सबऑर्बिटल पर्यटन (Suborbital Tourism) और कार्मन रेखा (Kármán Line) की सीमा को समझना

सबऑर्बिटल पर्यटन में अंतरिक्ष यात्रा शामिल है जहाँ यात्री अंतरिक्ष के किनारे तक उड़ते हैं लेकिन पृथ्वी के चारों ओर एक पूर्ण कक्षा (orbit) पूरी नहीं करते हैं। ये उड़ानें आमतौर पर लगभग 100 किमी की ऊंचाई तक पहुँचती हैं, जिसे कार्मन रेखा (Kármán Line) के रूप में जाना जाता है, जो अंतरिक्ष की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा है। कक्षीय मिशनों (जैसे ISS के लिए) के विपरीत, सबऑर्बिटल वाहन एक परवलयिक पथ (parabolic path) का अनुसरण करते हैं और कक्षा में रहने के लिए आवश्यक उच्च गति तक नहीं पहुँचते हैं। यान के वायुमंडल में लौटने से पहले यात्री कई मिनटों तक भारहीनता का अनुभव करते हैं और पृथ्वी की वक्रता देख सकते हैं।

मुख्य बिंदु

  • सबऑर्बिटल उड़ानें कार्मन रेखा (100 किमी ऊंचाई) तक पहुँचती हैं लेकिन पृथ्वी की परिक्रमा नहीं करती हैं।
  • Blue Origin और Virgin Galactic इन अनुभवों के प्रमुख प्रदाता हैं।
  • सबऑर्बिटल यात्रा के लिए कक्षीय मिशनों की तुलना में कम ऊर्जा और कम जटिल हीट शील्डिंग की आवश्यकता होती है।
  • अनुभव आमतौर पर 10 से 15 मिनट तक रहता है, जिसमें कई मिनटों की भारहीनता शामिल होती है।

परीक्षा तथ्य

  • कार्मन रेखा की ऊंचाई: 100 किमी
  • Blue Origin का New Shepard कार्यक्रम
  • पहली बिना पायलट वाली सबऑर्बिटल उड़ान: 20 जुलाई, 2021

पढ़ें। याद रखें। याद करें।

स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।

Google Play पर पाएं

के सभी करेंट अफेयर्स 4 फ़रवरी 2026