भारत ने लगातार चौथे महीने नकारात्मक शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दर्ज किया
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर 2025 में भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Net FDI) लगातार चौथे महीने नकारात्मक रहा। यह प्रवृत्ति विदेशी कंपनियों द्वारा उच्च स्तर के प्रत्यावर्तन (repatriation) और विनिवेश (disinvestment) के कारण है, जो कुल अंतर्वाह (inflows) से 446 मिलियन डॉलर अधिक थी। इसके अतिरिक्त, भारत-अमेरिका व्यापार सौदों पर अनिश्चितता और कमजोर होते रुपये के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (Net FPI) भी नकारात्मक रहा है। इसके बावजूद, सकल अंतर्वाह (gross inflows) 6.4 बिलियन डॉलर पर स्थिर रहा, जिसमें वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्रों को सबसे अधिक हिस्सा मिला।
मुख्य बिंदु
- शुद्ध FDI कुल अंतर्वाह और बहिर्वाह (प्रत्यावर्तन/विनिवेश) के बीच का संतुलन है।
- नवंबर 2025 में बहिर्वाह अंतर्वाह से 446 मिलियन डॉलर अधिक था।
- नवंबर 2025 में प्रत्यावर्तन और विनिवेश 5.3 बिलियन डॉलर के पांच महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
- वित्तीय सेवा क्षेत्र को FDI अंतर्वाह का लगभग 75% प्राप्त हुआ।
परीक्षा तथ्य
- नवंबर 2025 को समाप्त होने वाले चार महीनों के लिए शुद्ध FDI नकारात्मक था।
- नवंबर 2025 में सकल FDI अंतर्वाह 6.4 बिलियन डॉलर था।
- नवंबर 2025 में भारतीय कंपनियों द्वारा बाहरी FDI 1.5 बिलियन डॉलर था।
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