MGNREGA को बदलने के लिए प्रस्तावित VB-GRAM G Bill ने ग्रामीण रोजगार और संघवाद (Federalism) पर चिंताएं बढ़ाईं

Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA) को बदलने के लिए Lok Sabha में Viksit Bharat - Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin), या VB-GRAM G Bill पेश किया गया। यह विधेयक योजना के स्वरूप को मांग-आधारित (demand-based) से बदलकर सीमित आवंटन वाले आपूर्ति-संचालित (supply-driven) ढांचे में बदल देता है। एक महत्वपूर्ण बदलाव वित्तपोषण पैटर्न (funding pattern) है, जो केंद्र द्वारा अकुशल मजदूरी की पूरी लागत वहन करने से बदलकर केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के साझाकरण अनुपात (sharing ratio) पर आ गया है। आलोचकों का तर्क है कि यह योजना की विशेष स्थिति को कमजोर करता है और पहले से ही GST पुनर्गठन से जूझ रहे राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ डालता है।

मुख्य बिंदु

  • VB-GRAM G Bill MGNREGS को मांग-आधारित कानूनी गारंटी से आपूर्ति-संचालित योजना में बदल देता है।
  • अकुशल शारीरिक श्रम मजदूरी के लिए वित्तपोषण 100% केंद्रीय वित्तपोषण से बदलकर 60:40 केंद्र-राज्य अनुपात में स्थानांतरित हो जाएगा।
  • केंद्र सरकार एकमात्र निर्णय लेने वाली संस्था बन जाएगी, जिससे संभावित रूप से राज्यों के लिए विकास का स्थान कम हो जाएगा।
  • हालांकि विधेयक कार्य दिवसों को बढ़ाकर प्रति वर्ष 125 करता है, लेकिन डेटा बताता है कि वर्तमान में बहुत कम परिवार 100 दिनों की सीमा तक पहुंच पाते हैं।
  • इस कदम की आलोचना जमीनी स्तर के लोकतंत्र और 'Gram Swaraj' की अवधारणा को कमजोर करने की संभावना के लिए की जा रही है।

परीक्षा तथ्य

  • विधेयक का नाम: Viksit Bharat - Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) (VB-GRAM G Bill).
  • अकुशल मजदूरी के लिए केंद्र और राज्यों के बीच प्रस्तावित वित्तपोषण साझाकरण पैटर्न: 60:40।

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