CAPFs में IPS प्रतिनियुक्ति को संहिताबद्ध करने वाला विधेयक बजट सत्र में आने की संभावना, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संबोधित करेगा
Central Armed Forces (General Administration) Bill संसद के बजट सत्र में पेश होने की उम्मीद है। इस विधेयक का उद्देश्य Central Armed Police Forces (CAPFs) के कामकाज को संहिताबद्ध करना और मई 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संबोधित करना है। इस फैसले में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को दो साल के भीतर CAPFs में Inspector-General रैंक तक के IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को उत्तरोत्तर कम करने का निर्देश दिया गया था। MHA ने इस समय-सीमा के लिए विस्तार की मांग की थी, जिसमें कैडर समीक्षा और सेवा नियमों को तैयार करने के लिए आवश्यक व्यापक और बहु-स्तरीय प्रक्रिया का हवाला दिया गया था।
मुख्य बिंदु
- Central Armed Forces (General Administration) Bill बजट सत्र में पेश होने वाला है।
- विधेयक का उद्देश्य CAPFs के कामकाज को संहिताबद्ध करना और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जवाब देना है।
- सुप्रीम कोर्ट ने MHA को दो साल के भीतर CAPFs में IG रैंक तक के IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को कम करने का निर्देश दिया था।
- MHA ने कैडर समीक्षा और नियम बनाने की जटिलता का हवाला देते हुए समय-सीमा के लिए विस्तार की मांग की थी।
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जिसने CAPF अधिकारियों को Organised Group A Services (OGAS) का दर्जा दिया था, अक्टूबर 2025 में अंतिम हो गया।
परीक्षा तथ्य
- विधेयक का नाम: Central Armed Forces (General Administration) Bill।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीख: May 23, 2025।
- शामिल मंत्रालय: Union Ministry of Home Affairs (MHA)।
- प्रभावित अधिकारी: CAPFs में Inspector-General रैंक तक के IPS अधिकारी।
- CAPF अधिकारियों को दिया गया दर्जा: Organised Group A Services (OGAS)।
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