MPLADS फंड योजना को बनाए रखने और सुधारने का पक्ष
फंड के दुरुपयोग से संबंधित विवादों के बावजूद, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) स्थानीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बनी हुई है। 1993 में शुरू की गई यह योजना सांसदों को स्कूल और सड़कों जैसी टिकाऊ सामुदायिक संपत्ति बनाने वाली परियोजनाओं की सिफारिश करने की अनुमति देती है। आलोचकों का तर्क है कि धन का उपयोग खराब तरीके से किया जाता है, लेकिन डेटा पिछली लोकसभाओं में उच्च उपयोग दर दिखाता है (उदाहरण के लिए, 14वीं लोकसभा में केवल 0.99% अप्रयुक्त रहा)। लेख सुझाव देता है कि योजना को खत्म करने के बजाय, सांसदों के लिए बेहतर मार्गदर्शन और जियोटैग्ड (geotagged) छवियों और सार्वजनिक डैशबोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- MPLADS 1993 से भारत सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित एक Central Sector Scheme है।
- प्रत्येक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र में सालाना ₹5 करोड़ मूल्य की विकास परियोजनाओं की सिफारिश कर सकता है।
- यह योजना सड़कों, स्कूलों और जल सुविधाओं जैसी टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण को सक्षम बनाती है।
- MPLADS डैशबोर्ड और जियोटैग्ड परियोजना छवियों के उपयोग के माध्यम से पारदर्शिता में सुधार किया जा रहा है।
परीक्षा तथ्य
- दिसंबर 1993 में शुरू की गई
- प्रति सांसद वार्षिक आवंटन: ₹5 करोड़
- 14वीं लोकसभा (2004-2009) में अप्रयुक्त फंड: 0.99%
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