" को व्यापक रूप से परिभाषित करता है और धर्मांतरित व्यक्ति या उनके रिश्तेदारों द्वारा दर्ज की गई शिकायतों पर पुलिस पंजीकरण अनिवार्य करता है। अवैध धर्मांतरण के एकमात्र उद्देश्य से किए गए विवाहों को शून्य और अमान्य घोषित किया जाएगा, और ऐसे संबंधों से पैदा हुए बच्चों को मां के धर्म का माना जाएगा।
मुख्य बिंदु
- महाराष्ट्र ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए Freedom of Religion Bill, 2026 पेश किया।
- यह Bill जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह के माध्यम से धर्मांतरण को लक्षित करता है, जिसमें गंभीर दंड का प्रावधान है।
- यह "allurement" को भौतिक लाभ, रोजगार, मुफ्त शिक्षा और विवाह के वादों सहित परिभाषित करता है।
- यह Bill शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई अनिवार्य करता है और अवैध धर्मांतरण के लिए किए गए विवाहों को शून्य और अमान्य घोषित करता है।
परीक्षा तथ्य
- Bill का नाम: Freedom of Religion Bill, 2026।
- दंड: 10 साल तक की कैद, ₹7 लाख तक का जुर्माना।
- Bill पेश करने वाले मंत्री: Pankaj Bhoyar (Minister of State for Home)।
- Similar laws exist in Uttar Pradesh, Gujarat, and Uttarakhand।
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