आधुनिक उपभोग पैटर्न को दर्शाने के लिए भारत ने Consumer Price Index के आधार वर्ष को 2024 में अपडेट किया

भारत ने 2023-24 के नवीनतम Household Consumption Expenditure Survey का उपयोग करते हुए अपने Consumer Price Index (CPI) के आधार वर्ष को 2012 से बदलकर 2024 कर दिया है। यह संशोधन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलावों को दर्शाता है, जिसमें शहरीकरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म की वृद्धि और विविध खर्च करने की आदतें शामिल हैं। नई 2024 श्रृंखला विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के वेटेज (weightage) को समायोजित करती है, उन वस्तुओं को अधिक महत्व देती है जहां परिवार अब अधिक खर्च करते हैं और उन वस्तुओं को कम महत्व देती है जिनकी खर्च में हिस्सेदारी कम हुई है। यह सुनिश्चित करता है कि CPI मुद्रास्फीति का एक विश्वसनीय माप बना रहे, जो Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति का मार्गदर्शन करता है।

मुख्य बिंदु

  • वर्तमान जीवन यापन की वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए CPI आधार वर्ष को 2012 से 2024 में स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • संशोधन में Household Consumption Expenditure Survey (HCES) 2023-24 के डेटा को शामिल किया गया है।
  • नया वेटेज टेलीकॉम और हवाई किराए जैसी सेवाओं पर बढ़ते खर्च को दर्शाता है, जबकि पारंपरिक अनिवार्य वस्तुओं के सापेक्ष वेटेज को कम करता है।
  • 2024 ढांचा डिजिटल डेटा संग्रह पेश करता है और विभिन्न वस्तुओं के लिए ऑनलाइन कीमतों को कैप्चर करता है।

परीक्षा तथ्य

  • पिछला आधार वर्ष: 2012; नया आधार वर्ष: 2024।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI)।
  • डेटा स्रोत: Household Consumption Expenditure Survey 2023-24।

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