भारत की विकसित होती व्यापार रणनीति: बहुध्रुवीय विश्व में व्यापक FTAs और रणनीतिक स्वायत्तता का अनुसरण
भारत ने एक सक्रिय व्यापार रणनीति में बदलाव किया है, जिसमें UAE, ऑस्ट्रेलिया और UK जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापक Free Trade Agreements (FTAs) का अनुसरण किया जा रहा है। लक्ष्य Foreign Trade Policy (FTP) 2023 में उल्लिखित अनुसार 2030 तक कुल निर्यात को $2 ट्रिलियन तक बढ़ाना है। इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय फर्मों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करना है, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उच्च-विकास क्षेत्रों में। यह रणनीति 'strategic autonomy' पर जोर देती है, जबकि एकल भौगोलिक क्षेत्रों पर निर्भरता कम करती है। हाल के मील के पत्थर में U.S. के साथ एक अंतरिम समझौता और यूरोपीय संघ के साथ एक ऐतिहासिक FTA के लिए चल रही बातचीत शामिल है।
मुख्य बिंदु
- भारत का लक्ष्य Foreign Trade Policy 2023 के तहत 2030 तक कुल निर्यात में $2 ट्रिलियन हासिल करना है।
- FTAs का उपयोग आर्थिक विकास और राजनयिक प्रभाव दोनों के लिए रणनीतिक उपकरणों के रूप में किया जा रहा है।
- यह रणनीति वैश्विक झटकों के खिलाफ आर्थिक लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए निर्यात गंतव्यों में विविधता लाने पर केंद्रित है।
- MSMEs और उच्च-तकनीकी विनिर्माण क्षेत्रों के लिए Global Value Chains (GVCs) में एकीकरण को प्राथमिकता दी जाती है।
परीक्षा तथ्य
- निर्यात लक्ष्य: 2030 तक $2 ट्रिलियन।
- Foreign Trade Policy (FTP) 2023।
- India-EU FTA लगभग 2 बिलियन लोगों के बाजार को कवर करता है।
- पिछली दर्ज अवधि में कुल निर्यात $825.25 बिलियन तक पहुंच गया।
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