बढ़ते आंतरिक और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन के बीच ECI ने मतदाता सूचियों का Special Intensive Revision शुरू किया
Election Commission of India (ECI) बड़े पैमाने पर प्रवासन (migration) से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए मतदाता सूचियों का Special Intensive Revision (SIR) कर रहा है। प्रवासन के कारण अक्सर व्यक्ति कई स्थानों पर पंजीकृत हो जाते हैं या अपने मूल स्थान पर अपना वोट खो देते हैं। ECI की पहल, जो बिहार से शुरू हो रही है, का उद्देश्य मतदाता सूचियों को साफ करना और 'एक व्यक्ति, एक वोट' सुनिश्चित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन तीन दशकों में दोगुना हो गया है, जो 2024 के मध्य तक 300 मिलियन तक पहुंच गया है। लेख मुंबई जैसे शहरों में बदलती जनसांख्यिकी के राजनीतिक निहितार्थों और राष्ट्रीय नीतियों पर स्थानीय राजनीति (nativist politics) के प्रभाव पर भी चर्चा करता है।
मुख्य बिंदु
- ECI के Special Intensive Revision (SIR) का उद्देश्य प्रवासन के कारण मतदाता सूचियों में होने वाली दोहरी प्रविष्टियों (duplicate entries) को समाप्त करना है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, 1990 के बाद से अपने जन्म के देश के बाहर रहने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है।
- भारत में आंतरिक प्रवासन शहरी राजनीति को नया रूप दे रहा है, जिससे महाराष्ट्र जैसे राज्यों में स्थानीय आंदोलनों का उदय हो रहा है।
- आगामी Census 2027 और उसके बाद का परिसीमन (delimitation) इन बदलते जनसांख्यिकीय पैटर्न से भारी रूप से प्रभावित होगा।
- वोट देने का अधिकार एक विशेष मतदान केंद्र से जुड़ा होता है जहां एक नागरिक 'सामान्य रूप से निवासी' (ordinarily resident) होता है।
परीक्षा तथ्य
- SIR के लिए ECI का पायलट प्रोजेक्ट बिहार राज्य से शुरू होता है।
- वैश्विक अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी जनसंख्या 2024 के मध्य तक 300 मिलियन से अधिक हो गई।
- Representation of the People (Amendment) Act, 2010 अनिवासी भारतीयों (NRIs) को मतदाता सूची में शामिल होने की अनुमति देता है।
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