भारत ने SHANTI Bill 2025 के माध्यम से मध्य शताब्दी तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा
भारत ने अपने डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 2050 तक 100 GW परमाणु स्थापित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India (SHANTI) Bill, 2025, Atomic Energy Act, 1962 जैसे मौजूदा कानूनों को समेकित करता है। इस विधेयक का उद्देश्य विनियमन को सुव्यवस्थित करना और स्वदेशी Pressurised Heavy Water Reactors (PHWRs) को बढ़ावा देना है। परमाणु ऊर्जा को 'बेसलोड' (baseload) बिजली प्रदान करने के लिए आवश्यक माना जाता है, जिसे सौर और पवन जैसे रुक-रुक कर चलने वाले स्रोत प्रदान नहीं कर सकते। इस रणनीति में संपूर्ण परमाणु ईंधन चक्र के लिए स्वदेशी तकनीक शामिल है।
मुख्य बिंदु
- SHANTI Bill 2025 Atomic Energy Act, 1962 और Civil Liability for Nuclear Damage Act, 2010 को समेकित करता है।
- भारत का लक्ष्य उच्च मानव विकास सूचकांक (HDI) प्राप्त करने के लिए मध्य शताब्दी तक 100 GW परमाणु क्षमता का है।
- परमाणु ऊर्जा आवश्यक बेसलोड क्षमता प्रदान करती है जो मौसम या दिन के समय पर निर्भर नहीं होती है।
- विधेयक सुरक्षा और संरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी परमाणु सुविधा के लाइसेंसधारी पर डालता है।
परीक्षा तथ्य
- परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य मध्य शताब्दी (2050) तक 100 GW है।
- SHANTI Bill 2025 मौजूदा Atomic Energy Regulatory Board को एक नए वैधानिक ढांचे से बदल देता है।
- भारत वर्तमान में कई 700 MW के स्वदेशी Pressurised Heavy Water Reactors (PHWRs) संचालित करता है।
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