भारत और UAE रणनीतिक रक्षा साझेदारी और उन्नत व्यापार संबंधों की ओर अग्रसर

UAE के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan की हालिया भारत यात्रा के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण आर्थिक और सुरक्षा प्रतिबद्धताएं हुई हैं। दोनों देशों का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके $200 बिलियन करना है और उन्होंने 'रणनीतिक रक्षा साझेदारी' (Strategic Defence Partnership) संपन्न करने के इरादे की घोषणा की है, जो इस क्षेत्र में भारत के लिए अपनी तरह की पहली साझेदारी है। UAE पहले से ही भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और एक प्रमुख निवेशक है। हालांकि, भारत को UAE और सऊदी अरब के बीच जटिल क्षेत्रीय 'शीत युद्ध' के साथ-साथ ईरान और इजरायल से जुड़े तनावों का सामना करना होगा जो IMEC जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए खतरा हैं।

मुख्य बिंदु

  • भारत और UAE अपनी तरह की पहली रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचे पर बातचीत कर रहे हैं।
  • UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है।
  • IMEC और INSTC जैसी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाएं मध्य पूर्व में चल रहे तनावों से खतरे में हैं।
  • रूस और ईरान जैसे अन्य स्रोतों पर प्रतिबंधों के बाद भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए GCC क्षेत्र पर बहुत अधिक निर्भर है।
  • यात्रा के दौरान $3 बिलियन के LNG सौदे और गुजरात में UAE के निवेश की प्रतिबद्धता शामिल थी।

परीक्षा तथ्य

  • भारत और UAE के बीच द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य $200 बिलियन निर्धारित किया गया है।
  • UAE भारत का 7वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।
  • भारत और UAE के बीच पहला द्विपक्षीय व्यापार समझौता (CEPA) 2022 में संपन्न हुआ था।

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