कुणाल कामरा ने High Court में सरकार के ‘Sahyog’ कंटेंट-ब्लॉकिंग पोर्टल की वैधता को चुनौती दी
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने केंद्र सरकार के ‘Sahyog’ पोर्टल की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए Bombay High Court का दरवाजा खटखटाया है। 2024 में लॉन्च किया गया यह पोर्टल सोशल मीडिया पर गैरकानूनी ऑनलाइन कंटेंट के लिए कंटेंट टेक-डाउन नोटिस जारी करने को स्वचालित और सुव्यवस्थित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कामरा का तर्क है कि पोर्टल और IT Rules का Rule 3(1)(d) असंवैधानिक हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनुचित हमला हैं। याचिका में दावा किया गया है कि पोर्टल अस्पष्ट आधारों पर जानकारी हटाने की अनुमति देता है, जो पर्याप्त न्यायिक निरीक्षण के बिना लोकतंत्र में मौलिक अधिकारों और सूचना के मुक्त प्रवाह को गहराई से प्रभावित करता है।
मुख्य बिंदु
- Sahyog पोर्टल एक केंद्रीकृत मंच है जिसका उपयोग गैरकानूनी सोशल मीडिया कंटेंट को हटाने (take-down) को स्वचालित करने के लिए किया जाता है।
- कानूनी चुनौती में तर्क दिया गया है कि पोर्टल मौलिक अधिकारों, विशेष रूप से संविधान के तहत भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है।
- याचिका Information Technology (IT) Rules के Rule 3(1)(d) को लक्षित करती है, जिन्हें अक्टूबर 2025 में संशोधित किया गया था।
- आलोचकों का तर्क है कि पोर्टल द्वारा प्रदान किए गए कंटेंट हटाने के आधार पूरी तरह से अस्पष्ट हैं और पारदर्शिता की कमी है।
- Bombay High Court से पोर्टल की वैधता पर अंतिम सुनवाई होने तक इसके कामकाज को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है।
परीक्षा तथ्य
- सरकार द्वारा 2024 में Sahyog पोर्टल लॉन्च किया गया था।
- कानूनी चुनौती में Information Technology (IT) Rules (संशोधित अक्टूबर 2025) के Rule 3(1)(d) का हवाला दिया गया है।
- याचिका Bombay High Court में दायर की गई थी।
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