India-UAE रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना: बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और Comprehensive Economic Partnership Agreement पर ध्यान
भारत और UAE के बीच संबंध रणनीतिक गहराई के एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसे लगातार उच्च स्तरीय यात्राओं और Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) द्वारा रेखांकित किया गया है। द्विपक्षीय व्यापार में 37% की वृद्धि देखी गई है, जिसका लक्ष्य 2032 तक $200 billion है। भारत के बुनियादी ढांचे में UAE का निवेश महत्वपूर्ण है, जिसमें Dholera Investment Region और GIFT City शामिल हैं। सहयोग परमाणु ऊर्जा (small modular reactors), खाद्य सुरक्षा (Bharat Mart) और कनेक्टिविटी (India-Middle East-Europe Economic Corridor) जैसे उन्नत क्षेत्रों में विस्तारित हुआ है। यह साझेदारी आपसी विश्वास, साझा हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है।
मुख्य बिंदु
- CEPA ने द्विपक्षीय व्यापार को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा दिया है, जिसमें भारत को UAE का निर्यात 28% बढ़ा है।
- UAE के Abu Dhabi Investment Authority (ADIA) ने भारत के National Investment and Infrastructure Fund में $1 billion की प्रतिबद्धता जताई है।
- रणनीतिक सहयोग में परमाणु ऊर्जा, semiconductors और Dholera Investment Region का विकास शामिल है।
- India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) दोनों देशों को शामिल करने वाली एक प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजना है।
परीक्षा तथ्य
- CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement)
- 2032 तक $200 billion व्यापार का लक्ष्य
- ADIA की $1 billion की प्रतिबद्धता
- Dholera Investment Region (गुजरात)
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