लोकसभा ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ाकर 100% करने वाला Bill पारित किया
लोकसभा ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने के लिए एक ऐतिहासिक Bill पारित किया है। इस कदम का उद्देश्य पूंजी निवेश को सुगम बनाना, बेहतर तकनीक लाना और बीमा उत्पादों में सुधार करना है। यह Bill बीमा नियामक, IRDAI को बीमाकर्ताओं और मध्यस्थों से गलत तरीके से प्राप्त लाभ को वापस लेने (disgorge) का अधिकार भी देता है। इसके अतिरिक्त, यह कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए मध्यस्थों पर अधिकतम जुर्माने को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ करता है। इस सुधार से भारत में और अधिक वैश्विक पुनर्बीमाकर्ताओं (reinsurers) के आने और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के मजबूत होने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु
- पूंजी और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए बीमा क्षेत्र में FDI को 74% से बढ़ाकर 100% कर दिया गया है।
- IRDAI को अब गलत तरीके से प्राप्त लाभ को वापस लेने और गैर-अनुपालन के लिए उच्च दंड लगाने का अधिकार है।
- बीमा मध्यस्थों पर अधिकतम जुर्माना बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दिया गया है।
- यह Bill Insurance Act 1938, LIC Act 1956 और IRDAI Act 1999 में संशोधन करता है।
परीक्षा तथ्य
- FDI सीमा में वृद्धि: 74% से 100%।
- मध्यस्थों पर अधिकतम जुर्माना: ₹10 करोड़।
- विदेशी पुनर्बीमा शाखाओं के लिए नेट ओन्ड फंड (net owned fund) की आवश्यकता ₹5,000 करोड़ से घटाकर ₹1,000 करोड़ की गई।
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