घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रक्षा पूंजीगत व्यय (Defence Capital Spending) में महत्वपूर्ण वृद्धि
केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय के लिए रिकॉर्ड ₹7,84,678 करोड़ की घोषणा की गई है, जो आधुनिकीकरण और 'आत्मनिर्भर भारत' पर ध्यान केंद्रित करता है। पूंजीगत परिव्यय (Capital outlay), जिसका उपयोग जहाजों और विमानों जैसे नए उपकरणों की खरीद के लिए किया जाता है, कुल रक्षा बजट के 27.9% तक बढ़ गया है। यह वृद्धि Operation Sindoor के बाद स्टॉक को फिर से भरने और चीन और पाकिस्तान के साथ भू-राजनीतिक तनाव को दूर करने की आवश्यकता से प्रेरित है। हालांकि, अवशोषण क्षमता (absorption capacity) और यह सुनिश्चित करने में चुनौतियां बनी हुई हैं कि 'Buy (Indian-IDDM)' खरीद मार्ग तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त लचीला हो।
मुख्य बिंदु
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा बजट ₹7.84 लाख करोड़ है, जो कुल सरकारी खर्च का 14.7% है।
- आधुनिकीकरण का समर्थन करने के लिए पूंजीगत व्यय में ₹2.19 लाख करोड़ की महत्वपूर्ण उछाल देखी गई है।
- रक्षा बजट में पेंशन की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2020 के 26% से घटकर वित्त वर्ष 2027 में 21.8% हो गई है।
- बजट का उद्देश्य घरेलू खरीद को प्राथमिकता देकर 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का समर्थन करना है।
परीक्षा तथ्य
- कुल रक्षा बजट वित्त वर्ष 2027: ₹7,84,678 करोड़
- पूंजीगत परिव्यय वित्त वर्ष 2027: ₹2,19,306.47 करोड़
- स्टॉक पुनर्भरण के चालक के रूप में Operation Sindoor का उल्लेख
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