Merchant Shipping Act 2025 के तहत Bureau of Port Security की स्थापना और भूमिका

केंद्र सरकार ने नए स्थापित Merchant Shipping Act 2025 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में Bureau of Port Security (BoPS) का गठन किया है। Bureau of Civil Aviation Security की तर्ज पर तैयार, BoPS Ministry of Ports, Shipping and Waterways के तहत कार्य करेगा। इसकी प्राथमिक भूमिका जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा के लिए नियामक निरीक्षण प्रदान करना है, जो समुद्री आतंकवाद, तस्करी और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों का समाधान करती है। हालांकि इसका उद्देश्य Coast Guard और Navy जैसी एजेंसियों के बीच समन्वय को सुव्यवस्थित करना है, लेकिन इस कदम को तटीय राज्यों से गैर-प्रमुख (राज्य के स्वामित्व वाले) बंदरगाहों पर अधिकार के केंद्रीकरण के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है।

मुख्य बिंदु

  • BoPS International Ship and Port Facility Security (ISPS) Code जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों का अनुपालन लागू करेगा।
  • CISF को मूल्यांकन करने और कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन के रूप में नामित किया गया है।
  • नया कानून केंद्र सरकार को राज्य के स्वामित्व वाले बंदरगाहों पर अधिक अधिकार प्रदान करता है, जिससे 'समुद्री संघवाद' (maritime federalism) के बारे में चिंताएं पैदा होती हैं।
  • भारत का Maritime India Vision 2030 सुरक्षित, टिकाऊ और सुदृढ़ समुद्री बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करना चाहता है।

परीक्षा तथ्य

  • अधिनियम: Merchant Shipping Act 2025 (धारा 13)।
  • विजन दस्तावेज: Maritime India Vision 2030।
  • अंतर्राष्ट्रीय कोड: ISPS Code (International Ship and Port Facility Security)।

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