Supreme Court ने Section 132 के तहत डिजिटल टैक्स सर्च की संवैधानिक वैधता की जांच की
Vishwaprasad Alva vs Union of India (2026) के मामले में, Supreme Court Income Tax Act की Section 132 के तहत डिजिटल उपकरणों तक टैक्स सर्च के विस्तार की वैधता को संबोधित कर रहा है। ऐतिहासिक रूप से भौतिक परिसरों तक सीमित, सर्च में अब स्मार्टफोन, क्लाउड अकाउंट और संचार अभिलेखागार शामिल हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र तक अप्रतिबंधित पहुंच Puttaswamy फैसले और Articles 14 और 21 द्वारा स्थापित गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन करती है। Union इन शक्तियों का बचाव कर चोरी को रोकने के लिए आवश्यक के रूप में करता है, जबकि Court राजस्व प्रवर्तन और डिजिटल व्यक्तित्व के बीच संतुलन तलाश रहा है।
मुख्य बिंदु
- Income Tax Act की Section 132 अघोषित संपत्ति की जब्ती की अनुमति देती है और अब 'computer systems' तक विस्तारित है।
- याचिकाकर्ता का दावा है कि डिजिटल सर्च असंगत है और इसमें सूचनात्मक गोपनीयता के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का अभाव है।
- Puttaswamy फैसले (2017) ने Article 21 के तहत गोपनीयता को जीवन और गरिमा के अधिकार के एक आंतरिक हिस्से के रूप में मान्यता दी।
- Court डिजिटल युग में डिजिटल सर्च को विनियमित करने के लिए विशेष दायरे और आवश्यकता सीमा जैसे मानदंडों पर विचार कर रहा है।
परीक्षा तथ्य
- Income Tax Act की Section 132 कर अधिकारियों की सर्च और जब्ती की शक्तियों को नियंत्रित करती है।
- Puttaswamy फैसला (2017) वह ऐतिहासिक मामला है जिसने Right to Privacy को एक Fundamental Right के रूप में स्थापित किया।
- Articles 14 (समानता का अधिकार) और 21 (जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार) इस चुनौती में उद्धृत प्राथमिक संवैधानिक प्रावधान हैं।
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